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रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं ली सैलरी

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल कंपनी से कोई वेतन नहीं लिया है। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक FY 2020-21 से FY 2025-26 तक उन्होंने रिलायंस से न सैलरी ली, न भत्ता, न कोई सुविधा, न रिटायरमेंट लाभ, न कमीशन और न ही कोई स्टॉक ऑप्शन। रिलायंस के मुताबिक मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोविड महामारी के दौरान देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपना पूरा वेतन छोड़ने का फैसला किया था। कंपनी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह स्वेच्छा से लिया था और उसके बाद भी इसे लगातार जारी रखा। खास बात यह है कि पिछले वित्तिय वर्ष में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना अब तक का सबसे बड़ा सालाना मुनाफा दर्ज किया। FY 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹95,754 करोड़ रहा। वर्ष के अंत में रिलायंस का बाजार पूंजीकरण ₹18,19,103 करोड़, यानी 191.8 अरब डॉलर, रहा। इसके बावजूद मुकेश अंबानी वेतन न लेने के फैसले पर अडिग रहे। कोविड से पहले भी मुकेश अंबानी अपने वेतन को लेकर एक संयमित रुख रखते थे। FY 2008-09 से उन्होंने अपना...

रिलायंस का सरकारी खजाने में ₹2.16 लाख करोड़ का योगदान

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने में ₹2,16,472 करोड़ का योगदान दिया है। इसमें टैक्स, ड्यूटी, लेवी और सरकार को किए गए अन्य भुगतान शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में यह योगदान ₹2,10,269 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 2.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में सरकारी खजाने में इतना बड़ा योगदान, देश के लिए कंपनी की आर्थिक भूमिका को रेखांकित करता है। कंपनी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में रिलायंस का राष्ट्रीय कोष में कुल योगदान ₹15 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। FY26 में रिलायंस ने कुल ₹4,63,448 करोड़ की वैल्यू जोड़ी, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा सरकार को मिला। कंपनी द्वारा बनाई गई हर ₹100 की वैल्यू में से करीब ₹47 सरकारी खजाने में गए। इसी दौरान रिलायंस का समाज पर खर्च भी बढ़ा। FY26 में कंपनी ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR पर ₹2,248 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹2,156 करोड़ से 4.3 प्रतिशत अधिक है। कोविड के बाद से रिलायंस का कुल CSR खर्च ₹9,500 करोड़ से ज्यादा हो गया है।...

रिलायंस ने कीं 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां,ग्रीन एनर्जी से 2 लाख रोजगार की उम्मीद

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : रिलायंस ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां कीं। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक रिलायंस के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 4,19,911 हो गई। इस दौरान कंपनी ने AI, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई प्रतिभाओं को जोड़ने पर खास ध्यान दिया। रिलायंस के मुताबिक यह भर्ती कंपनी के उस बदलाव को दिखाती है, जिसके तहत वह खुद को AI-फर्स्ट और डीप-टेक कंपनी के रूप में आगे बढ़ा रही है। रोजगार के मोर्चे पर कंपनी की अगली बड़ी उम्मीद ग्रीन एनर्जी कारोबार से है। जामनगर में बन रहा धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अर्थव्यवस्था में 2 लाख से ज्यादा ग्रीन जॉब्स पैदा करने की क्षमता रखता है। कंपनी के मुताबिक स्वच्छ ऊर्जा की ओर यह बदलाव समूह के लिए रोजगार का अगला बड़ा इंजन बन सकता है। कंपनी सिर्फ नौकरियां देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्मचारियों पर बड़ा निवेश भी करती है। रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में रिलायंस ने कर्मचारियों पर ₹30,318 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹28,559 करो...

KVIC की वित्त वर्ष 2025-26 में 12 वर्षों के उत्पादन में 380 % की वृद्धि

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली | केवीआईसी की योजनाएं ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है।  दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अंतरिम...

डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल, केंद्रीय कानून मंत्री और उप मुख्यमंत्री ने पदक एवं डिग्रियां प्रदान की

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विधि शिक्षा प्रत्यक्षतः समाज से जुड़ी शिक्षा है। इसका उपयोग विद्यार्थी जरूरतमंदों, पीड़ित और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए करें। उन्होंने विधि शिक्षा में राष्ट्र और समाज हितों को सदा अग्रणी रखने और इस शिक्षा में उच्च संवैधानिक मूल्यों के साथ राजस्थान को अग्रणी किए जाने का आह्वान किया। बागडे डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि वि वि के तृतीय दीक्षांत समारोह में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दीक्षांत विद्यार्थियों के प्राप्त ज्ञान के संस्कार का उत्सव दिन है। तैत्तिरीय उपनिषद् में शिक्षा समाप्ति पर आचार्य की दीक्षांत शिक्षा का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में जब शिक्षा पूरी हो जाती थी तो गुरु अपने शिष्य को अंतिम उपदेश देते थे। यह उपदेश सत्य की राह पर चलने, धर्म का आचरण करने और अपनी प्राप्त शिक्षा का अहंकार नहीं पालने से जुड़ा होता था। यही दीक्षांत समारोह हैं। राज्यपाल ने डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर को याद करते हुए कहा कि बॉम्बे विधानसभा में वर्ष 1938 में उन्होंने कहा था कि "मैं चाहता हूं कि समस्त लोग पहले भारतीय हों, और अंततः भारतीय...

प्रतिवर्ष आयोजित होगी न्यू इंडिया फाउंडेशन की बुक फेलोशिप

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली | भारत में गंभीर गैर-काल्पनिक लेखन और शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यू इंडिया फाउंडेशन (NIF) ने घोषणा की है कि उसकी बुक फेलोशिप अब वर्ष 2026 से द्विवार्षिक (दो वर्ष में एक बार) के बजाय प्रतिवर्ष आयोजित की जाएगी। इसके अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया हर वर्ष खुलेगी और लगभग तीन माह तक जारी रहेगी। पिछले लगभग दो दशकों से भारत की स्वतंत्रता-उपरांत यात्रा, सामाजिक परिवर्तन, राजनीति, संस्कृति और समकालीन विषयों पर गंभीर विमर्श को प्रोत्साहित करने वाली NIF बुक फेलोशिप अब और अधिक लेखकों, शोधकर्ताओं तथा विचारकों तक पहुंच बना सकेगी। यह फेलोशिप केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि चयनित फेलोज़ को मासिक वित्तीय सहयोग, संपादकीय मार्गदर्शन, विशेषज्ञ परामर्श (मेंटरशिप) तथा बौद्धिक समुदाय का सहयोग भी प्रदान करती है। यही कारण है कि इसे भारत की सबसे प्रतिष्ठित लेखन फेलोशिपों में गिना जाता है। फाउंडेशन के अनुसार, यह परिवर्तन भारत में उभरते विमर्शों, नए शोध विषयों और बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्यों के अनुरूप अधिक सक्रिय और समावेश...

साहित्यकार,कवि एवं पत्रकार स्व. श्रीकांत वर्मा को भारत रत्न देने की माँग

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0  प्रो रवि शर्मा 'मधुप' एवं राजीव रंजन 0 नई दिल्ली। देश के प्रख्यात साहित्यकार, कवि एवं वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्रीकांत वर्मा की 40वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में ‘विश्व हिंदी परिषद’ एवं ‘श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट’ द्वारा ‘श्रीकांत वर्मा स्मरांजलि’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, पत्रकारिता और बौद्धिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने स्व. श्रीकांत वर्मा के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनकी वैचारिक विरासत पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का आरंभ संचालक डॉ. हर्षबाला शर्मा द्वारा स्व. श्रीकांत वर्मा के जीवन, साहित्यिक अवदान, पत्रकारिता तथा राजनीतिक योगदान के परिचय से हुआ। इसके उपरांत विशिष्ट अतिथियों, वरिष्ठ साहित्यकारों एवं वर्मा परिवार के सदस्यों द्वारा स्वर्गीय श्रीकांत वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए स्व. श्रीकांत वर्मा के साहित्यिक अवदा...