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उर्दू अकादमी दिल्ली का समर कैंप सम्पन्न,प्रमाणपत्र वितरित

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०  इरफ़ान राही ०  नई दिल्ली। उर्दू अकादमी दिल्ली द्वारा कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित समर कैंप का समापन समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समर कैंप में कक्षा चौथी से बारहवीं तक के 266 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।  कैंप का उद्देश्य नई पीढ़ी में उर्दू भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि पैदा करना, उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना था। इस दौरान विद्यार्थियों को सुलेख (कैलीग्राफी), ग़ज़ल गायन, पेंटिंग, दास्तानगोई, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट तथा उर्दू भाषा शिक्षण का प्रशिक्षण विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया। बेहतर प्रशिक्षण के लिए प्रतिभागियों को जूनियर एवं सीनियर वर्गों में विभाजित किया गया था। समारोह में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, उर्दू भाषा शिक्षण और दास्तानगोई से जुड़े विद्यार्थियों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं फाइन आर्ट और उर्दू कैलीग्राफी के विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों एवं स...

ग्रामीण परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए 42 पंचायतों को सम्मानित किया गया

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दिल्ली में देशभर की 42 उत्कृष्ट पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 प्रदान किये। इस अवसर पर पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, असम सरकार के रूपांतरण और विकास, श्रम कल्याण, चाय जनजाति और आदिवासी कल्याण मंत्री रमेश्वर तेली, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, केंद्रीय और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि उपस्थित थे। ये पुरस्कार देश भर में पंचायतो द्वारा समावेशी, सहभागी और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में किए गए उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं, जो विकसित भारत 2047 की दृष्टि के अनुरूप हैं। इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 से सम्मानित पंचायतो के कार्यों और सर्वोत्तम तौर-तरीकों पर एक ई-पुस्तक और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सर्वोत्तम तौर-तरीकों का संकलन भी जारी किया गया। इन...

फ्यूचर बैंकिंग लीडर्स तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम,HDFC बैंक और मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू

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० संवाददाता द्वारा ०  राजकोट : HDFC बैंक लिमिटेड ने छात्रों के लिए मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका विशेष उद्देश्य बैंकिंग और वित्तीय सेवा उद्योग के लिए भविष्य के अनुरूप प्रबंधन प्रतिभाओं का विकास करना है। इस सहयोग के तहत, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी को प्रतिभा अधिग्रहण (टैलेंट एक्विजिशन) के लिए संस्थान (प्रेफर्ड इंस्टीट्यूशन) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है,  जिससे HDFC बैंक को इंटर्नशिप और भर्ती के लिए MBA छात्रों की उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए छात्रों को ₹5.75 लाख प्रति वर्ष का वेतन पैकेज, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव) तथा अन्य कर्मचारी लाभ प्रदान किए जाएंगे। मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर, डॉ. संजीत सिंह ने कहा, “यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत का बैंकिंग क्षेत्र डिजिटल बैंकिंग, ग्राहक-केंद्रित नवाचार, डेटा एनालिटिक्स और वित्तीय समावेशन पहलों के कारण तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। हमारी यह साझेदारी अकादमिक शिक्षा को उद्योग की अप...

शिक्षा का वास्तविक अर्थ किसी बंद कमरे में दी जाने वाली किताबी सीख या ज्ञान का नाम नहीं है

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०  श्याम कुमार कोलारे ०  शिक्षा केवल किसी बंद कमरे में दी जाने वाली किताबी सीख या ज्ञान का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन को सुसज्जित, नैतिक और सार्थक ढंग से जीने की कला है। शिक्षा मनुष्य को समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने योग्य बनाती है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या होना चाहिए और आज समाज में शिक्षा की स्थिति क्या है?  भारत जैसे सांस्कृतिक, सामाजिक विविधताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों वाले देश में शिक्षा का सही अर्थ क्या होना चाहिए? हमें यह समझना होगा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। हमें विद्यालयी शिक्षा की वर्तमान कमियों, बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं और उन्हें बेहतर बनाने के उपायों पर गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि शिक्षा वास्तव में समाज को सकारात्मक दिशा दे सके। महात्मा गांधी के अनुसार, “साक्षरता न तो शिक्षा का अंत है और न ही प्रारंभ।” उनके लिए शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना नहीं था, बल्कि मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का समन्वित माध्यम था। हमारी प...

सत्या पॉल ने लंदन में प्रिंट,ड्रेप और कलात्मक अभिव्यक्ति की विरासत को किया प्रदर्शित

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० संवाददाता द्वारा ०  लंदन : भारत के प्रतिष्ठित फैशन ब्रांड सत्या पॉल (Satya Paul) ने एसएक्सएसडब्ल्यू लंदन (SXSW London) में अपने विशेष शोकेस अनटेम्ड (Untamed) के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी पहचान को नए अंदाज में प्रस्तुत किया। यह आयोजन लंदन के ऐतिहासिक लैंकेस्टर हाउस (Lancaster House) में हुआ। क्रिएटिव डायरेक्टर असीम कपूर के नेतृत्व में यह सत्या पॉल की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति थी। इसके साथ ही ब्रांड ने अपने मेन्स वियर (Menswear) कलेक्शन को भी पहली बार वैश्विक दर्शकों के सामने पेश किया। यह शो यूनाइटेड किंगडम के डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड के आमंत्रण पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फैशन, कला, संगीत और मूवमेंट का अनूठा संगम देखने को मिला। अनटेम्ड सत्या पॉल की स्वतंत्र सोच, आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मक स्वतंत्रता का प्रतीक बना। शो में प्रिंट, ड्रेप, मूवमेंट और संगीत को एक साथ जोड़कर एक खास सांस्कृतिक अनुभव तैयार किया गया। प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण साड़ी रही, जिसे सत्या पॉल की पहचान माना जाता है। साड़ियों को नए और आधुनिक ड्रेप्स के साथ प्रस्तुत किया गया। डिजाइनों में प्रकृति, इत...

दिव्यांग लोकेश अब कवी कुमारी संग बंधेंगे शादी के बंधन में

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० संवाददाता द्वारा ०  उदयपुर जिले के फालासिया गांव की रहने वाली कवी कुमारी ने जीवन की कठिन परिस्थितियों का हमेशा हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ सामना किया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई 12वीं कक्षा तक पूरी की, लेकिन बचपन में ही उनके जीवन पर दुखों का साया पड़ गया। पिता के असमय निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। घर में कोई कमाने वाला नहीं था और परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। आज भी उनकी मां दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का गुजारा करती हैं। कवी बताती हैं कि पिता के बिना उन्होंने कभी अपने विवाह के बारे में सोचा भी नहीं था। उन्हें लगता था कि ऐसी परिस्थितियों में शायद कोई उनके जीवन को संवारने के लिए आगे नहीं आएगा। लेकिन कहते हैं कि कठिन समय के बाद जिंदगी उम्मीद की एक नई किरण जरूर दिखाती है। इसी दौरान उनकी मुलाकात अपने ही गांव के पास स्थित निचली सिकरी गांव के रहने वाले लोकेश कुमार आर्य से हुई। लोकेश जन्म से ही कुबड़ापन (हंचबैक) की समस्या से प्रभावित हैं, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने और सामान्य गतिविधियां करने में कठिनाई होती है। उनका परिवार भी बेहद...

एआई और उद्योगों की साझेदारी से भविष्य के लिए तैयार होगा राजस्थान का शिक्षा तंत्र

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर। राजस्थान को एआई आधारित शिक्षा, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में मंथन जयपुर में आयोजित राजस्थान एजुकेशन समिट 2026 में हुआ। एसोचैम राजस्थान स्टेट काउंसिल और आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समिट का विषय था “एआई आधारित शिक्षा एवं विजन 2030 के माध्यम से राजस्थान को सशक्त बनाना। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समिट में 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार उपयोग, शिक्षा एवं उद्योग जगत के सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास, नवाचार आधारित शिक्षण तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों पर चर्चा की। समिट में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, नीति-निर्माता, शोधकर्ता, स्कूल प्राचार्य, उद्यमी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक आधारित शिक्षा सभी वर्गों के विद्यार्थियों तक पहुंचे तथा यह समावेशी और रोज...