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इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली | इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के प्रमुख रामबहादुर राय ने कहा कि प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और सेवा की संस्थापक इला भट्ट की पुस्तक ‘महिलाएं, काम और शांति’ भाषणों का संकलन है लेकिन इसमें सिर्फ बोले हुए शब्द नहीं है। समाज के साथ दशकों तक जुड़े रहने से मिले अनुभवों का निचोड़ है। ये अनुभव उतने ही गहन और व्यापक हैं जितना कि हमारा आकाश। गांधीजी और कस्तूरबा जो प्रयोग महिलाओं के बीच करना चाहते थे, उसे इला भट्ट ने महिलाओं के बीच कर दिखाया और आगे बढ़ाया। इस पुस्तक में सिर्फ भारतीय महिलाओं की चिंता नहीं है, बल्कि दक्षिण-एशियाई महिलाओं की भी चिंता है। उन्होंने कहा कि माइक्रोफाइनेंस इला भट्ट की सबसे बड़ी देन है। वे दिमाग से कम और दिल से ज्यादा काम करती थीं। रामबहादुर राय ‘महिलाएं, काम और शांति’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में उन्होंने कहा, यह बहुत महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, इस अर्थ में कि अगर आपको अंधेरे से बाहर निकलना है, आप रोशनी की तलाश में हैं, तो यह पुस्तक टॉर्च की तरह, रोशनी की तरह, सूरज की किरण की तरह काम करेगी। कार्यक्रम का आयोजन इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्...

श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम के तत्वाधान में कवियों ने काव्यमय फुआरों से सभी को भिगोया

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था, अयोध्याधाम के तत्वावधान में पावन पर्व महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर एक ऑनलाइन काव्य-समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं साहित्यिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भगवान गणेश के स्मरण से हुआ।सरस्वती वंदना का ओजस्वी काव्यपाठ मनोज मंजुल ओज (कासगंज, उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया,   गणेश वंदना अंजना दिलीप दास (बसना, छत्तीसगढ़) ने प्रस्तुत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक गोयल ‘चक्रवर्ती’ तथा मुख्य अतिथि के रूप में बीना गोयल की उपस्थिति रही। उनके प्रेरणादायी विचारों ने साहित्यकारों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का संचालन पूनम चौधरी एवं मनोज महतो ने किया। काव्य-पाठ में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिवभक्ति, जीवन-मूल्य और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। इनमें मनोज मंजुल ओज, शशिकला पांडेय (भिलाई, छत्तीसगढ़), सुषमा भंडारी  नई दिल्ली,  अरविन्द कुमार 'अनोखे' (उन्नाव, उत्तर प्रदेश), डॉ. राम अवतार शर्मा ‘राम’ (बाड़ी, राजस्थान), अवधेश कुमार श...

चित्रकार चंद्रप्रकाश की पुस्तक शौर्य और शहादत को सलाम का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। कलमकार मंच के तत्वावधान में राजस्थान चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में सुप्रसिद्ध चित्रकार चंद्रप्रकाश गुप्ता की पुस्तक “शौर्य और शहादत को सलाम” का लोकार्पण किया गया। यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सामूहिक स्मृति का भावपूर्ण उत्सव सा बन उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि शहीदों के चित्र बनाकर उन्हें उनके परिजनों को भेंट करना चंद्रप्रकाश गुप्ता का अत्यंत स्तुत्य, संवेदनशील और अनुकरणीय कार्य है। आज के समय में जब हम आज़ाद, भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को धीरे-धीरे भुलाते जा रहे हैं, ऐसे निष्ठुर और उपभोक्तावादी माहौल में चंद्रप्रकाश गुप्ता का यह रचनात्मक कर्म अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। राजेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी लोभ-लालच के निस्वार्थ भाव से एक अकेला कलाकार पिछले कई दशकों से इस “महायज्ञ” में निरंतर आहुति दे रहा है यह अपने आप में हमारे सामाजिक और नैतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद...

लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित उपन्यास “द ब्लड ओथ” का लोकार्पण

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित और ड्रीम पब्लिशर्स एवं गाइडिंग सन प्रेस द्वारा प्रकाशित उपन्यास “द ब्लड ओथ” का लोकार्पण प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यश्वी बग्गा रहीं, जिन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन विश्व में संघर्ष, सत्ता और राजनीति की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाला उपन्यास बताया। लेखक नितेश मांगलिक गाइडिंग सन प्रेस के सह-संस्थापक ने उपन्यास की प्रेरणा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि द ब्लड ओथ युद्ध को केवल राजनीतिक या कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उसके मानवीय प्रभावों, बलिदान और नैतिक दुविधाओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह कहानी गुप्त अभियानों, राजनीतिक चालों और कठिन निर्णयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर फैसला जीवन बदल देने वाला साबित हो सकता है। यह उपन्यास केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, परिवार, निष्ठा और त्याग की गहराई को भी दर्शाता है। आसन्न युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित यह उपन्यास पाठकों को एक थ्रिलर की दुनिया में ले जाता है, जहाँ दुश्मन आम चेहरों के प...

स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक "निद्राएँ” का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर : प्रसिद्ध लेखक स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक “निद्राएँ” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राहुल गौतम (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, शीला फोम लिमिटेड), विशिष्ट अतिथि अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राजस्थान वित्त आयोग) तथा महेश डंगायच ( पिंकसिटी फर्निशिंग प्राइवेट लिमिटेड ) उपस्थित रहे। पुस्तक “निद्राएँ” नींद, स्वास्थ्य एवं जागरूकता के कला एवं विज्ञान पर आधारित कृति है। इस पुस्तक में मनुष्य के जीवन में नींद के महत्व को सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया कि स्वस्थ नींद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है, और यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता तथा जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है। पुस्तक के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि यदि व्यक्ति नींद और स्वास्थ्य के महत्व को समझकर अपनी दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित करे, तो वह अपने समय, ऊर्जा और क्षमताओं का सर्वोत्तम...

डॉ सर्वेश उनियाल और हरीश भट्ट की ट्रेवलर्स हैण्ड बुक " प्रकृति पथ-नन्दा पथ का लोकार्पण

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली : विश्व पुस्तक मेला के लेखक मंच में डॉ सर्वेश उनियाल और हरीश भट्ट की ट्रेवलर्स हैण्ड बुक " प्रकृति पथ-नन्दा पथ का लोकार्पण किया गया तथा नन्दा देवी राजजात 2026 पर परिचर्चा की गई। प्रकृति पथ -नन्दा पथ का लोकार्पण दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कालेज की प्राचार्या प्रो.रमा,उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी के पूर्व उप निदेशक निशीथ कुमार,  हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी, शिक्षाविद व गढ़वाल हितैषिणी सभा, दिल्ली के महासचिव पवन कुमार मैठानी और पूना महाराष्ट्र से आए हिमालयन ट्रेवलर रामचन्द्र बाबू राव जगताप द्वारा किया गया। विनसर प्रकाशन और लेखक गांव के संयुक्त तत्वावधान में प्रकाशित प्रकृति पथ नन्दा पथ के लोकार्पण समारोह में गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र के निदेशक गणी ने कहा कि नन्दा राजजात हिमालयी क्षेत्र की 280 किमी लम्बी यात्रा है। हर बारह साल में होने वाली यह यात्रा इस वर्ष आयोजित होगी। गांव,जंगल,दर्रा और ग्लेशियरों से होने वाली यह यात्रा ब...

जगदीप सिंह की 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' पुस्तक का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर । जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में एएएफ बागान वेन्यू पर 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' शीर्षक से लिटरेरी आयोजन हुआ। इस सेशन में जगदीप सिंह ने सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक, स्वाति वशिष्ठ के साथ संवाद किया।  इस अवसर पर जगदीप सिंह द्वारा लिखित उनके नए पोएट्री कलेक्शन, 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन लेखक और कल्चरिस्ट संदीप भूतोड़िया ने फेस्टिवल को-डायरेर नमिता गोखले और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, संजॉय के. रॉय के साथ मिलकर किया। जगदीप सिंह ने अपनी कविता के फिलॉसॉफिकल और इमोशनल पहलुओं के बारे में बात की, जिसमें विश्वास, पहचान और तेज़ी से बदलती दुनिया में मानवीय हालत जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने बताया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उनके अनुभवों और आत्मचिंतन से उपजी कविताएं है, जहां कविता उनके लिए मौन, आस्था और व्यक्तिगत सच से संवाद करने का माध्यम बन जाती है। स्वाति वशिष्ठ ने चर्चा समकालीन समय में कविता की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की कविता किस तरह ईश्वर से हटकर व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक सच्चाइयो...

नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो

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० शेख अब्दुल वहाब ०  नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो नई उमंग नया उल्लास हो नया उत्साह जीवन भर हो नव तरंग मन में दूर हो दुःख दूर वेदनाएं, विपदाएं हो विमुख केवल श्रम से प्राप्त सुख हो मुख पर न हो मुखौटा झूठा मानव मन का शुद्ध हो जीवन अनूठा परनिर्भर नहीं आत्म निर्भर हो जन त्यागे स्वार्थ को अपना उपकार परोपकार परमार्थ जानें ईश्वर में हो आस्था छल कपट का भाव न हो ममता - मनुष्यता का अभाव न हो हिंसा को कर नकार अहिंसा को अपनाएं बना रहे जन मन में यह भाव अक्षुण्ण हो सांप्रदायिक सद्भाव कभी न घेरे निराशा घन आलोडित हों आशाएं मन धीरज धरे मन सदा, सकारात्मक जीवन हो l नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो -०-

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। जयपुर में जवाहर नगर, सेक्टर-5, स्थित विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र के तत्वावधान में कीर्ति शेष स्वतंत्रता सेनानी और सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’ व अन्य चयनित कविताओं का अंग्रेजी रूपान्तरण ‘खूब लड़ी मर्दानी’ शीर्षक से केन्द्र के अध्यक्ष और ख्यातनाम साहित्यकार, विद्वान व कवि डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ द्वारा प्रणीत व सद्यः प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के महामंत्री व विद्यालय के निदेशक किशन मित्तल द्वारा मंचासीन अतिथियों, पुस्तक के लेखक डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’, जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी, एम.डी.ए. के निदेशक व प्रसिद्ध मोटीवेटर प्रो. रमेश के. अरोरा, केन्द्र के उपाध्यक्ष विष्णु प्रकाश बड़ाया तथा रिटायर्ड ले. जनरल डॉ. शिवराम मेहता का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा सुमधुर वाणी में ‘हे ज्योति पुंज तुमको नमन्’ प्रार्थना गीत की प्रस्तुति की गई। लोकार्पित पुस्तक के इस सा...

तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर में हुआ

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली :  तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर लोदी एस्टेट में हुआ।  साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था आधान्तरा भारतीय एव प्रवासी साहित्यकारों के बीच सेतु बन कर हिंदी के प्रति वैश्विक दृष्टि विकसित करती रही है। भारतीय डायस्पोरा के प्रवासी साहित्यकारों के व्यक्तित्व और साहित्य से अपने पाठकों ओर दर्शकों का परिचय कराती रही है। प्रवासी साहित्यकारों के साहित्य को हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतनशील रहती है। संगोष्ठी में अमेरिका से पहुंची सुषमा मल्होत्रा की उपस्थिति इसी शृंखला की अगली कड़ी थी। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इसके तीन धरातलीय रूप दिखाई देंगे। अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ एवं साहित्य, हिंदी नाटक का नया रूप ओर काव्य तथा समागम जिसमें भारतीय ओर प्रवासी कवि और साहित्य ,रसिक,कविताओं,गीतों, गजलों,की प्रस्तुति का आस्वादन कर सकेंगे। आयोजक की सूत्रधार त्रि मासिक पत्रिका शतरूपा की संपादक , नाटककार एव रंगकर्मी डॉ माधुरी सुबोध के नाटक तेनामीरामन का वाचन ओर लोकार्पण तथा उस पर वैश्विक विचार, मंचन विशेष उल्ले...

ग़ज़ल

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० मुहम्मद नासिर ०  ले के इन बातों का कुछ भी ना असर हो गए हो आप कितने बे खबर आ रहा है दूर से तूफान इक किस तरह से अब बचेगा यह शहर? देखना है इस सफर के बाद मे ले के जायेगा मुक़द्दर अब किधर ? देखता हूँ उस पे मेरी बात का हो रहा है थोडा थोडा सा असर! रात के गहरे अंधेरे देख ले मुस्कुराती आ गई फिर से सहर गम खुशी के आते जाते खेल में जिंदगी होती रही यूँ ही बसर केसे बतलाएगा नासिर आज, कि दिख रहा क्यों चाँद इतना बे असर

अलका सक्सेना की पुस्तक ‘अब जब बात निकली है’ का विमोचन

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० आशा पटेल ०  जयपुर|. सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की पूर्व अतिरिक्त निदेशक और लेखिका अलका सक्सेना की पुस्तक ‘अब जब बात निकली है’ का विमोचन झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति, जयपुर के सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविन्द पारीक, पूर्व जनसम्पर्क आयुक्त सुनील शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र बोड़ा, गुलाब बत्रा और महेश शर्मा ने पुस्तक का विमोचन किया।  पुस्तक पर वक्ताओं ने कहा कि यह कृति न केवल संवेदनशील अभिव्यक्तियों का संकलन है, बल्कि इसमें जीवन के गहरे अनुभवों की झलक मिलती है। साथ ही मनुष्य को बेहतर मनुष्य बनाने को प्रेरित करती हैं। वक्ताओं ने लेखिका के रचनात्मक और प्रेरणादायक कार्य की सराहना करते हुए कहा, यह कृति केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि एक दृष्टि और एक दर्शन है। उन्होंने कहा जीवन हमें यह सिखाता है कि जनसम्पर्क केवल पुस्तकों तक सीमित ज्ञान नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है।  पुस्तक लेखक अलका सक्सेना की यह पुस्तक न केवल ज्ञानवर्धक है,बल्कि हमें सोचने के लिए प्रेरित करती है। इस अवसर पर मुख्य अ...

नए ज़माने की हवा

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० मुहम्मद नासिर ०  नए ज़माने की हवा से हम बड़े परेशान क़दम क़दम पर करती हैं यह हम को हैरान। हवा हमेशा से चलती है फूल, कली इस से खिलती है। लेकिन यह जो ज़माना इसकी हवा निराली है इसने फेस बुक और मैसेंजर या हू, ट्विटर् और व्हाट्स एप के चिड़िया संग मे पाली है। इस चिड़िया की चल तेज है और इशारा खूं रेज़ है। यह सब को बहलती है उस जग में ले जाती है जिस मे सब कुछ थमा हुआ है और ज़माना रुका हुआ है। वक़्त की यह बर्बादी है चिड़िया फिर भी प्यारी है।

पुराने दोस्त से मुलाकात

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० मुहम्मद नासिर ०  आज एक दावत में उस पुराने दोस्त से मुलाक़ात हो गई जो बचपन के बहतरीन दिनों का साथी था जिस से सुबह ओ शाम का कभी ना टूटने वाला नाता था और बचपन और आती जवानी का साथ हम दोनो ने साथ गुजारा था। फिर वक़्त ने करवट ली जिंदगी बदली वो ना जाने कहाँ और में ना जाने कहाँ इस भरी दुनिया में खो गए एक दुस्ते से जुदा हो गए। आज इस मुलाक़ात ने वक़्त को माज़ी की गोद से उठा कर हमारे पहलू मे बिठा दिया है। हमे हमारा बचपन फिर से लौटा दिया है। हम मुस्कुरा रहे हैं एक दूसरे को अपनी जिंदगी के वाकियात बता रहे हैं और यह कसम खा रहे हैं " हमेशा मिलते रहेंगे और जिंदगी को ढलती उम्र में जवान बनाए रखेंगे"

अहसास

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०  मुहम्मद नासिर ०  आज मोहताज चार कंधों का शान से जो जमीं पे चलता था छोड़ कर यह जहान जायेंगें यह कभी ना समझता था। यही गफलत सभी पे छाई है बे खुदी किस तरह से आई है जानते सब हैं मौत आनी है जान हर एक शेह की जानी है फिर भी वो काम करते जाते हैं जो दिलों को बहुत दुखाते हैं। काश, अहसास जाग जाए तेरा दिल का शैतान भाग जाए तेरा।

भैया भिंडी क्या भाव है

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  ० आरिफ जमाल ०  महिला सब्ज़ी वाले से - भैया भिंडी क्या भाव है ? सब्ज़ी वाला - चालीस रुपये किलो।  महिला - आधा किलो  सब्ज़ी वाला - आधा किलो पच्चीस रुपये की है  महिला - अच्छा एक पाँव दे दो,अच्छा स्केनर है ? अब सब्ज़ी वाले का मुंह देखने लायक था। 

मैंने कैंसर को जीत लिया” पुस्तक का केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया विमोचन

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० नूरुद्दीन अंसारी ०  नई दिल्ली : इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ.पलकोंडा विजय आनंद रेड्डी की पुस्तक “मैंने कैंसर को जीत लिया” (I Am a Cancer Survivor) का विमोचन किया गया। यह पुस्तक कैंसर से उबर चुके 108 लोगों की प्रेरक वास्तविक कहानियों का संग्रह है जिनमें से प्रत्येक कहानी असाधारण साहस, दृढ़ संकल्प और निराशा पर आशा की विजय को दर्शाती है। इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक आशा और दृढ़ता की किरण है। इसकी हर कहानी मानवीय भावना की शक्ति और शीघ्र पहचान व जागरूकता के महत्व का सशक्त उदाहरण है। इन प्रेरक यात्राओं को एक साथ लाने के लिए डॉ. विजय आनंद रेड्डी का प्रयास अनगिनत रोगियों और उनके परिवारों को यह विश्वास दिलाएगा कि कैंसर को हराया जा सकता है। अपोलो हॉस्पिटल्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि यह प्रत्येक रोगी में विश्वास, शक्ति और सम्मान बहाल करने का प्रयास है। यह पुस्तक उस दृढ़ता की सशक्त याद दिलाती है जो ...

ग़ज़ल

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० मुहम्मद नासिर ०  बात को पहले समझना चाहिए बे वजह यूँ हीं ना हंसना चाहिए महफिलों में मस्त रहने वाले सुन कुछ लँम्हे तन्हा भी रहना चाहिए होती है तकलीफ सब हैं मानते दर्द को थोड़ा तो सहना चाहिए एक तरफा बात के माहौल में आपको भी कुछ तो कहना चाहिए कर के जाया क़ीमती लम्हात को आज नासिर को ना रोना चाहिए

नीलांबरी फाउंडेशन द्वारा मुंबई में कवयित्री समागम

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० योगेश भट्ट ०   मुंबई यूनिवर्सिटी के शंकरराव चव्हाण शिक्षण-प्रशिक्षण अकादमी भवन, सांताक्रुज,कलीना में कवयित्री सम्मेलन किया गया जिसमें देश की कवयित्रियों ने हिस्सा लिया एटा लखनऊ से आईं मुख्य अतिथि डॉ शैलजा दूबे ने अपनी प्रस्तुति से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया तथा सभी कवयित्रियों ने भावपूर्ण रचनाएं सुनाईं  रचना पाठ करने वालों में रोमा झा तथा डॉ सुषमा शुक्ला की नई कलम ने प्रभावी रचना सुनाई। प्रसिद्ध कवयित्री तथा संस्कृत की शिक्षिका प्रमिला शर्मा को नीलांबरी फाउंडेशन का उपाध्यक्ष घोषित किया गया इसी क्रम में डाॅ प्रमोद पल्लवित द्वारा डॉ नीलिमा पाण्डेय को राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच का महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया,उपस्थित लोग में मुख्य रूप से थे सिने कलाकार, कवयित्री, उद्घोषिका श्रुति भट्टाचार्य,अलका पाण्डेय,रेखा किंगर, अलका पाण्डेय, प्रोमिला शुक्ला, पल्लवी रानी,  लक्ष्मी यादव,उषा मधु लक्ष्मी गुप्ता,सुषमा तिवारी,उषा साहू, मनीषा श्रेयसी, अर्चना वर्मा सिंह,किरण मिश्रा, कविता पटेल, शशिकला पटेल, विद्या शर्मा, नताशा गिरी, वैष्णवी तिवारी,कृतायन पाण्डेय डॉ कृपाशंक...

नन्ही परी

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० मुहम्मद  नासिर ०  गोदी मे खेलती हुई नन्ही सी इक परी युं बन गई है जान मेरी जिस के बिन कभी मै रहना चाहूँ रह ना सकूँ उसके बिन मुझे लगता कि जिंदगी मेरी बे जान हो गई नन्ही परी तु केसे मेरी जान हो गई। हर सम्त गूंजती हैं तेरी मुस्कुराहटें दिन रात बड रही हैं मेरे घर की रोनखें। तो रोती है तो लगता कलेजा मेरा कटे ये दिल अजीब दर्द मे तेरे तड़प पड़े। तेरी अदाओं में मेरी जन्नत है बस रही दुनिया की हर खुशी मेरे हमराह चल रही।