रोहतक में IFFH 2026 : देश-विदेश की फिल्मों, कलाकारों का हुआ संगम

० डॉ तबस्सुम जहाँ ० 
रोहतक। हरियाणवी भाषा, संस्कृति और सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से हरियाणवी इनोवेटिव फ़िल्म एसोसिएशन (हाइफ़ा) द्वारा आयोजित पहला इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफ़ा (IFFH) 2026 सुपवा, रोहतक में सम्पन्न हुआ। फेस्टिवल को सुपवा के विशेष सहयोग तथा स्टेज ऐप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
फेस्टिवल में देश-विदेश से विभिन्न कैटेगरी में 200 से अधिक फिल्म एंट्री प्राप्त हुईं। फीचर फिल्म, रीजनल फिल्म, शॉर्ट फिल्म, लॉन्ग शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, स्टूडेंट फिल्म, मोबाइल फिल्म, एनीमेशन और म्यूजिक वीडियो सहित अनेक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
फेस्टिवल के पहले दिन ‘मुआवजा’ फिल्म से स्क्रीनिंग का सिलसिला शुरू हुआ, जिसके बाद फिल्म की टीम के साथ विषय और सिनेमा से जुड़े पहलुओं पर संवाद हुआ। इसके बाद मलयालम रीजनल फिल्म ‘मलावाझी’ सहित ‘खेलूँगा’, ‘एक पेड़ माँ के नाम’, ‘गुचक–द होल’, ‘डिसिडेंट्स’ और ‘लेस’ फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
‘आनंद काया’ और ‘हरियाणा टू पंजाब’ म्यूजिक वीडियो, ‘ए हैंडफुल ऑफ लाइफ’, ईरानी शॉर्ट फिल्मों ‘ए लिटिल गोल्डफिश’ और ‘द ब्लू बाइसिकल’, ‘एनचांटिंग मुकुंदरा’ तथा ‘ज़ोना सेसारिनी’ की स्क्रीनिंग हुई। ‘सांझी’, ‘सांगी’ और ‘वादा’ फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इस तरह पहले दिन विभिन्न भाषाओं, शैलियों और विषयों की फिल्मों ने दर्शकों को विविध एवं समृद्ध सिनेमाई अनुभव दिया।
फेस्टिवल के अंतिम दिन पंजाबी फिल्म ‘पंछी’, शॉर्ट फिल्म ‘यान’, स्टूडेंट फिल्म ‘व्हिस्पर्स ऑफ द हॉर्स’, ‘मो मा कु’, ‘नॉट’, ‘यांता’, ‘सिसिफस चाइल्डहुड’, ‘रघुवीरम’ और ‘लाइसेंस’ सहित कई बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। इन फिल्मों ने रिश्तों, संघर्ष, बचपन, संगीत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न पक्षों को दर्शकों के सामने रखा।
बॉलीवुड अभिनेता अश्विनी चौधरी और अखिलेन्द्र मिश्रा ने मास्टरक्लास में अभिनय और सिनेमा की बारीकियों पर प्रतिभागियों से संवाद किया तथा अपने फिल्मी सफर के अनुभव साझा किए। अवार्ड सेरेमनी में बॉलीवुड एक्टर-डायरेक्टर एवं हाइफ़ा फेस्टिवल के चेयरमैन यशपाल शर्मा, हाइफ़ा अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, सचिव रामपाल बल्हारा, सुपवा की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा, अंशुल पठानिया, सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, अखिलेन्द्र मिश्रा, देवेंद्र शर्मा, परिमल कुमार, मासूम शर्मा सहित फिल्म जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
फीचर फिल्म कैटेगरी में ‘मो मा कु’ को बेस्ट इंडियन फीचर फिल्म, कुलदीप कुनाल को बेस्ट इंडियन डायरेक्टर और जतिन सरना को बेस्ट इंडियन एक्टर का अवार्ड मिला। ‘मलावाझी’ के लिए देवदासन चेरुवाथ और सिजी प्रदीप तथा ‘रघुवीरम’ के लिए सोनी पटेल को भी सम्मानित किया गया। फॉरेन फीचर फिल्म कैटेगरी में ‘वाज़ंट क्लाउडी दैट डे’ को बेस्ट फिल्म, मोहसेन राबिएली को बेस्ट डायरेक्टर, एम्रे टेटिकेल को बेस्ट एक्टर और गुलाय यिलदास को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला।
फॉरेन शॉर्ट फिल्म में मरियम रहीमी की ‘ज़ोना सेज़ारिनी’ को बेस्ट फिल्म, अफ़शिन एलियन को बेस्ट डायरेक्टर, अरमिन अज़ीज़ी को बेस्ट एक्टर और लॉरा गारोफालो को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला।  डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में ‘एनचांटिंग मुकुंदरा’, ‘घूँघट’, ‘सिसिफस चाइल्डहुड’ और ‘विया डोलोरोसा: द पाथ ऑफ सॉरोज़’ को विभिन्न बेस्ट अवार्ड मिले। लॉन्ग शॉर्ट फिल्म में ‘मुआवजा’ को बेस्ट फिल्म, रणजीत चौहान को बेस्ट डायरेक्टर और जगबीर राठी को बेस्ट एक्टर का अवार्ड दिया गया।
रीजनल फिल्म कैटेगरी में ‘पंछी’ को बेस्ट फिल्म, विपिन मलावत को बेस्ट डायरेक्टर, प्रिंस कंवलजीत सिंह को बेस्ट एक्टर और सापर चहल को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। म्यूजिक वीडियो कैटेगरी में ‘यांटा’ को बेस्ट म्यूजिक वीडियो, शेव को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर, काका एवं जेरी को बेस्ट मेल सिंगर, मीनाक्षी पांचाल को बेस्ट फीमेल सिंगर तथा मक्क वी, काका एवं जेरी को बेस्ट लिरिसिस्ट का अवार्ड मिला।
स्टूडेंट फिल्म कैटेगरी में ‘व्हिस्पर्स ऑफ द हॉर्स’ को बेस्ट इंडियन स्टूडेंट फिल्म, नव्या हरायण को बेस्ट इंडियन डायरेक्टर तथा ‘डिसिडेंट्स’ को बेस्ट फॉरेन स्टूडेंट फिल्म का अवार्ड मिला। इंडियन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में ‘अगरसंधानी’ को बेस्ट फिल्म, दीवजोत गुलाटी को बेस्ट एक्ट्रेस, योगेश भारद्वाज को बेस्ट एक्टर, शशांक विराग को बेस्ट डायरेक्टर तथा ‘खेलुंगा’ को जूरी मेंशन अवार्ड मिला। एनीमेशन फिल्म कैटेगरी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ विजेता रही।
‘सांगी’ को फाउंडर चॉइस अवार्ड, ‘लाइसेंस’ के लिए मासूम शर्मा को फाउंडर चॉइस अवार्ड, राखी लोचब को बेस्ट एक्ट्रेस फाउंडर चॉइस अवार्ड तथा ‘यान’ को बेस्ट शॉर्ट फिल्म फाउंडर चॉइस अवार्ड प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में देवेंद्र शर्मा और सुपवा के हरिओम कौशिक को गेस्ट ऑफ द ऑनर से सम्मानित किया गया। निशा शर्मा को विद्या देवी बेस्ट आइकन वुमेन ऑफ द ईयर अवार्ड मिला। सुपवा की ओर से अश्विनी चौधरी, अखिलेन्द्र मिश्रा, गिरीश धनेजा, रामपाल बल्हारा, परिमल कुमार और मासूम शर्मा को सम्मानित किया गया।

हाइफ़ा अवार्ड ऑफ द ईयर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए परिमल कुमार एवं उनकी पत्नी बबिता जी को दिया गया। बेस्ट रीजनल ओटीटी ऑफ द ईयर अवार्ड स्टेज ऐप को, हाइफ़ा एंटरटेनमेंट अवार्ड सोनोटेक को तथा हाइफ़ा एक्सीलेंस अवार्ड राजकुमार धनखड़ को प्रदान किया गया। हाइफ़ा एक्सीलेंस ऑफ थिएटर अवार्ड अखिलेन्द्र मिश्रा को मिला।

हरियाणा के अभिनेता, लेखक एवं निर्देशक जनार्दन शर्मा को उनके अमूल्य योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। हरियाणा की निर्माता, लेखिका एवं अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर को भी HIFA लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। अभिनेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशा हुड्डा को पांच दशकों से अधिक की उत्कृष्टता, साहस और सेवा के लिए HIFA कला साधना पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। समाजसेवी डॉ. गोपाल मिश्र और विजय सैनी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में सोनिया सरताज ने अपने शानदार डांस से समां बांध दिया। फेस्टिवल के दोनों दिनों का सफल संचालन डॉ. अल्पना सुहासिनी, गायत्री कौशल और विशाल जिंदल ने किया। IFFH 2026 ने रोहतक की धरती पर सिनेमा, कला, संस्कृति और प्रतिभा का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने हरियाणवी सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा।

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