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विदेश जाने वाले ज्वैलर्स : कस्टम अधिकारियों की क्लियरेंस के बाद ज्वैलरी साथ ले जा सकेंगे
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० आशा पटेल ० जयपुर। जयपुर में अब विदेश जाने वाले ज्वैलर्स कस्टम अधिकारियों की क्लियरेंस के बाद ज्वैलरी साथ ले जा सकेंगे | सांगानेर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब ज्वैलर्स को रत्न और आभूषण निर्यात के लिए हैंड कैरिज (व्यक्तिगत वहन) की सुविधा उपलब्ध हो गई है । यह व्यवस्था 7 साल पहले बंद हो गई थी, जिसे कस्टम डिपार्टमेंट ने अब वापस शुरू कर दिया है। आयुक्त कस्टम्स आर के चंदन ने यह आदेश जारी कर दिया है । इसके बाद जयपुर एयरपोर्ट पर रत्न और आभूषण के आयात-निर्यात की हैंड कैरिज सुविधा शुरू हो गई। इसके तहत विदेश जाने वाले ज्वैलर्स एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों की क्लियरेंस के बाद ज्वैलरी अपने साथ ले जा सकेंगे और विदेश में व्यापार के लिए इसे दिखाने के बाद वापस साथ ला सकेंगे। इससे पहले ज्वैलर्स को एयरलाइंस के जरिए ज्वैलरी भेजनी होती थी , जिसे विदेश पहुंचने में ही पांच से अधिक दिन लग जाते थे। राजस्थान कस्टम हाउस एजेंट एसोसिएशन के महासचिव सुनील शर्मा ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से उन निर्यातकों के लिए फायदेमंद होगी, जो हाय हैंड वैल्यू और समय-संवेदनशील शिपमेंट में काम करते हैं। जेम एंड ज...
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ ने विश्व युवा कौशल दिवस पर एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया
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० संवाददाता द्वारा ० नयी दिल्ली : चिपकाने वाले पदार्थ सीलेंट, निर्माण (कंस्ट्रक्शन) प्रक्रिया में उपयोग किये जाने वाले रसायन और कला सामग्री की निर्माता,पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने विश्व युवा कौशल दिवस पर व्यावसायिक प्रशिक्षण और डिजिटल नवोन्मेष के ज़रिये भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। भारत के निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्रों में 2030 तक रोज़गार के 3 करोड़ अवसर पैदा होने का अनुमान है और इस विकास को आगे बढ़ाने के लिए कुशल कार्यबल की आवश्यकता होगी। पिडिलाइट ने अपनी विभिन्न कौशल निर्माण पहलों के ज़रिये पिछले कुछ वर्षों में 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है। युवा इन पहलों के तहत प्लंबिंग, वाटर प्रूफिंग, वुडवर्किंग, निर्माण, जैविक खेती, इंटीरियर डिज़ाइन, कला एवं शिल्प और सजावट जैसे व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ के प्रबंध निदेशक सुधांशु वत्स ने कहा “पिडिलाइट का मानना है कि कौशल विकास केवल रोज़गार का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का मूल आधार है। भारत स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष, 2047 की ओर बढ़ रहा है,...
अरोमा मैजिक ने अपने सिग्नेचर एसेंशियल ऑयल्स को नए रूप में लॉन्च किया
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० संवाददाता द्वारा ० भुवनेश्वर : ब्लॉसम कोचर अरोमा मैजिक ने अपने एसेंशियल ऑयल्स की रेंज, आकर्षक नई पैकेजिंग में पुनः लॉन्च की। कंपनी की चेयरपर्सन डॉ. ब्लॉसम कोचर ने भुवनेश्वर में उत्पाद की पैकेजिंग में बदलाव किया गया है, इसकी आत्मा यथावत है 100% शुद्ध, चिकित्सीय-ग्रेड एसेंशियल ऑयल्स, जो देखभाल और प्रकृति के सर्वोत्तम अर्कों से बनाए गए हैं। इस रेंज में अब 15 एसेंशियल ऑयल्स को 10 मि.ली. की नई पैकिंग में उपलब्ध कराया गया है, जिनमें लैवेंडर, तुलसी, चंदन, गुलाब, नेरोली, लेमन ग्रास, टी ट्री, यलंग यलंग आदि अन्य तेल शामिल हैं। डॉ. ब्लॉसम कोचर, जो ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज की चेयरपर्सन और भारत में अरोमाथेरेपी की अग्रणी हैं, ने कहा, “एसेंशियल ऑयल्स को पौधों की आत्मा कहा जाता है और ये पौधों की पत्तियों, फलों, फूलों और बीजों से निकाले गए अत्यंत सघन अणु होते हैं। हमारे एसेंशियल ऑयल्स सिर्फ सुंदरता या स्वास्थ्य के लिए नहीं हैं ये मन, शरीर और आत्मा को शांत करने, सुंदर बनाने, ऊर्जा देने, संतुलन स्थापित करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। इस पुनः लॉन्च के माध्यम से हम इनकी शाश्वतता का उत्सव मना रहे ...
IIM रायपुर 353 विद्यार्थियों की MBA बैच 2025–27 के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया
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० संवाददाता द्वारा ० रायपुर : भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर जो "बिजनेस ओनर्स तैयार करने" के लिए जाना जाता है ने MBA बैच 2025–27 के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 353 विद्यार्थियों की एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत है, जो विविधता, समावेशन और नेतृत्व विकास को केंद्र में रखता है। इस वर्ष का MBA बैच संस्थान की राष्ट्रीय पहुँच और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। छात्र 21 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों से आए हैं, जिससे एक विविध और समावेशी समूह निर्मित हुआ है। खास बात यह है कि 14.5% छात्र IITs, NITs, IISERs, IIITs और IIMs जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हैं। 2024–26 के बीच, 26 छात्र (7.57%) NIT तिरुचिरापल्ली, NIT राउरकेला, VNIT नागपुर और IIT गुवाहाटी जैसे शीर्ष संस्थानों से अध्ययन कर चुके हैं। आईआईएम रायपुर इस बैच के माध्यम से विविधता और बहुआयामी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और आगे बढ़ा रहा है। 55.5% छात्र इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, जबकि 44.5% वाणिज्य, विज्ञान, मानविकी, कानून, डेंटल, एमबीबीएस और प्रबंधन जैसे विभिन्न गैर-इंजीनियरिंग ...
I.F.W.J अध्यक्ष चुनाव व कार्यकारिणी गठन तक “कोर ग्रुप” करेगा संचालन
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० आशा पटेल ० नई दिल्ली । देश भर के पत्रकार, मीडिया शिक्षक, विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों (पीटीआई कर्मचारी संघ, टाइम्स कर्मचारी संघ, समाचार पत्र कर्मचारी संघों का कंफेडेरशन, नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूजपेपर एम्प्लॉइज) के प्रतिनिधियों सहित, पत्रकार संघों के प्रतिनिधि और प्रेस कर्मचारियों के नेता दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एकत्र हुए और पत्रकार और जन-नायक कामरेड के. विक्रम राव के निधन पर शोक व्यक्त किया। देश के सबसे पुराने संगठन के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आईएफडब्लूजे की कार्यसमिति की बैठक हुई, जिसमे डॉ. राव की विरासत को आगे बढ़ाने पर कई अहम् फैसले लिए गए। यह भी निर्णय लिया गया कि तीनो उपाध्यक्ष, गोपाल मिश्रा, उपेंद्र सिंह राठौड़ और मोहन कुमार एवं कोषाध्यक्ष रजत मिश्रा का एक “कोर ग्रुप” होगा, जो संगठन के दैनिक मुद्दों का प्रबंधन करेगा और महासचिव विपिन धूलिया इसके समन्वयक होंगे । आईएफडब्लूजे के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव एवं नयी कार्यकारिणी के गठन तक, जो 2025 के अंत तक संपन्न होने हैं, तब तक यह “कोर ग्रुप” कार्यों का सञ्चालन करेगा। कॉन्स्टिट्यूशन क्ल...
प्लास्टिक में विश्वगुरु बनने की ओर भारत : चार गुना निर्यात का लक्ष्य
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० योगेश भट्ट ० नई दिल्ली। भारत अब वैश्विक प्लास्टिक व्यापार में अपनी उपस्थिति को एक निर्णायक मोड़ पर ले जाने को तैयार है। ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एआईपीएमए) ने “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के विजन के तहत एक महत्वाकांक्षी रणनीति की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य है प्लास्टिक फिनिश्ड उत्पादों के निर्यात को अगले तीन वर्षों में चार गुना तक बढ़ाना। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एआईपीएमए गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरविंद मेहता ने दी। उन्होंने कहा, “यह योजना केवल व्यापार का विस्तार नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक प्लास्टिक हब के रूप में स्थापित करने का एक राष्ट्रीय मिशन है।” मेहता ने बताया कि विश्व में प्लास्टिक फिनिश्ड उत्पादों का व्यापार लगभग 1300 अरब डॉलर का है, जबकि भारत की हिस्सेदारी मात्र 12.5 अरब डॉलर यानी कुल वैश्विक भागीदारी का केवल 1.2% है। उदाहरण स्वरूप, अमेरिका अकेले 72.35 अरब डॉलर का प्लास्टिक आयात करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी नगण्य 1.2% ही है। यह वृद्धि 2–3 नए पॉलीमर प्लांट्स की स्थापना, प्लास्टिक मशीनरी और सहायक इका...