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कवि,गीतकार सुरेन्द्र कुमार शर्मा ‘विश्व हिंदी रत्न’ उपाधि से अलंकृत

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० आशा पटेल ०  जयपुर |  कवि, गीतकार एवं अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार शर्मा को शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन, नेपाल द्वारा “विश्व हिंदी रत्न” की मानद उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान उन्हें हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के उत्थान में उनके योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किया गया। जयपुर में जन्मे शर्मा ने एम.ए. (हिंदी साहित्य), पी.जी.डी.एम. और एल.एल.बी. की उपाधियाँ अर्जित कीं। राजकीय उपक्रम में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्ति के बाद वे वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर में अधिवक्ता के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं।  शर्मा की चर्चित कृतियों “एक और सतसई” (दोहा संग्रह) तथा “गीत-शतक” (गीत संग्रह) ने साहित्य जगत में विशेष स्थान बनाया है। इसके साथ ही उनकी ई-बुक्स “शब्द के घाट” तथा “एक और सतसई” अमेज़न पर प्रकाशित हो पाठकवर्ग तक पहुँची हैं। विश्व स्तर पर हिंदी साहित्य को पहचान दिलाने हेतु आपने विश्व की पहली हिंदी कॉफी टेबल बुक “शब्दों के सारथी” का संपादन कर एक उपलब्धि स्थापित की। देश के ग्यारह रचनाकारों की चुनिंदा कृतियों से सुसज्जित यह साझा काव्य संग्रह अंतरराष्...

दुग्ध उत्पादन और कैटल फीड का टर्नओवर 10 हजार करोड़ रु पहुंचा

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राजस्थान में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। प्रदेश में कार्यशील दुग्ध संघों की वित्तीय स्थिति में व्यापक सुधार होने के साथ ही दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता का निरंतर विकास और विस्तार हो रहा है। वहीं, सहकारिता तंत्र के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीणों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जो विकसित राजस्थान-2047 के पथ का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन तथा कैटल फीड से संबंधित गतिविधियों का वार्षिक टर्नओवर 8,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष पहुंच गया है। इस वर्षिक टर्नओवर में बढ़ोतरी से दुग्ध संघों की वित्तीय स्थिति व्यापक सुधार आया है। इनके वार्षिक लाभ में लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, पूर्व में प्रदेश की 15 मिल्क यूनिट्स हानि की श्रेणी में संचालित हो रही थी। आज सभी 24 मिल्क यूनिट्स लाभ की स्थिति में हैं। प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा ह...

राजस्थान ने जल–सुरक्षा एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए ₹115 करोड़ का समझौता किया

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० आशा पटेल ०  जयपुर,राजस्थान सरकार ने “वॉटर-सेक्योर राजस्थान के लिए पब्लिक–प्राइवेट–पीपल पार्टनरशिप निर्माण” विषयक बैठक में CSR साझेदारों के साथ ₹115 करोड़ का समझौता किया। यह परामर्श UNICEF, राजस्थान सरकार तथा कार्यान्वयन भागीदार अरावली के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न विभागों, CSR संगठनों और सिविल सोसाइटी भागीदारों ने राज्य के जल-सुरक्षा एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए भागीदारी की। यह MoU पिरामल फाउंडेशन, PHD चैंबर्स, अर्पण सेवा, HPCL और ITC के साथ हस्ताक्षरित किया गया, जो मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA 2.0) के अगले चरण को ग्रामीण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण के नवाचारों और पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण के माध्यम से समर्थन देगा। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा: "CSR भागीदारों के साथ ₹115 करोड़ का यह MoU साइन करके हम वॉटर-सेक्योर राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठा रहे हैं। MJSA 2.0 के माध्यम से यह सहयोग ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करेगा, जल संरक्षण में नवाचार को बढ़ावा देगा और पंचायतों को प्रशिक्षण व क्षमता...

15 उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को " उत्तराखंड माटी रत्न " सम्मान

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली : उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्थान नई दिल्ली द्वारा उत्तराखंड रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली एनसीआर के 15 उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को " उत्तराखंड माटी रत्न " सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया , इस अवसर मुख्य अतिथि कर्नल राम रतन नेगी ने कहा लम्बे समय से चल रहे अचिन्हित उत्तराखंड आंदोलनकारियों का आंदोलन जायज है मेरा आंदोलनकारियों को पूर्ण समर्थन है  बिशिष्ठ अतिथि " रावत आइएएस ऐकेडमी . देहरादून के निदेशक प्रोफेसर जी एस रावत ने कहा सरकार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की मांग को नजरअंदाज करना उचित नहीं है । प्रोफेसर रावत ने कहा दिल्ली एनसीआर के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को जो सिविल सर्विस की कोचिंग लेना के इच्छुक हों उन्हें मेरी ऐकेडमी निःशुल्क कोचिंग देगी । बिशिष्ठ अतिथि राज्यमंत्री उत्तराखंड सरकार पी सी नैनवाल ने कहा कि धामी जी की सरकार राज्य आंदोलनकारियों के प्रति संवेदनशील है जो आंदोलनकरी अचिन्हित रह गये हैं वे चिन्हित कि जाऐंगे उनका हक उन्हें हमारी सरकार देगी। उत्तराखंड माटी रत्न सम्मान " 2025 से दिल्ली एनसीआर स...

उत्तराखंड से हो रहे पलायन पर सारगर्भित चर्चा

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० योगेश भट्ट ०  नयी सिल्ली : उत्तराखंड सदन चाणक्यपुरी दिल्ली में ,मूल की पुकार (Roots Calling) कार्यक्रम का आयोजन  सार्वभौमिक  सोशल कल्चर एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट व जयंती फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, प्रतिलोम पलायन (रिवर्स माइग्रेशन)। घस्यारी नीति निर्धारण हेतु प्रस्ताव।-वानप्रस्थ योजना एक परिचय । वीर भड़ माधोसिंह भण्डारी सम्मान 2025 को लेकर चर्चा की गई  कार्यक्रम का शुभारंभ सार्वभौमिक के संस्थापक अजय सिंह बिष्ट के उद्बोधन से हुआ जिसमें उन्होंने रिवर्स माइग्रेशन की आवश्यकता पर बात रखी व सभी उपस्थित महानुभावों से उनके विचार साझा करने का आग्रह किया,उपस्थित विशेषज्ञों ने विषयों पर बहुत सटीक तार्किक तथ्य प्रतिलोम पलायन के विषय में रखीं  संजय जोशी, गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नामधारी गोपाल उप्रेती,कर्नल यशपाल नेगी (रिटायर ) निर्विरोध प्रधान ग्राम बिरगणा पौड़ी गढ़वाल, सी एम् मीडिया सलाहकार मदनमोहन सती, डॉ प्रकाश उप्रेती, डॉ प्रेमबहुखण्डी,SI संजय शर्मा, एडवोकेट बद्री प्रसाद अन्थवाल, श्रीमती रोशनी चमोली क्षेत्र पंचायत सदस्य देवप्रयाग, ग्राम प्रधान जयानन्द...