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गोदरेज का मिशन 'ग्रीन' इलेक्ट्रॉनिक कचरे को मिटाने की कमान युवाओं के हाथ

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : भारत के तेजी से बढ़ते और चिंताजनक ई-वेस्ट संकट से निपटने के लिए, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज बिजनेस ने अपनी पहल 'इंडिया बनाम ई-कचरा' को एक नए जागरूकता अभियान के साथ आगे बढ़ाया है। 'वह ई-कचरा जो हम खाते हैं, लेकिन नहीं खाना चाहिए' ('The e-waste that we eat, but shouldn’t')। यह पहल बेहद खतरनाक वास्तविकता पर प्रकाश डालती है:  ई-कचरा किस प्रकार मिट्टी और जल स्रोतों में रिसकर हमारे भोजन में प्रवेश कर रहा है। ब्रांड, जहरीले ई-कचरे के तत्वों से भरे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों के दृश्य रूपकों (विजुअल मेटाफोर्स) का उपयोग करके, जिम्मेदार ई-कचरा निपटान के बारे में तत्काल जागरूकता फैलाना चाहता है। यह अभियान खासतौर पर स्कूल के बच्चों जैसे युवा पीढ़ी को लक्ष्य बना रहा है, ताकि शुरुआत से ही बदलाव लाया जा सके। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, भारत में ई-कचरा उत्पादन में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिसने वित्त वर्ष 24-25 में लगभग 1.3 मिलियन मीट्रिक टन ई-कचरा उत्पन्न किया है। यह एक वैश्विक चुनौती भी है - संयुक्त राष्ट्र के चौथे ग्लोब...

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

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० आशा पटेल ०  जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष प्रो. राम निवास शर्मा के नेतृत्व में कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात कर बकाया पेंशन एवं पेन्शन भुगतान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुहार लगाईं। कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने समस्या के सम्बंध में सोसाइटी के प्रतिनिधियों से विस्तृत में चर्चा की। प्रोफेसर शर्मा ने कुलाधिपति को इस बात से अवगत कराया कि राज्य सरकार ही विश्व विद्यालय कर्मचारियों को वेतन देती है अतः राज्य सरकार को ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान करना चाहिए ।  गंभीर मुद्दे को सुनकर कुलाधिपति ने भी अपनी सहमति जताई । प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि पहले भी हम पेंशनर्स ने पांच महीने की पेंशन ना मिलने पर लगातार धरना/ प्रदर्शन कर चुके है। परिणाम स्वरूप सरकार ने विश्व विद्यालय को लोन दिलाया तब कहीं जाकर पेंशन का भुगतान हुआ था । यही नहीं अब फिर तीन महीने की पेंशन बकाया हो चुकी है और विश्व विद्यालय पेंशन देने में असमर्थ है। पेंशनर्स की सारी समस्या को राज्यपाल ने धैर्य पूर्वक सुनी । उन्होंने समस्या सुन कर ...

ट्रांसजेंडर : सफ़र का खुलासा" नाम से पैनल डिस्कशन

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० आनंद चौधरी ०  नई दिल्ली। डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में "ट्रांसजेंडर : सफ़र का खुलासा" नाम से सोचने पर मजबूर करने वाला पैनल डिस्कशन हुआ। इसमें कम्युनिटी लीडर, पॉलिसी बनाने वाले, ट्रांसजेंडर के अधिकारों से जुड़े एक्टिविस्ट, छात्र और भारत की मुख्यधारा में सबको शामिल करने के भविष्य पर गहरी बातचीत के लिए एक साथ आए। इस सम्मेलन में सभी स्टेकहोल्डर ने हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा करने और समाज के फ़ायदे के लिए बदलाव सुझाने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के तौर अपने विचार रखे।  डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने एकेडमिक रिसर्च के ज़रिए भारत के सोशियो-इकोनॉमिक बदलाव में योगदान देने के लिए सेंटर की कोशिशों पर ज़ोर दिया। उन्होंने पैनल की इनसाइट्स को ट्रांसजेंडर मुद्दों से निपटने वाले संबंधित सरकारी डिपार्टमेंट के लिए एक्शनेबल रिपोर्ट में बदलने का इरादा बताया।  ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट, 2019 पर विचारों के साथ हुई - जिसमें 2014 में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद के लंबे स...

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का एक वर्ष पूर्ण

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० आनंद चौधरी ०  नई दिल्ली। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक साल पूरा होने के मौके पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की मौजूदगी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर बाल अधिकार कार्यकर्ता व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने बच्चों के खिलाफ अपराधों के खात्मे के लिए सभी हितधारकों से साथ आने व इस राष्ट्रीय अभियान में शामिल होने की अपील की।  ऋभु ने कहा, “बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सामुदायिक समूहों, धार्मिक नेताओं, पंचायतों व नागरिकों की सबसे मुख्य भूमिका है। सरकार का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल बन चुका है। यह बच्चों के खिलाफ होने वाले इस अपराध के खात्मे के हमारे सामूहिक प्रयासों व सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।  एक लाख से भी ज्यादा बाल विवाह रोके गए जो यह दिखाता है कि जब समाज एकजुट होता है तो बदलाव अपरिहार्य है। हमने वादा किया है कि अगले एक साल में हम एक लाख गांवों को बाल विवा...

आत्मनिर्भर भारत की नई शक्ति का प्रदर्शन करेगा कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स

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० आनंद चौधरी ०  नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने घोषणा की कि देश का पहला सबसे बड़ा “भारतीय स्वदेशी मेला” 1 मई से 5 मई, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। स्वदेशी उत्पादों का यह महा-उत्सव भारत में अब तक आयोजित होने वाले सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा, जो प्रधानमंत्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगा। यह मेला स्वदेशी जागरण मंच, लघु उद्योग भारती, एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम तथा देशभर के अनेक प्रमुख राष्ट्रीय व्यापार संगठनों, महासंघों और चैंबरों के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी कैट द्वारा गठित “स्वदेशी मेला आयोजन बोर्ड” की राष्ट्रीय बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरमैन डॉ. रामगोपाल गोयल ने की। नई दिल्ली में कैट की राष्ट्रीय ट्रेड लीडर्स मीट में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्वदेशी मेला लगाने का सुझाव कैट को दिया था।  वाणिज्यिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में वर्णित यह स्वदेशी मेला भारत के संपूर्ण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को एक मंच पर ला...

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल नही रहे

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० आनंद चौधरी ०  नही रहे पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल। लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला सहित अनेक केन्द्रीय मंत्रियों, आर.एस.एस. एवं भाजपा नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली भाजपा की ओर से अंतिम श्रद्धांजली दी। लोधी रोड़ श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली पुलिस की एक तुकड़ी द्वारा पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल को अंतिम सलामी दी गई। नई दिल्ली : देश के जाने माने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का घर पर हृदय आघात आने से आकस्मिक निधन हो गया। स्वराज कौशल पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे। उनकी पुत्री सांसद बाँसुरी स्वराज एवं अन्य परिजन उनको एम्स अस्पताल लेकर गये पर सभी प्रयासों के बाद डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।  शव को अस्पताल से सांसद बाँसुरी स्वराज के आवास 10 तालकटोरा रोड़ लाया गया और वहां से सभी अंतिम रस्में पूर्ण कर लोधी रोड़ श्मशान घाट ले जाया गया जहाँ बांसुरी स्वराज ने सनातन रीति अनुसार सूर्यास्त से पहले अपने पिता की चिता को अग्नि देकर अंतिम संस्कार पूरा किया। सांसद बांसुरी स्वराज के आवास पर लोकसभाध्...