इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण
० आशा पटेल ० नई दिल्ली | इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के प्रमुख रामबहादुर राय ने कहा कि प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और सेवा की संस्थापक इला भट्ट की पुस्तक ‘महिलाएं, काम और शांति’ भाषणों का संकलन है लेकिन इसमें सिर्फ बोले हुए शब्द नहीं है। समाज के साथ दशकों तक जुड़े रहने से मिले अनुभवों का निचोड़ है। ये अनुभव उतने ही गहन और व्यापक हैं जितना कि हमारा आकाश। गांधीजी और कस्तूरबा जो प्रयोग महिलाओं के बीच करना चाहते थे, उसे इला भट्ट ने महिलाओं के बीच कर दिखाया और आगे बढ़ाया। इस पुस्तक में सिर्फ भारतीय महिलाओं की चिंता नहीं है, बल्कि दक्षिण-एशियाई महिलाओं की भी चिंता है। उन्होंने कहा कि माइक्रोफाइनेंस इला भट्ट की सबसे बड़ी देन है। वे दिमाग से कम और दिल से ज्यादा काम करती थीं। रामबहादुर राय ‘महिलाएं, काम और शांति’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में उन्होंने कहा, यह बहुत महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, इस अर्थ में कि अगर आपको अंधेरे से बाहर निकलना है, आप रोशनी की तलाश में हैं, तो यह पुस्तक टॉर्च की तरह, रोशनी की तरह, सूरज की किरण की तरह काम करेगी। कार्यक्रम का आयोजन इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्...