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इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 : ओडिशा की समृद्ध विरासत और प्राचीन मूर्तिकला परंपराओं का प्रदर्शन

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० आनंद चौधरी ०  नई दिल्ली: इस वर्ष के विषय ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर आधारित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 में ओडिशा पवेलियन न केवल ओडिशा की समृद्ध विरासत और प्राचीन मूर्तिकला परंपराओं को प्रदर्शित करता है, बल्कि साल 2036 तक ओडिशा के सतत विकास के लिए तैयार किए गए विज़न डॉक्युमेंट के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने वाली राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस पवेलियन के माध्यम से राज्य सरकार ने अपनी विभिन्न जन-केन्द्रित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए गए प्रयासों को देश और वैश्विक समुदाय के सामने पेश किया। अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए राज्य के सभी वर्गों के समग्र विकास, प्रगति और आधुनिकता को अपनाने की प्रतिबद्धता इस सुंदर पवेलियन में प्रतिबिंबित होती है। यहां पर कृषि उत्पादों, उत्कृष्ट हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वस्त्रों के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाए गए उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित किया गया है। ‘शांति, प्रगति की मुख्य कुंजी’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ संदेशों को आगे बढ़ाते हुए, पवेलियन...

मुख्य सचिव से राजमेक्स की महिलाओं के कार्य स्थल सुधारों पर चर्चा

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० आशा पटेल ०  जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से राजस्थान महिला अधिकारी एवं कर्मचारी एकीकृत महासंघ (राजमेक्स) के पदाधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान महासंघ के प्रतिनिधियों ने महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संबंधित कार्यस्थल सुविधाओं, महिला कल्याण तथा सुधारों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल के सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला कर्मचारियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र में महिला अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर महासंघ की अध्यक्ष विजेता चारण, कोषाध्यक्ष अंजू गोयल, उपाध्यक्ष पुनीता सिंह, प्रचार सचिव कविता जोशी, विभागीय सह अध्यक्ष वंदन शर्मा सहित महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बोडो संगठनों का जंतर-मंतर पर धरना 125वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने की मांग

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने यूनाइटेड बोरो पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (यूबीपीओ) और पूर्व एनडीएफबी वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर बोडो शांति समझौते, 2020 के तहत की गई प्रमुख प्रतिबद्धताओं के तत्काल कार्यान्वयन के लिए नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय आंदोलन का आयोजन किया।  कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में पूर्वोत्तर भारत की दस छठी अनुसूची परिषदों के नेताओं ने भाग लिया, संगठनों ने जंतर-मंतर पर तीन घंटे का धरना दिया और लंबे समय से लंबित 125वें संविधान संशोधन विधेयक, 2019 को पारित करने की मांग की। यह विधेयक असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में छठी अनुसूची परिषदों की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों को मजबूत करने का प्रयास करता है। एबीएसयू के अध्यक्ष दीपेन बोरो ने कहा, "2020 का बोडो समझौता बोडोलैंड क्षेत्र में शांति और स्थिरता का एक नया सवेरा लेकर आया है, लेकिन शांति के लिए कार्रवाई ज़रूरी है। पाँच वर्षों से हम धैर्य और विश्वास के साथ प्रतीक्षा कर रहे हैं, फिर भी समझौते के कई प्रमुख खंड अभी भी अछूते हैं। हम केंद्र, राज्य सरकार औ...

स्व.साहित्यकार शैलेश मटियानी को “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025

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० योगेश भट्ट ०  देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समारोह में प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार स्वर्गीय शैलेश मटियानी को प्रदत्त “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार–2025” उनके पुत्र राकेश मटियानी को प्रदान किया। यह सम्मान स्व. मटियानी की साहित्यिक उपलब्धियों, हिन्दी कहानी जगत में उनके योगदान तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त पहचान दिलाने के लिए दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि शैलेश मटियानी केवल एक साहित्यकार नहीं, बल्कि संवेदनाओं के कुशल शिल्पी थे। आधुनिक हिन्दी कहानी आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा, संघर्ष, और जीवन-सत्य को जिस प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की पंक्ति में स्थापित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के उन महान प्रतिभाओं के योगदान को हमेशा सम्मान देती है, जिन्होंने अपनी लेखनी, कर्म और रचनात्मकता से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है। स्व. मटियानी के “बोरीवली से बोरीबन्दर”, “मुठभेड़”, “अधागिनी”, “च...