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इलेक्रामा रोड शो,भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका पर जोर

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० संवाददाता द्वारा ०  भोपाल : इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) ने इलेक्रामा 2027 के लिए भोपाल में रोड शो आयोजित कर एक और उपलब्धि हासिल की। आईईईएमए मध्य प्रदेश में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहा है। यह क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आगामी इलेक्रामा 2027 के आयोजन की तैयारियों में आईईईएमए जुटा हुआ है। यह वैश्विक विद्युत उद्योग का प्रमुख आयोजन है, जो 20 से 24 फरवरी, 2027 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें 1,100 से अधिक प्रदर्शक, 5,00,000 आगंतुक, 25,000 से अधिक B2B बैठकें, 500 से अधिक आमंत्रित खरीदार और 10 से अधिक देशों के पवेलियन शामिल होंगे। संजय कुलकर्णी, डब्ल्यूआरसी चेयरमैन, ने कहा, “मध्य प्रदेश ने विद्युत क्षेत्र के विकास में सराहनीय प्रगति की है, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है। इलेक्रामा 2027 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा संबंधी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने वाला एक अभियान है। इस रोड शो जैसी पहलों के माध्यम से आईईईएमए उद्योग को नए अवसरों से जोड़ने तथा विकास और नवाचार को बढ़ा...

राजस्थान में बदलेगा पुलिसिंग अंदाज : थाने में वैसा ही व्यवहार करें,जैसा स्वयं के लिए अपेक्षा करते हैं : महानिदेशक पुलिस,राजस्थान

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० आशा पटेल ०  जयपुर । आमजन में पुलिस की सख्त कार्यशैली के प्रति सोच को बदलने और संवेदनशीलता, संवाद और विश्वास को मजबूत करने के लिए राजस्थान पुलिस ने नई पहल की है। पुलिसकर्मियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने, व्यवहार कुशल बनाने और पुलिसिंग में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस पहल की शुरुआत आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी परिसर में हुई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने किया। यहां ‘पॉजिटिव बिहेवियर इन पुलिसिंग‘ प्रशिक्षण कार्यक्रम में 35 पुलिसकर्मियों के साथ विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर संवाद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगा। डीजीपी शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस के आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पूरे देश के पुलिस अधिकारियों के बीच चर्चा है। इस सकारात्मक और पेशेवर छवि को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी परेशानियों को लेकर थाने पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मी उनकी बात संवेदनशीलता से सुनें और विधिक प्रक्रिया के तहत राहत दिलाने का प्रयास करे...

फ्रांस और भारत की सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम ‘ले वोयाज दे रेज़े’ सुरों से जोड़ा

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० आशा पटेल ०  जयपुर। फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष 2026 के अंतर्गत फ्रांस लाइव के तहत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में ‘ले वोयाज दे रेज़े’ (Le Voyage de Rézé) नामक एक मनोरंजक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत में फ्रांस के दूतावास, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया तथा अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर द्वारा किया गया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और राजस्थान पत्रिका सांस्कृतिक सहयोगी, जबकि कुलिश स्कूल कार्यशाला सहयोगी रहा। इस संगीतमय प्रस्तुति में चार कलाकारों ने संगीत, कविता, चित्रकला और दृश्य माध्यमों का समन्वय प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखा। कार्यक्रम की विशेषता इसकी सहज, रोचक और कल्पनाशील शैली रही। कलाकारों ने परिचित और स्वयं रची गई धुनों के माध्यम से दर्शकों को एक संगीतमय एवं रंगीन यात्रा पर ले जाने का प्रयास किया। मंच पर चित्रों का लाइव निर्माण और उनका तत्काल प्रक्षेपण इस अनुभव को और भी आकर्षक बनाता रहा। भारतीय कलाकारों के साथ जुगलबंदी कार्यक्रम के दौरान आयोजित जामिंग में नीरजा मोदी स्कूल की सियाना, जो हुला-हूप नृत्य की सबसे कम उम्र की क...

दोहा 13-11 की मात्राओं में बंधा एक ऐसा छंद जो अपना अस्तित्व जन्मों से लिए

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०  सुषमा भंडारी ०  मेरी पसंदीदा विधाओं में से एक है दोहा 13-11 की मात्राओं में बंधा एक ऐसा छंद जो अपना अस्तित्व जन्मों से लिए है हमारे पुरखों ने भी पढ़ा , गुनगुनाया और आगे आनेवाली पीढ़ियाँ भी इस पर चिंतन , मनन करती रहेंगी । " दोहा " हमारी संस्कृति और सभ्यता से जुड़ा है । हम सब कबीर , बिहारी ,रहीम को पढ़कर बड़े हुए है ,शोध होते आ रहे हैं और होते रहेंगे ।  मुझे तो वैसे ही संक्षिप्तता में लिखना बहुत पसंद है यूं कहें " गागर में सागर " दो पंक्तियों में जीवन का सार दोहा ही दे सकता है जैसे रहीम कहते हैं अपने दोहे में " रहिमन धागा प्रेम का ,मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर न जुड़े , जुड़े गांठ पड़ जाय।। कबीर कहते हैं " बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर । पंछी को छाया नहीं , फल लागे अति दूर ।। रीतिकाल के महान कवि बिहारी को तो दोहा सम्राट कहा गया । उनकी भाषा शैली और शब्दों के भाव का कोई दूसरा नहीं उनके दोहों को देखें  बिहारी सतसई से " सतसइया के दोहरा , ज्यों नाविक के तीर। देखन में छोटे लगें , घाव करें गम्भीर।। " कहत , नटत , रीझत , खिझत , मिलत , खिलत , लजियात ...

पुलिस के सेवानिवृत्त कार्मिकों एवं परिजनों को वितरित किए सहायक उपकरण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महावीर विकलांग सेवा समिति द्वारा पुलिस लाइन,अजमेर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 85 लाभार्थियों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल, महावीर विकलांग सेवा समिति के संभागीय सचिव सुरेश मेहरा तथा राजस्थान पुलिस परिवार कल्याण समिति के विक्रम सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद लाभार्थियों को सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए गए। इनमें 4 व्हीलचेयर, 46 श्रवण यंत्र, 27 सीनियर सिटीजन छड़ियां तथा 1 वॉकर शामिल हैं। इन उपकरणों से लाभार्थियों को दैनिक गतिविधियों में सुविधा मिलने के साथ उनकी आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने महावीर विकलांग सेवा समिति के इस सामाजिक एवं जनकल्याणकारी प्रयास की सराहना की। उन्होंने पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए किए गए इस सहयोग को महत्...

‘चेतना’ मंच द्वारा साहित्यकारों को स्मृति-चिह्न देकर किया गया सम्मानित

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : साहित्य, संवेदना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ‘चेतना’ मंच द्वारा दिल्ली में एक काव्य-पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्यिक और संवाद से सजे इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया। कार्यक्रम में मोनिका सिंह, मीणा सिंह, शारिका मलिक, ज्योति शर्मा, लक्षिता, शफ़ीक़ सेफ़ी, ज़ुबैर अहमद, काशिफ़ बेग, अज़हर हाशमी सबक़त, प्रीतम कुमार, कैफ़ी कुणाल, फ़ुरक़ान अंसारी, अभिनव दुबे, सचिन परवाना और मक़सूद ख़ान सहित अनेक साहित्यकारों ने भाग लिया। सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से विविध भावों, विचारों और जीवनानुभवों को अभिव्यक्त किया  कार्यक्रम का संचालन ‘चेतना’ मंच की संस्थापिका चेतना लवस ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डाबरी मोड़, दिल्ली स्थित हिरांत स्टूडियो ने वेन्यू पार्टनर के रूप में सहयोग दिया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य रचनाकारों के योगदान को सम्मान देना और साहित्यिक गतिविधियों के म...

रिलायंस फाउंडेशन संवारेगा 10 लाख लड़कियों का भविष्य,मिलेंगे हुनर और करियर के अवसर

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : रिलायंस फाउंडेशन ने देशभर की 10 लाख लड़कियों और युवा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एस्टी लॉडर कंपनिज चैरिटेबल फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से होगी और बाद में इसे देश के दूसरे हिस्सों में भी ले जाने की योजना है। इसमें 14 से 20 साल की लड़कियों और युवतियों को आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स, डिजिटल और वित्तीय जानकारी के साथ आगे की पढ़ाई, ट्रेनिंग और रोजगार के विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “मेरा मानना है कि हर लड़की में बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास, नेतृत्व करने का साहस और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के जरिए 10 लाख लड़कियों और युवा महिलाओं को अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए जरूरी मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटने, फैसले लेने और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर भी जोर होगा। लड़कियों को डिजिटल टूल्स और वित्तीय सेवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ शिक्षा, रोजगार, आजीविका और उद...