साहस और बुद्धि के अद्भुत मिसाल थे सुभाष चंद्र बोस : देवेंद्र सिंह
० आशा पटेल ० रीवा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बलिदान की 81 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर समता सम्पर्क अभियान, नारी चेतना मंच, विंध्यांचल जन आंदोलन, समाजवादी कार्यकर्ता समूह के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर एक संगोष्ठी सामाजिक चिंतक देवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यक्रम का संचालन नारी चेतना मंच की सचिव दुर्गा साकेत ने किया। देवेंद्र सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वाधीनता संग्राम के सबसे महान और साहसी नायकों में एक थे। उन्होंने आईसीएस परीक्षा में बेहतर अंको से सफलता हासिल की लेकिन साम्राज्यवादी व्यवस्था में बड़ा अधिकारी बनने की जगह उन्होंने अपने आप को देश को आजाद कराने के लिए महात्मा गांधी के नेतृत्व में तन मन धन से जोड़ा। दो बार कांग्रेस अध्यक्ष बने लेकिन कुछ वैचारिक मतभेद के चलते वर्ष 1939 में कांग्रेस छोड़कर फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी बनाई। "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" नारा देकर युवाओं में जोश भरा। उन्होंने नजरबंदी हालत में ब्रिटिश हुकूमत को चकमा देकर देश के बाहर प्रस्थान किया। जर्मनी और जापान से संपर्क साधा। आजाद हिंद...