संदेश

जियो आईपीओ ने बनाया रिकॉर्ड, एंकर इन्वेस्टर्स ने खेला ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव

चित्र
० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर दिग्गज निवेशकों ने बड़ा दांव खेला है। ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इंस्टीट्यूशनल डिमांड आई। यानी जितने शेयर एंकर निवेशकों के लिए रखे गए थे, उसके मुकाबले मांग 30 गुना से भी ज्यादा रही। भारतीय आईपीओ इतिहास में पहली बार किसी इश्यू की इंस्टीट्यूशनल डिमांड ने ₹2.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया है। इस रिकॉर्ड डिमांड की एक और खास बात है, जियो पर भरोसा जताने वालों की लिस्ट। इनमें वे संस्थान शामिल हैं, जिनके पास आम निवेशक अपनी बचत और निवेश का बड़ा हिस्सा सौंपते हैं। एलआईसी के साथ एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और निप्पॉन म्यूचुअल फंड जैसे बड़े घरेलू नाम एंकर बुक में शामिल हुए। वहीं ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट और एलियांज जैसे ग्लोबल दिग्गजों ने भी भागीदारी की। सिर्फ म्यूचुअल फंड ही नहीं, लंबी अवधि के निवेशक भी जियो के साथ खड़े दिखे। जीआईसी, एडीआईए, क्यूआईए और नॉर्गेस जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ कै...

बिन तेरे मेरे प्रभु, नहीं मेरी पहचान

चित्र
०  सुषमा भंडारी ०  है जिसमे तेरी रजा, उसमे मेरी शान । बिन तेरे मेरे प्रभु, नहीं मेरी पहचान।। हिय हर्षित हो कह रहा, आओ बिराजो नाथ। तुम्हरे ही आशीष से जीवन मे प्रभात।। लिप्त हुआ संसार में, मोह माया का फेर। सब कुछ तेरे हाथ में, हम माटी का ढेर।। पूर्ण समर्पण हो जहाँ, वहीं आस- विश्वास। जिस दिल मे राघव बसे, चहुँदिस है उल्लास।। राघव तेरा द्वार हो, जब भी खोलूँ नैन। तेरा सिमरन जब मिले,पाऊँ प्रभु जी चैन।। मन का रावण हो स्वाह , मन में हों बस राम। जितनी हों कठिनाइयां, जाऊं सीधे धाम।। दीपों की सुंदर लड़ी , जगमग जगमग होय। रात अमावस थी मगर, पूनम जैसी होय।। मन के क्लेश मिट गए , मिटा है सब अंधियार। सच्चाई की जीत है , गया झूठ अब हार।।

"ख़ुशबू तो बचा ली जाए" एक विश्लेषण

चित्र
० सुषमा भंडारी ०  डॉ लक्ष्मीशंकर वाजपेयी मंचीय कवि के रूप में ख्यात हैं लेकिन वे मंच की फूहड़ और चुटकुला प्रवृति से दूर उस परंपरा के कवि हैं जिन्होंने मंच पर साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से मंच की गरिमा को बनाए रखा । इन्होंने देश भर में अनेक अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों एवं मुशायरों में न सिर्फ़ शिरकत की बल्कि कवि सम्मेलनों और मुशायरों का सफल संचालन भी किया। भारतीय प्रतिनिधि के रूप में इन्होंने ब्रिटेन , पोलैंड , त्रिनिनाड, टुबैको और सूरीनाम जैसे देशों में जाकर काव्यपाठ किया और अपनी कविताओं गीतों और शायरी से वहां भी भारतीयता के झंडे को बुलंद किया। इन्होंने " सार्क सम्मेलन " में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हिंदी कविता को वैश्विक पहचान दिलवाई । डॉ हरीश अरोड़ा के प्रोत्साहन और वाजपेयी जी की अद्भुत और अंतस तक उतर जाने वाली रचनाओं ने मुझे इनकी पुस्तक " ख़ुश्बु तो बचा ली जाए" पर शोध कार्य करने के लिए दृढ़ निश्चय प्रदान किया। चूँकि डॉ लक्ष्मीशंकर वाजपेयी पर यह पहला ही शोध कार्य है तो सामग्री जुटाना भी आसान नहीं लेकिन बाजपेयी जी से अक्सर विभिन्न गोष्ठियों के दौरान मिलने के क...

ब्रह्माकुमारीज के 90 साल : वैश्विक शिखर सम्मेलन में कई हस्तियां करेंगी शिरकत

चित्र
० संवाददाता द्वारा ० आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के 90 साल पूरे होने पर अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में वैश्विक शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को लेकर शांतिवन परिसर में तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल डायमंड हाल में विशेष रूप से भव्य स्टेज तैयार बनाया जा रहा है। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में विश्व के कई देशों से छह हजार से अधिक धर्म, अध्यात्म, राजनीति, समाजसेवा, पर्यावरण, विज्ञान, व्यापार और शिक्षा जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियां जुटेंगी। संस्थान के अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने बताया कि विशाल स्तर पर आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। विश्व नवनिर्माण के लिए आध्यात्मिक जागृति विषय पर आयोजित इस समारोह में कई विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसका केंद्रबिंदु ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्ष की सेवा यात्रा रहेगा। सम्मेलन 23 अक्टूबर से होगा। शुभारंभ 24 अक्टूबर को होगा। समापन सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल होंगे। सम्मेलन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन ...

ARCH कॉलेज ऑफ डिज़ाइन एंड बिज़नेस में 'रात्रि रंग डांडिया नाइट' का आयोजन

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर । ARCH कॉलेज ऑफ डिज़ाइन एंड बिज़नेस, जयपुर में मालवीय नगर स्थित परिसर में रात्रि रंग डांडिया नाइट' का आयोजन किया गया। ARCH स्टूडेंट काउंसिल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, पूर्व विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने भाग लिया। संगीत, नृत्य, परंपरा और उल्लास से यादगार अनुभव प्रस्तुत किया। यह आयोजन डाॉयरेक्टर अर्चना मैम के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति प्रदर्शित करने, आपसी जुड़ाव बढ़ाने और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से उत्सव मनाने का एक जीवंत मंच प्रदान किया। इस अवसर पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिव्यांशी गौड़, ऊर्जावान एंकर समर सिंह और फिटनेस आइकन दशमेश रव (डी. के. सिंह) की उपस्थिति ने उत्साह का संचार किया। डांडिया और गरबा की रंगीन प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को उत्सवी माहौल से सराबोर कर दिया। पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने अपनी खूबसूरत वेशभूषा और शानदार अंदाज़ से कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 'बेस्ट ड्रेस्ड अवॉर्ड' रहा, जिसके म...

रावण का पश्चाताप,जो हमें अपने भीतर झाँकने के लिए विवश करता है

चित्र
० श्याम कुमार कोलारे ०  मैं रावण हूँ ! मुझे कौन नहीं जानता ? जी हाँ, मैं वही रावण हूँ, जिसे हर वर्ष दशहरे की रात बड़े धूमधाम से जलाया जाता है। मेरे पुतले के दहन के साथ ही लोग असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हैं। मुझे दुराचारी, दुष्ट, कपटी और अहंकारी जैसे अनेक नामों से पुकारा जाता है। लोग मेरे दस सिरों को बुराइयों का प्रतीक मानते हैं और हर वर्ष मेरे पुतले को आग के हवाले करके यह विश्वास करते हैं कि उन्होंने बुराई पर विजय प्राप्त कर ली है।  हाँ, मैं स्वीकार करता हूँ कि मैंने ऐसे कर्म किए, जिनके लिए मुझे कभी क्षमा नहीं मिल सकती। मेरा सबसे बड़ा अपराध माता सीता का अपहरण करना था। मैंने अपनी शक्ति, अपने सामर्थ्य और अपने अहंकार के मद में एक नारी की स्वतंत्रता, सम्मान और मर्यादा का अपमान किया। यही मेरी सबसे बड़ी भूल थी, जिसकी कीमत मुझे अपने जीवन, अपने परिवार और अपने स्वर्णिम साम्राज्य को खोकर चुकानी पड़ी। आज भी हर वर्ष मेरा पुतला जलाया जाता है और मैं मानो अपनी उसी भूल की सजा भुगत रहा हूँ। लेकिन आज मैं आपसे अपने मन की कुछ बातें कहना च...

एयू फाउंडेशन राजस्थान में मातृ पोषण हेतु सुपोषित माँ अभियान से जुड़ा

चित्र
० आशा पटेल ०  कोटा, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की सीएसआर शाखा एयू फाउंडेशन, जो भारत का सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है और एक दशक से अधिक समय में सार्वभौमिक बैंक में परिवर्तित होने का सैद्धांतिक अनुमोदन प्राप्त करने वाला पहला बैंक है, ने सुपोषित माँ अभियान से अपना जुड़ाव किया। यह अभियान कोटा, बूंदी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमज़ोर गर्भवती महिलाओं को मातृ पोषण एवं स्वास्थ्य सहायता प्रदान करता है।  इस साझेदारी के तहत एयू फाउंडेशन एक वर्ष तक गर्भवती महिलाओं को पोषण किट प्रदान करेगा, और संभावना है कि इस पहल को आगे भी जारी रखा जाए। यह साझेदारी एक सरल विश्वास पर आधारित है: बच्चे का स्वास्थ्य माँ के स्वास्थ्य और पोषण से शुरू होता है, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर महिलाओं को निरंतर पोषण सहायता मिल सके।  कोटा के चंबल गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और एयू फाउंडेशन के संस्थापक न्यासी एवं एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संजय अग्रवाल, हीरालाल नागर , ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)...