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किआ इंडिया सीएसआर के तहत प्लास्टिक कचरा संग्रहण और रीसाइक्लिंग को और मजबूत करेगा

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० योगेश भट्ट ०  गाजियाबाद : ऑटोमोबाइल निर्माताओं में से एक, किआ इंडिया ने गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अपनी सीएसआर पहल, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. (डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक) के चौथे चरण को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू कर दिया है। इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के साथ मिलकर चलाई जा रही इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में समुदाय की भागीदारी से प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, रीसाइक्लिंग और जागरूकता को बढ़ावा देना है। गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में शुरुआत के साथ, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. भारत के प्रमुख शहरों में अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है और एक ऐसा व्यवस्थित तंत्र बना रहा है, जिसमें स्थानीय समुदाय, नागरिक निकाय, शिक्षण संस्थान और कचरा प्रबंधन से जुड़े लोग मिलकर जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देते हैं।  इन दो शहरों के जुड़ने के साथ, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. अब बारह शहरों में सक्रिय है गुरुग्राम, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, मुंबई, चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, दिल्ली, नोएडा, अंबाला, गाजियाबाद और नोएडा/ग्रेटर नोएडा, जिससे इसकी देशभर में मौजूदगी...

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा आयोजित मैराथन से दिया विश्व बंधुत्व और विश्व शांति का संदेश

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० अशोक चतुर्वेदी ०  आबूरोड। जोश, जज्बे और उत्साह के साथ अरावली की पहाड़ियों के बीच 3500 रनर्स स्टार्टिंग पाइंड मनमोहिनीवन पहंुचे, जिसमें से 3000 प्रतिभागियों ने 21.9 किमी की दौड़ पूरी कर फिनिशिंग पाइंट माउंट आबू पांडव भवन को छुआ। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा आयोजित 8वीं दादी प्रकाशमणि आबू हॉफ मैराथन में रास्तेभर कई अनोखे नजारे देखने को मिले। 18 साल के छात्र-छात्राओं से लेकर 70 साल के वरिष्ठ नागरिकों ने दौड़ में भाग लिया।  कई रनर्स जोड़े पति-पत्नी भी शामिल हुए। कई प्रतिभागी हाथ में तिरंगा और शिव बाबा का ध्वज लेकर दौड़े। अतिथियों ने हरी झंडी और शिव ध्वज दिखाकर मैराथन को रवाना किया। संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 19वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में यह मैराथन आयोजित की गई थी। पूरे विश्व में भारतीय सनातन संस्कृति अध्यात्म और राजयोग का संदेश देने में दादी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया। मुख्य अतिथि ओलंपिक मैराथन धावक खेता राम ने कहा कि दौड़ में सभी रनर्स दौड़ में शारीरिक शक्ति के साथ मानसिक शक्ति का भी बड़ा योगदान होता है। तहसीलदार रणाराम राणा ने कहा कि इ...

वयोवृद्ध पत्रकार, लेखक और समाजसेवी प्रवीण चन्द्र छाबड़ा का जे पी नड्डा ने सम्मान किया

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० आशा पटेल ०  जयपुर। जयपुर के वयोवृद्ध पत्रकार, लेखक और समाजसेवी प्रवीण चन्द्र छाबड़ा का आयु के 97 पड़ाव पूरे करने पर उनके निवास पर जाकर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने सम्मान किया और कहा कि भाईसाहब के नाम से प्रसिद्ध छाबड़ाजी का पूरा जीवन एक आदर्श है और समाज के लिए कुछ करने की भावना आज भी उनके दिल में जागृत है। नड्डा जयपुर में हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत करने के लिए आए थे। टोंक रोंड़ पर तारों की कूंट स्थिति आवास पर पहुंचे और उनका माला पहनाकर और दुपट्टा ओढाक़र सम्मान किया। नड्डा के साथ राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधामोहन अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजय कुमार, जयपुर नगर नियम आउटर के महापौर रहे पुनीत कर्णावट और विधायक एवं पत्रकार गोपाल शर्मा सहित अनेक भाजपा नेता भी छाबड़ा के आवास पर पहुंचे। सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने नड्डा को जानकारी दी कि छाबड़ा ने 1948 में स्वतंत्रता सेनानी अर्जुनलाल सेठी पर एक लेख लिखकर पत्रकारिता की शुरूआत की थी। राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ, पिंकसिटी प्रेस क्लब के संस्थापक छाब...

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल द्वारा लोकतंत्र,संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ “लोकतंत्र बचाओ तिरंगा यात्रा”

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर : अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल द्वारा लोकतंत्र, संविधान एवं देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा के संकल्प के साथ “लोकतंत्र बचाओ तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया गया । यह तिरंगा यात्रा राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व मे निकाली गई । यात्रा में सेवादल के कार्यकर्ता देशभक्ति नारे लगाते हुए हाथ में तिरंगा लेकर चल रहे थे ।  यह यात्रा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालयसे रवाना होकर शहीद स्मारक तक पहुँची । स्मारक पहुँच कर वहा टीकाराम जुली व कांग्रेस के नेताओं ने शहीदों पुष्प चक्र अर्पित किया । इसके बाद कांग्रेस के नेताओं व सेवादल के कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदो को गार्ड आफ आनर दिया गया । इस यात्रा में राजस्थान कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष हेमसिहं शेखावत,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास विधानसभा में मुख्य सचेतक रफीक खान , सागानेर से कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेन्द्र भारद्वाज, झोटवाडा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक चौधरी, जयपुर शहर कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष सुनील शर्मा, मालवीय नगर से कांग्रेस प्रत्याशी डाक्...

इथोपिया और फोर्टी के बीच 2 हजार साल पुराने संबंधों को व्यापारिक साझेदारी में बदलने का वक्त है- सुरेश अग्रवाल

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० आशा पटेल ०  जयपुर : अफ्रीकी देश इथियोपिया के साथ राजस्‍थान के व्‍यापार को बढ़ाने के लिए फोर्टी की ओर से द्विपक्षीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें इथियोपिया के राजदूत एवं डिप्टी हेड ऑफ मिशन मोलालिग्न अस्फॉ ने कहा कि राजस्थान एवं इथियोपिया के बीच व्यापार, निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। खासतौर से कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, खनन, वस्त्र, हस्तशिल्प, नवीकरणीय ऊर्जा तथा एग्रो-प्रोसेसिंग क्षेत्रों में दोनों मिलकर काम कर सकते हैं। उन्‍होने राजस्‍थान के उद्यमियों को इथियोपिया में निवेश और व्‍यापार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इथियोपिया की सरकार ने राजस्‍थान के उद्यमियों और निवेशकों सभी तरह की सुविधाओं के साथ सुरक्षित निवेश के लिए सभी उपाय किए हैं। फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और इथियोपिया के बीच 2 हजार साल पुराने संबन्‍ध हैं, इन्‍हें व्यापारिक साझेदारी में बदलने का समय आ गया है। वर्तमान में इथियोपिया तेजी से विकास कर रहा है। राजस्‍थान के उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए इस अफ्रीकी देश में माइनिंग- मिनरल , सोलर, जेम्‍स- ज्वेलरी, इंफ्रा, ऑटोम...

पुस्तक ‘संघर्ष : सड़कों से सलाखों तक’ का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर : स्वतंत्रता सेनानी स्व. रघुवर दयाल चतुर्वेदी के जेल अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष: सड़कों से सलाखों तक’ का लोकार्पण नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में किया गया। इस अवसर पर ‘भारतीय युवा एवं पूर्ण स्वराज’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ, जिसमें देश के प्रतिष्ठित विचारकों और राजनेताओं ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में गांधी शांति प्रतिष्ठान दिल्ली के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, आदर्श नगर विधायक रफीक खान, शिक्षाविद मृदुला सामवेदी, गांधीवादी शिक्षाविद बीएम शर्मा और वक्ता दीपक राय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों को याद करते हुए आज की युवा पीढ़ी के लिए 'पूर्ण स्वराज' के संदेश पर चर्चा की।  कुमार प्रशांत ने कहा कि महात्मा गांधी का तरीका हमेशा से झूठ का मुकाबला करने का रहा है। आज की 'जेन जी' पीढ़ी में गांधीवादी विचार प्रवेश कर रहे हैं, जिसका जीवंत उदाहरण हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के समय गांधी जी ने लोकतंत्र की असली ताकत आम लोगों के ...

अगस्त क्रांति आंदोलन में जनता के बीच बनी एकजुटता यदि कायम रहती तो देश का विभाजन संभव नहीं था

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० डॉ सुनीलम ०  9 अगस्त 1942 का दिन 1857 की क्रांति के बाद आजादी के आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण जनक्रांति दिवस है। 8 अगस्त को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासमिति द्वारा बम्बई में 'करो या मरो, भारत छोडों' का प्रस्ताव पारित किया गया था। 8 अगस्त की रात को कांग्रेस के लगभग सभी प्रमुख नेता गिरफ्तार कर लिये गये थे।  9 अगस्त को प्रतिबंध के बावजूद बम्बई में हजारों राष्ट्र भक्तों ने राष्ट्र ध्वज फहराने का प्रयास किया जिसमें लाठी, गोली चली। इसके बावजूद अरुणा आसफ अली ने तिरंगा फहराया। अगस्त क्रांति आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजों ने लाठी, गोली, गिरफ्तारी, जेल, सजा सब कुछ का सहारा लिया। जवाहर लाल नेहरू ने 'दि डिस्कवरी ऑफ इंडिया' में लिखा है कि सरकार कहती है कि पुलिस या फौज की गोली से 1,020 लोगों की जान गयी तथा 3200 जख्मी हुए। लेकिन जनता का अंदाजा है कि करीब पच्चीस हजार लोग मारे गये। शायद चवालीस हजार की तादाद कुछ सही है। क्योंकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 538 स्थानों पर गोलियां चलायी गयीं। डॉ राम मनोहर लोहिया के मुताबिक शहीद होने वालों, घायलों तथा फर्जी मुकदमें झेलने वालों की संख्या...