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Just Ask / Khulke Poochho युवाओं को सशक्त बनाने और सही जानकारी देने का अ...

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प्राथमिक से लेकर बड़ी कक्षाओं तक ट्यूशन/कोचिंग का क्रेज

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०  श्याम कुमार कोलारे  ०  घर के बाद स्कूल ही वह स्थान है जहाँ बच्चे अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण समय बिताते हैं। यहीं से उनकी सोच, समझ, मूल्य और भविष्य की नींव रखी जाती है। लेकिन आज यह तस्वीर बदल रही है। अब बच्चों की पढ़ाई सिर्फ घर और स्कूल तक सीमित नहीं रही, एक तीसरा स्थान उभर आया है, जिसे हम “कोचिंग सेंटर” या “ट्यूशन क्लास” कहते हैं। यह स्थान अब बच्चों के रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन गया है।हर अभिभावक की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि उनका बच्चा कहाँ और कैसे अच्छा सीखे।  उन्हें लगता है कि स्कूल की पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, इसलिए वे अपने बच्चों को अतिरिक्त सहायता के लिए कोचिंग भेजते हैं। यही कारण है कि आज कोचिंग, बच्चों के शैक्षणिक जीवन का लगभग अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। आज बच्चे किताबों और क्लासरूम से आगे निकल चुके हैं। उनका नया क्लासरूम अब कोचिंग सेंटर बन गया है। सुबह स्कूल, दोपहर में होमवर्क और शाम को ट्यूशन; यह दिनचर्या अब लगभग हर छात्र की ज़िंदगी का हिस्सा है।  नर्सरी से लेकर बोर्ड क्लास तक, यहाँ तक कि कॉलेज जाने वाले युवाओं तक, कोचिंग का दायरा लगातार बढ़...

पुराने दोस्त से मुलाकात

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० मुहम्मद नासिर ०  आज एक दावत में उस पुराने दोस्त से मुलाक़ात हो गई जो बचपन के बहतरीन दिनों का साथी था जिस से सुबह ओ शाम का कभी ना टूटने वाला नाता था और बचपन और आती जवानी का साथ हम दोनो ने साथ गुजारा था। फिर वक़्त ने करवट ली जिंदगी बदली वो ना जाने कहाँ और में ना जाने कहाँ इस भरी दुनिया में खो गए एक दुस्ते से जुदा हो गए। आज इस मुलाक़ात ने वक़्त को माज़ी की गोद से उठा कर हमारे पहलू मे बिठा दिया है। हमे हमारा बचपन फिर से लौटा दिया है। हम मुस्कुरा रहे हैं एक दूसरे को अपनी जिंदगी के वाकियात बता रहे हैं और यह कसम खा रहे हैं " हमेशा मिलते रहेंगे और जिंदगी को ढलती उम्र में जवान बनाए रखेंगे"