कवि,गीतकार सुरेन्द्र कुमार शर्मा ‘विश्व हिंदी रत्न’ उपाधि से अलंकृत
० आशा पटेल ० जयपुर | कवि, गीतकार एवं अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार शर्मा को शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन, नेपाल द्वारा “विश्व हिंदी रत्न” की मानद उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान उन्हें हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के उत्थान में उनके योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किया गया। जयपुर में जन्मे शर्मा ने एम.ए. (हिंदी साहित्य), पी.जी.डी.एम. और एल.एल.बी. की उपाधियाँ अर्जित कीं। राजकीय उपक्रम में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्ति के बाद वे वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर में अधिवक्ता के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं। शर्मा की चर्चित कृतियों “एक और सतसई” (दोहा संग्रह) तथा “गीत-शतक” (गीत संग्रह) ने साहित्य जगत में विशेष स्थान बनाया है। इसके साथ ही उनकी ई-बुक्स “शब्द के घाट” तथा “एक और सतसई” अमेज़न पर प्रकाशित हो पाठकवर्ग तक पहुँची हैं। विश्व स्तर पर हिंदी साहित्य को पहचान दिलाने हेतु आपने विश्व की पहली हिंदी कॉफी टेबल बुक “शब्दों के सारथी” का संपादन कर एक उपलब्धि स्थापित की। देश के ग्यारह रचनाकारों की चुनिंदा कृतियों से सुसज्जित यह साझा काव्य संग्रह अंतरराष्...