संदेश

नवंबर 3, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नेस्ट फाइन आर्ट्स अकादमी 10वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी 2025 का आयोजन

चित्र
० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली : नेस्ट फाइन आर्ट्स अकादमी की *10वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी* 31 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक *ए.आई.एफ.ए.सी.एस. गैलरी, नई दिल्ली* में आयोजित की गई, जिसमें गाजियाबाद, नोएडा और रुद्रपुर शाखाओं के *100 से अधिक विद्यार्थियों* की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी का शुभारंभ *प्रो. डॉ. मंजुला चतुर्वेदी, डीन – मानविकी संकाय एवं विभागाध्यक्ष ललित कला विभाग, काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न शैलियों लैंडस्केप, पोर्ट्रेट, ऑयल, एक्रेलिक, पेस्टल और चारकोल माध्यम की विविधता की सराहना की। उन्होंने कहा कि *कला समर्पण, सूक्ष्म अवलोकन और निरंतर अभ्यास का क्षेत्र है तथा सृजनात्मक रूप से सोचना भी कला की प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के हर चरण में पढ़ने, अध्ययन करने और सीखते रहने की प्रेरणा दी। संस्थापक *ब्रेजेश शर्मा* ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में नेस्ट ने छात्रों को कला, शिक्षण, डिज़ाइन, विज्ञापन और प्रकाशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफल करियर की दिशा दी है और एक मजबूत मंच प्रदान किया है। मुख्य मार...

Nest Fine Art Academy Exhibition 2025 उभरते और पेशेवर कलाकारों का सशक्त मंच

चित्र

महिलाओं के हुनर को नहीं मिल रहा न्याय : अजय खरे

चित्र
० आशा पटेल ०  रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर के कोठी कंपाउंड स्थित ऐतिहासिक घंटाघर के आसपास बांस की टोकनी सूपा पंखा आदि बनाने का काम करने वाली महिलाएं खासतौर से शादी के मौसम में अपनी आजीविका के लिए सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं। सुबह 9 बजे से शाम को 7-8 बजे तक अपना सामान बेंचने के लिए इन्हें काफी परेशान होना पड़ता है।  समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने बताया कि करीब दो-तीन किलोमीटर दूर रानी तालाब और नया तालाब क्षेत्र से आने वाली इन महिलाओं से नगर निगम के द्वारा साल भर का लगभग ₹800 का कर वसूला जाता है। जबकि वंचित समुदाय के लोगों से इस तरह की कोई वसूली नहीं होना चाहिए। इनके बैठने के लिए कोई जगह निश्चित नहीं है। व्यवस्था के नाम पर इन्हें नगर निगम का उड़न दस्ता आए दिन खदेड़ता रहता है।  बांस का काम करने वाली ये महिलाएं बंसल समाज की हैं। इनके परंपरागत काम को लेकर सरकार की कोई मदद नहीं मिल रही है। बांस का सामान बनाना अपने आप में महत्वपूर्ण कलाकृति है। इसे बनाने में काफी समय लगता है। ना तो इनके समय की कोई कीमत है, ना ही कला की कोई इज्जत है। इन्हे...

उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकपर्व ईगास बग्वाल का आयोजन

चित्र
० योगेश भट्ट ०  देहरादून,टिहरी स्मृति एवं विस्थापित एकता मंच द्वारा उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकपर्व ईगास बग्वाल का आयोजन प्रेस क्लब, देहरादून में आयोजित किया गया। यह आयोजन उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और एकता की भावना को समर्पित रहा।  कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष श्रीमती विनोद उनियाल द्वारा की गई, विशिष्ट अतिथि के तौर पर टिहरी प्रतिकृति के निर्माता सुबोध बहुगुणा एवं रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 देहरादून (पंजी) के अध्यक्ष अभिनव थापर की रहे, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेन्द्र कंडारी ने अतिथि स्वरूप कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज की। कार्यक्रम में सभी विशिष्ट अतिथियों , अतिथियों और संस्था अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।  हिल फाउंडेशन की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया। संस्था अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री श्रीमती विनोद उनियाल ने कहा कि “ईगास बग्वाल हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं और जड़ों से जोड़ता है तथा सामुदायिक एकता की भावना को स...

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर का गंदा और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है

चित्र
० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली ; दिल्ली जल बोर्ड द्वारा यमुना को जानबूझकर प्रदूषित करने का गंभीर मामला फेडरेशन ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम, द्वारका ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कुछ स्वार्थी एवं गैर-जिम्मेदार अधिकारी यमुना नदी को जानबूझकर प्रदूषित कर रहे हैं। फेडरेशन के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने उपराज्यपाल दिल्ली तथा मुख्यमंत्री दिल्ली को भेजे गए अपने लिखित शिकायत पत्र में कहा है कि द्वारका क्षेत्र से होकर बहने वाली पालम ड्रेन, जो मूल रूप से वर्षा जल निकासी के लिए बनाई गई थी, उसमें दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर का गंदा और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। यह ड्रेन सीधे यमुना नदी में जाकर मिलती है, जिससे नदी के प्रदूषण स्तर में भयावह वृद्धि हो रही है।  सोलंकी ने कहा कि “यह न केवल पर्यावरण कानूनों का खुला उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ और यमुना सफाई अभियान के साथ विश्वासघात है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार मिलकर यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए हजारों कर...

राजस्थान विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती वर्ष पर डॉ. ममता चतुर्वेदी सम्मानित

चित्र
० योगेश भट्ट ०  जयपुर : चित्रकला विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती वर्ष (2025) के सुअवसर पर, चित्रकला विभाग एवं केन्द्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभाग की स्थापना से लेकर अब तक के उन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कला क्षेत्र में शैक्षिक, शोधपरक एवं रचनात्मक योगदान दिए हैं। इन्हीं में डॉ. ममता चतुर्वेदी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।  जिस विश्वविद्यालय से डॉ. ममता चतुर्वेदी ने 44 वर्ष पूर्व अपनी कला शिक्षा पूर्ण की, उसी स्थान पर अपने कलागुरुओं के समक्ष अपने ही शिष्यों द्वारा सम्मानित होना—यह क्षण वास्तव में रोमांचक, भावनात्मक और अविस्मरणीय रहा। इस अवसर पर अपने भाव व्यक्त करते हुए ममता चतुर्वेदी ने कहा “इस सुंदर परिकल्पना को साकार करने और इस सुअवसर पर गुरुजनों को इतने वर्षों बाद पुनः अभिनंदित करने का अवसर प्रदान करने हेतु मैं चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष डा. अमिता राज गोयल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।  उनके इस विशिष्ट एवं सफल प्रयास की प्रशंसा करना वास्तव में सूरज को दीपक दिखाने क...