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साहित्य का दायित्व समाज के यथार्थ को सामने लाना है : नन्द भारद्वाज

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० आशा पटेल ०  जयपुर। कलमकार मंच और पिंकसिटी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में अनिल सक्सेना ‘ललकार’ (चित्तौड़गढ़) के आलेख संग्रह ‘21वीं सदी का राजस्थान साहित्यिक आंदोलन’, साधना जोशी ‘प्रधान’ (सुजानगढ़) के गीत-गीतिका संग्रह ‘ठूँठ पर खिले पलाश’ और इन्दु सिन्हा ‘इन्दु’ (रतलाम) के कहानी संग्रह ‘उन दिनों प्रेम’ का लोकार्पण साहित्यकार नंद भारद्वाज, दुर्गा प्रसाद अग्रवाल, फारूक अफरीदी, विनोद भारद्वाज, राजाराम भादू, लोकेंद्र कुमार सिंह ‘साहिल’, चरणसिंह पथिक, गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय, प्रेमचंद गांधी, कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश मीणा और महासचिव राजकुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने कहा कि किसी भी लेखक के लिए आत्मसमीक्षा अत्यंत आवश्यक है। लेखक को अपनी रचना का पहला और सबसे कठोर पाठक होना चाहिए। आत्मसमीक्षा के माध्यम से रचना अधिक परिष्कृत, संतुलित और प्रभावशाली बनती है तथा अनावश्यक सामग्री को हटाने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ आलोचक दुर्गा प्रसाद अ...

रजनीश जैन की पुस्तक ‘Quiet Excellence’ का विमोचन,नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर केंद्रित

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० संवाददाता द्वारा ०  नई दिल्ली : रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) रजनीश जैन की पुस्तक ‘Quiet Excellence: 52 Reflections on Work, Faith and What Truly Matters’ का दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित एक कार्यक्रम में विमोचन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योग जगत, शिक्षा, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। ओम बुक्स इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक जीवन, नेतृत्व, विश्वास और रोज़मर्रा के अनुभवों से जुड़ी 52 छोटी लेकिन अर्थपूर्ण सीखों, विचारों और अनुभवों का संग्रह है। पुस्तक इस बात पर जोर देती है कि जीवन और पेशेवर सफलता केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी आदतों, मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों से भी आकार लेती है। इस अवसर पर रजनीश जैन ने कहा, “हमारा समाज और हमारा राष्ट्र हमेशा से एक गहरी सामूहिक चेतना से प्रेरित रहा है। यही सामूहिक चेतना हमें जीवन में महत्वाकांक्षा और विनम्रता, कर्म और चिंतन, सफलता और अर्थ के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। यदि यह पुस्तक भारत की ...

पुस्तक “द ब्लड ओथ : द इनविज़िबल फ्रंट” का हुआ लोकार्पण

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By YOGESH BHATT. नई दिल्ली : लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित और ड्रीम पब्लिशर्स एवं गाइडिंग सन प्रेस द्वारा प्रकाशित उपन्यास “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” का लोकार्पण कुंज़ुम बुक स्टोर, नई दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बुक रिव्यू इंफ्लुएंसर गौरिका गांधी रहीं, जिन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन विश्व में संघर्ष, सत्ता और राजनीति की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाला उपन्यास बताया।  उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अपने रोमांचक कथानक और भावनात्मक गहराई के कारण पाठकों को अंत तक बांधे रखती है। लेखक नितेश मांगलिक ने उपन्यास के बारे में बताया कि “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” युद्ध को केवल राजनीतिक या कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उसके मानवीय प्रभावों, बलिदान और नैतिक दुविधाओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह कहानी गुप्त अभियानों, राजनीतिक चालों और कठिन निर्णयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर फैसला जीवन बदल देने वाला साबित हो सकता है।  लेखक के अनुसार, यह उपन्यास केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, परिवार, निष्ठा और त्याग की गहराई...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखी पुस्तक ‘अपनापन’ का 26 मई को होगा लोकार्पण

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के अनुभवों पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुस्तक ‘अपनापन’ लिखी हैं। शिवराज सिंह ने अपनी पुस्तक ‘अपनापन’ की घोषणा करते हुए कहा कि यह कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तीन दशक से अधिक के निकट सहयोग, संगठनात्मक जीवन, जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रसमर्पण के उन जीवंत अनुभवों का सार है, जिन्हें उन्होंने बहुत करीब से जिया है। पुस्तक का लोकार्पण 26 मई को नई दिल्ली स्थित NASC कॉम्प्लेक्स, पूसा में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा द्वारा किया जाएगा। चौहान ने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व, संवेदनशीलता और कार्यशैली को अधिक आत्मीयता से समझने का अवसर देगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह पुस्तक ‘अपनापन’ मेरे उन अनुभवों, भावनाओं, प्रेरणाओं और जीवन-मूल्यों को शब्द देती है, जिन्हें सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर में नरेंद्र मोदी के साथ रहते हुए महसूस किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनका साथ 35 वर्षों से भी...

बोगोटा विश्व पुस्तक मेले में“ब्लैक बोर्ड” बनी पाठकों की पसंद

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० इरफ़ान राही ०  नई दिल्ली,कोलंबिया में आयोजित बोगोटा विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया द्वारा इंडिया पवेलियन में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) की भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर हजारों पुस्तक प्रेमियों ने एनसीपीयूएल के स्टॉल का दौरा किया और उर्दू भाषा सीखने में गहरी रुचि व्यक्त की। मेले में बाल साहित्यकार डॉ. हबीब सैफी की पुस्तक “ब्लैक बोर्ड” आकर्षण का केंद्र बनी, जबकि उनकी एक अन्य चर्चित पुस्तक “मोबाइल खिलौना नहीं” भी परिषद के स्टॉल पर प्रदर्शित की गई। “ब्लैक बोर्ड” अपने विषय, सरल भाषा और शैक्षिक दृष्टिकोण के कारण पाठकों द्वारा काफी सराही गई। लेखक एवं साहित्यकार इरफ़ान राही के अनुसार “ब्लैक बोर्ड” एक उपयोगी और प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसमें विद्यालयों में प्रयुक्त ब्लैक बोर्ड का सरल एवं सहज भाषा में परिचय कराया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. हबीब सैफी ने इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक शैक्षिक सोच विकसित करने का सफल प्रयास किया है। पुस्तक का अध्ययन यह महसूस कराता है कि ब्लैक बोर्ड केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की बौद्धिक और र...

Ex.CM गहलोत ने किया 'आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू,इंदिरा और राजीव गाँधी' पुस्तक का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सिविल लाईन्स स्थित निवास पर स्व. डा.सत्यनारायण सिंह, पूर्व आई.ए.एस. द्वारा लिखें गये करीब 800 लेखों में से 37 चयनित लेखों का संकलन “आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू, इंदिरा और राजीव ’’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर अशोक गहलोत ने स्व. सत्यनारायण सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व. सत्यनारायण सिंह राष्ट्र सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहे। उनके प्रशासनिक सेवा काल में गरीब एवं असहाय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी हीलों हुज्जत के मिलता था। वे स्वयं क्षेत्र का दौरा करते समय वृद्ध एवं असहाय व्यक्तियों को देय पेंशन का आदेश मौके पर ही कर दिया करते थे। उनके डांग विकास बोर्ड के कार्यकाल में भी डांग क्षेत्र का बहुत अच्छा विकास हुआ।  वे समय समय देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में समसामयिक लेख लिखते रहते थे। उनके लेखों का यह संकलन निश्चित रूप से आधुनिक भारत के नागरिकों को देश के विकास में पं. नेहरू, इंदिरा और राजीव द्वारा किये गये कामों से अवगत करायेगा। यह उनके द्वारा पं. नेहरू, इंदिरा और र...

काव्य संग्रह अपराजिता का विमोचन

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० योगेश भट्ट ०  विक्रोली, मुंबई में रोमा झा के संयोजन में पुस्तक विमोचन का आयोजन किया गया। अपराजिता नामक काव्य संग्रह निकष प्रकाशन -अशोक सिंह सत्यवीर द्वारा प्रकाशित है कश्मीरा सिंह के संपादन में पाठकों तक यह पुस्तक पहुंची है। इस काव्य संग्रह में नौ कवयित्रियों कश्मीरा सिंह, डॉ विद्या रानी, डॉ मीरा झा, डॉ आभा पूर्वे, डॉ शोभा कुमारी,रूपम झा,रोमा झा, दामिनी चौधरी, उलूपी झा की रचनाएं हैं  पुस्तक में रोमा झा की रचना के साथ ही उनकी माता मीरा झा की भी रचना है जो स्वयं एक विदुषी महिला होने के साथ साहित्य प्रेमी थीं, विमोचन समारोह में पंडित सागर त्रिपाठी तथा पंडित पवन तिवारी , नंदलाल क्षितिज, कवयित्री तथा संचालिका पल्लवी रानी, रमाकांत ओझा पत्रकार लक्ष्मीकांत कमलनयन,  अमिताभ कुंदन,कृतायन पाण्डेय, वैष्णवी तिवारी तथा वरिष्ठ साहित्यकार, नीलांबरी फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ नीलिमा पाण्डेय की उपस्थिति रही कार्यक्रम आयोजन में रोमा झा और उनके पति रमन झा तथा पुत्र रोमेन रमन झा और पुत्रवधू अंकिता त्यागी ने मिलकर किया। 

स्पंदन महिला संस्थान ने किया 55 साहित्यकारों का सम्मान

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० आशा पटेल ०  जयपुर। पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित एक सम्मान समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों से आए 55 साहित्यकारों का सम्मान किया गया। स्पंदन महिला साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्थान जयपुर और “साहित्य समर्था”साहित्यिक पत्रिका द्वारा आयोजित साहित्यकार सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि दिल्ली की वरिष्ठ साहित्यकार व्यास सम्मान से सम्मानित चंद्रकांत थीं। सारस्वत अतिथि नन्द भारद्वाज, डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, प्रो. लाड कुमारी जैन,वरिष्ठ साहित्यकार फारूक आफ़रीदी,प्रो. अमला बत्रा रहीं। कार्यक्रम का आग़ाज़ डॉ. वर्षा गुप्ता की सरस्वती वंदना से किया गया। स्पंदन अध्यक्ष और साहित्य समर्था की संपादक नीलिमा टिक्कू ने बताया कि 2011से साहित्य समर्था पत्रिका एवं स्पंदन साहित्यकार सम्मान की शुरुआत हुई। जिसमें अ भा डॉ. कुमुद टिक्कू कहानी प्रतियोगिता पुरस्कार का आरम्भ हुआ इसके साथ ही शिक्षाविद् पृथ्वीनाथ भान साहित्य सम्मान , उपन्यास विधा सम्मान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में “स्पंदन शिखर सम्मान” मुम्बई की वरिष्ठ साहित्यकार सुधा अरोड़ा को और “स्पंदन विशिष्ट साहित्यकार सम्मान” जयपुर के डॉ.हेतु भारद...

“ब्लैक बोर्ड” पुस्तक का लोकार्पण “बाल साहित्य किसी भी भाषा के साहित्य को जीवित रखता है : शौकत

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० शादाब सैदपुरी ०  नई दिल्ली,राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के तत्वावधान में नगर निगम विद्यालय उर्दू मीडियम, हौज़ रानी, दिल्ली में साहित्यकार डॉ. हबीब सैफी की कृति “ब्लैकबोर्ड” का लोकार्पण आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल शौकत ने की, जबकि संचालन पत्रकार एवं शायर इरफ़ान राही सैदपुरी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में शाह हसन सैफी (रशियन एजुकेशन एडमिशन काउंसलर, नई दिल्ली) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ साहित्यकार हिदायत हुसैन बदायूँनी द्वारा अध्यक्ष के स्वागत एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर मज़हर अहमद (उर्दू विभाग, ज़ाकिर हुसैन कॉलेज, दिल्ली) ने बाल साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों का साहित्य किसी भी भाषा की उन्नति और संरक्षण का आधार होता है, और डॉ. हबीब सैफी की यह पुस्तक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. मोहम्मद मुईनुद्दीन (उर्दू विभाग, ज़ाकिर हुसैन कॉलेज) ने पुस्तक के साहित्यिक और वैचारिक पक्षों की सराहना की। डॉ. फ़ैज़ान उल हक (रिसर्च असिस्टेंट, एनसीपीयूएल) ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य म...

युवा क्लाइमेट चेंजमेकर 'द एफर्ट 'की लेखिका अव्याना मेहता

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० आशा पटेल ०  जयपुर। जयपुर की 16 वर्षीय अव्याना मेहता एक उभरती हुई लेखिका, सोशल एंटरप्रेन्योर और एनवायरमेंटल एडवोकेट के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं। वह 'प्लास्टिक2बिल्ड' की संस्थापक हैं, जो एक युवा-नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है और 17 से अधिक स्थानों पर सक्रिय है। इस पहल के माध्यम से 3,000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक को पुनः उपयोग में लाया है और इस पहल के साथ 150 से अधिक वॉलंटियर्स को जोड़ा है। उनकी पहली पुस्तक 'द एफर्ट' में उन्होंने सस्टेनेबल व्यवसायों और गैर-सरकारी संगठनों की प्रेरणादायक यात्राओं को सीईओ और विभिन्न चेंजमेकर्स के साथ संवाद के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में उनके प्रयासों को दर्शाता है।  अव्याना ‘सस्टैनिफाई360’ नाम से एक पॉडकास्ट होस्ट करती हैं। इसके साथ ही वह ‘प्लास-स्टिक’ नामक एक रिसर्च पहल का नेतृत्व कर रही हैं, जिसमें इमली-आधारित फिल्टर विकसित किए जा रहे हैं, जो पानी से माइक्रोप्लास्टिक को हटाने में सहायक हैं। इसके अतिरिक्त, वह ‘ग्रीनलिंक’ नामक सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंसी...

इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली | इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के प्रमुख रामबहादुर राय ने कहा कि प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और सेवा की संस्थापक इला भट्ट की पुस्तक ‘महिलाएं, काम और शांति’ भाषणों का संकलन है लेकिन इसमें सिर्फ बोले हुए शब्द नहीं है। समाज के साथ दशकों तक जुड़े रहने से मिले अनुभवों का निचोड़ है। ये अनुभव उतने ही गहन और व्यापक हैं जितना कि हमारा आकाश। गांधीजी और कस्तूरबा जो प्रयोग महिलाओं के बीच करना चाहते थे, उसे इला भट्ट ने महिलाओं के बीच कर दिखाया और आगे बढ़ाया। इस पुस्तक में सिर्फ भारतीय महिलाओं की चिंता नहीं है, बल्कि दक्षिण-एशियाई महिलाओं की भी चिंता है। उन्होंने कहा कि माइक्रोफाइनेंस इला भट्ट की सबसे बड़ी देन है। वे दिमाग से कम और दिल से ज्यादा काम करती थीं। रामबहादुर राय ‘महिलाएं, काम और शांति’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में उन्होंने कहा, यह बहुत महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, इस अर्थ में कि अगर आपको अंधेरे से बाहर निकलना है, आप रोशनी की तलाश में हैं, तो यह पुस्तक टॉर्च की तरह, रोशनी की तरह, सूरज की किरण की तरह काम करेगी। कार्यक्रम का आयोजन इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्...

श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम के तत्वाधान में कवियों ने काव्यमय फुआरों से सभी को भिगोया

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था, अयोध्याधाम के तत्वावधान में पावन पर्व महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर एक ऑनलाइन काव्य-समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं साहित्यिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भगवान गणेश के स्मरण से हुआ।सरस्वती वंदना का ओजस्वी काव्यपाठ मनोज मंजुल ओज (कासगंज, उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया,   गणेश वंदना अंजना दिलीप दास (बसना, छत्तीसगढ़) ने प्रस्तुत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक गोयल ‘चक्रवर्ती’ तथा मुख्य अतिथि के रूप में बीना गोयल की उपस्थिति रही। उनके प्रेरणादायी विचारों ने साहित्यकारों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का संचालन पूनम चौधरी एवं मनोज महतो ने किया। काव्य-पाठ में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिवभक्ति, जीवन-मूल्य और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। इनमें मनोज मंजुल ओज, शशिकला पांडेय (भिलाई, छत्तीसगढ़), सुषमा भंडारी  नई दिल्ली,  अरविन्द कुमार 'अनोखे' (उन्नाव, उत्तर प्रदेश), डॉ. राम अवतार शर्मा ‘राम’ (बाड़ी, राजस्थान), अवधेश कुमार श...

चित्रकार चंद्रप्रकाश की पुस्तक शौर्य और शहादत को सलाम का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। कलमकार मंच के तत्वावधान में राजस्थान चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में सुप्रसिद्ध चित्रकार चंद्रप्रकाश गुप्ता की पुस्तक “शौर्य और शहादत को सलाम” का लोकार्पण किया गया। यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सामूहिक स्मृति का भावपूर्ण उत्सव सा बन उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि शहीदों के चित्र बनाकर उन्हें उनके परिजनों को भेंट करना चंद्रप्रकाश गुप्ता का अत्यंत स्तुत्य, संवेदनशील और अनुकरणीय कार्य है। आज के समय में जब हम आज़ाद, भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को धीरे-धीरे भुलाते जा रहे हैं, ऐसे निष्ठुर और उपभोक्तावादी माहौल में चंद्रप्रकाश गुप्ता का यह रचनात्मक कर्म अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। राजेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी लोभ-लालच के निस्वार्थ भाव से एक अकेला कलाकार पिछले कई दशकों से इस “महायज्ञ” में निरंतर आहुति दे रहा है यह अपने आप में हमारे सामाजिक और नैतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद...

लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित उपन्यास “द ब्लड ओथ” का लोकार्पण

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित और ड्रीम पब्लिशर्स एवं गाइडिंग सन प्रेस द्वारा प्रकाशित उपन्यास “द ब्लड ओथ” का लोकार्पण प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यश्वी बग्गा रहीं, जिन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन विश्व में संघर्ष, सत्ता और राजनीति की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाला उपन्यास बताया। लेखक नितेश मांगलिक गाइडिंग सन प्रेस के सह-संस्थापक ने उपन्यास की प्रेरणा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि द ब्लड ओथ युद्ध को केवल राजनीतिक या कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उसके मानवीय प्रभावों, बलिदान और नैतिक दुविधाओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह कहानी गुप्त अभियानों, राजनीतिक चालों और कठिन निर्णयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर फैसला जीवन बदल देने वाला साबित हो सकता है। यह उपन्यास केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, परिवार, निष्ठा और त्याग की गहराई को भी दर्शाता है। आसन्न युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित यह उपन्यास पाठकों को एक थ्रिलर की दुनिया में ले जाता है, जहाँ दुश्मन आम चेहरों के प...

स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक "निद्राएँ” का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर : प्रसिद्ध लेखक स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक “निद्राएँ” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राहुल गौतम (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, शीला फोम लिमिटेड), विशिष्ट अतिथि अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राजस्थान वित्त आयोग) तथा महेश डंगायच ( पिंकसिटी फर्निशिंग प्राइवेट लिमिटेड ) उपस्थित रहे। पुस्तक “निद्राएँ” नींद, स्वास्थ्य एवं जागरूकता के कला एवं विज्ञान पर आधारित कृति है। इस पुस्तक में मनुष्य के जीवन में नींद के महत्व को सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया कि स्वस्थ नींद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है, और यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता तथा जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है। पुस्तक के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि यदि व्यक्ति नींद और स्वास्थ्य के महत्व को समझकर अपनी दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित करे, तो वह अपने समय, ऊर्जा और क्षमताओं का सर्वोत्तम...

डॉ सर्वेश उनियाल और हरीश भट्ट की ट्रेवलर्स हैण्ड बुक " प्रकृति पथ-नन्दा पथ का लोकार्पण

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली : विश्व पुस्तक मेला के लेखक मंच में डॉ सर्वेश उनियाल और हरीश भट्ट की ट्रेवलर्स हैण्ड बुक " प्रकृति पथ-नन्दा पथ का लोकार्पण किया गया तथा नन्दा देवी राजजात 2026 पर परिचर्चा की गई। प्रकृति पथ -नन्दा पथ का लोकार्पण दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कालेज की प्राचार्या प्रो.रमा,उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी के पूर्व उप निदेशक निशीथ कुमार,  हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी, शिक्षाविद व गढ़वाल हितैषिणी सभा, दिल्ली के महासचिव पवन कुमार मैठानी और पूना महाराष्ट्र से आए हिमालयन ट्रेवलर रामचन्द्र बाबू राव जगताप द्वारा किया गया। विनसर प्रकाशन और लेखक गांव के संयुक्त तत्वावधान में प्रकाशित प्रकृति पथ नन्दा पथ के लोकार्पण समारोह में गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र के निदेशक गणी ने कहा कि नन्दा राजजात हिमालयी क्षेत्र की 280 किमी लम्बी यात्रा है। हर बारह साल में होने वाली यह यात्रा इस वर्ष आयोजित होगी। गांव,जंगल,दर्रा और ग्लेशियरों से होने वाली यह यात्रा ब...

जगदीप सिंह की 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' पुस्तक का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर । जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में एएएफ बागान वेन्यू पर 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' शीर्षक से लिटरेरी आयोजन हुआ। इस सेशन में जगदीप सिंह ने सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक, स्वाति वशिष्ठ के साथ संवाद किया।  इस अवसर पर जगदीप सिंह द्वारा लिखित उनके नए पोएट्री कलेक्शन, 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन लेखक और कल्चरिस्ट संदीप भूतोड़िया ने फेस्टिवल को-डायरेर नमिता गोखले और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, संजॉय के. रॉय के साथ मिलकर किया। जगदीप सिंह ने अपनी कविता के फिलॉसॉफिकल और इमोशनल पहलुओं के बारे में बात की, जिसमें विश्वास, पहचान और तेज़ी से बदलती दुनिया में मानवीय हालत जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने बताया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उनके अनुभवों और आत्मचिंतन से उपजी कविताएं है, जहां कविता उनके लिए मौन, आस्था और व्यक्तिगत सच से संवाद करने का माध्यम बन जाती है। स्वाति वशिष्ठ ने चर्चा समकालीन समय में कविता की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की कविता किस तरह ईश्वर से हटकर व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक सच्चाइयो...

नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो

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० शेख अब्दुल वहाब ०  नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो नई उमंग नया उल्लास हो नया उत्साह जीवन भर हो नव तरंग मन में दूर हो दुःख दूर वेदनाएं, विपदाएं हो विमुख केवल श्रम से प्राप्त सुख हो मुख पर न हो मुखौटा झूठा मानव मन का शुद्ध हो जीवन अनूठा परनिर्भर नहीं आत्म निर्भर हो जन त्यागे स्वार्थ को अपना उपकार परोपकार परमार्थ जानें ईश्वर में हो आस्था छल कपट का भाव न हो ममता - मनुष्यता का अभाव न हो हिंसा को कर नकार अहिंसा को अपनाएं बना रहे जन मन में यह भाव अक्षुण्ण हो सांप्रदायिक सद्भाव कभी न घेरे निराशा घन आलोडित हों आशाएं मन धीरज धरे मन सदा, सकारात्मक जीवन हो l नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो -०-

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। जयपुर में जवाहर नगर, सेक्टर-5, स्थित विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र के तत्वावधान में कीर्ति शेष स्वतंत्रता सेनानी और सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’ व अन्य चयनित कविताओं का अंग्रेजी रूपान्तरण ‘खूब लड़ी मर्दानी’ शीर्षक से केन्द्र के अध्यक्ष और ख्यातनाम साहित्यकार, विद्वान व कवि डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ द्वारा प्रणीत व सद्यः प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के महामंत्री व विद्यालय के निदेशक किशन मित्तल द्वारा मंचासीन अतिथियों, पुस्तक के लेखक डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’, जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी, एम.डी.ए. के निदेशक व प्रसिद्ध मोटीवेटर प्रो. रमेश के. अरोरा, केन्द्र के उपाध्यक्ष विष्णु प्रकाश बड़ाया तथा रिटायर्ड ले. जनरल डॉ. शिवराम मेहता का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा सुमधुर वाणी में ‘हे ज्योति पुंज तुमको नमन्’ प्रार्थना गीत की प्रस्तुति की गई। लोकार्पित पुस्तक के इस सा...

तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर में हुआ

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली :  तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर लोदी एस्टेट में हुआ।  साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था आधान्तरा भारतीय एव प्रवासी साहित्यकारों के बीच सेतु बन कर हिंदी के प्रति वैश्विक दृष्टि विकसित करती रही है। भारतीय डायस्पोरा के प्रवासी साहित्यकारों के व्यक्तित्व और साहित्य से अपने पाठकों ओर दर्शकों का परिचय कराती रही है। प्रवासी साहित्यकारों के साहित्य को हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतनशील रहती है। संगोष्ठी में अमेरिका से पहुंची सुषमा मल्होत्रा की उपस्थिति इसी शृंखला की अगली कड़ी थी। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इसके तीन धरातलीय रूप दिखाई देंगे। अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ एवं साहित्य, हिंदी नाटक का नया रूप ओर काव्य तथा समागम जिसमें भारतीय ओर प्रवासी कवि और साहित्य ,रसिक,कविताओं,गीतों, गजलों,की प्रस्तुति का आस्वादन कर सकेंगे। आयोजक की सूत्रधार त्रि मासिक पत्रिका शतरूपा की संपादक , नाटककार एव रंगकर्मी डॉ माधुरी सुबोध के नाटक तेनामीरामन का वाचन ओर लोकार्पण तथा उस पर वैश्विक विचार, मंचन विशेष उल्ले...