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अगस्त 2, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महामना मालवीय मिशन ने जयपुर में किया "गीता ज्ञान यज्ञ प्रतियोगिता"

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o आशा पटेल o   जयपुर | महामना मालवीय मिशन के तत्वावधान में एक कार्यक्रम "गीता ज्ञान यज्ञ प्रतियोगिता" का आयोजन, माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर, मानसरोवर,जयपुर में सम्पन्न हुआ । मिशन के संस्थापक अध्यक्ष के.के.पाराशर ने बताया कि मिशन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति का प्रचार व प्रसार करना है। इसी के अनुरूप ये प्रतियोगिता आयोजित की गई है। हमारा प्रयास है कि प्रतिवर्ष इसको आयोजित करते रहें। महासचिव गिरधर गुप्ता ने बताया कि इस प्रतियोगिता में माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर के 38, विकास बाल निकेतन के 25 व वर्चु एन इन्गलिश मीडियम स्कूल, मानसरोवर के 29 विद्यार्थियों सहित कुल 92 बच्चों ने भाग लिया। संस्था के अध्यक्ष अनिरूद्ध सिंह ने सभी विद्यार्थियों उनके अभिभावकों एवं प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को "प्रमाण पत्र" 5 सितम्बर "शिक्षक दिवस" पर आयोजित कार्यक्रम में बाँटे जाएगें। साथ ही प्रथम तीन स्थान एवं सांत्वना पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित ...

अमेरिका के 25% टैक्स लगाने से भारतीय हस्तशिल्प के 35 लाख से ज़्यादा कारीगरों की आजीविका पर पड़ेगा असर

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o आशा पटेल o  नयी दिल्ली | एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) ने अमेरिका द्वारा 7 अगस्त से भारतीय वस्तुओं, जिनमें हस्तशिल्प भी शामिल हैं, 25% शुल्क और अतिरिक्त जुर्माने लगाने पर विचार किए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की है। चूँकि अमेरिका भारतीय हस्तशिल्प के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, यह नीति निर्यातकों और 35 लाख से अधिक कारीगरों, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिला कारीगरों की आजीविका पर बड़ा असर होगा I वर्तमान स्थिति पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, "अमेरिका द्वारा टैरिफ लागू ने भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं, जो न केवल व्यापार को प्रभावित करेगी बल्कि लाखों कारीगरों की आजीविका को भी खतरे में डाल दिया हैं। इस टैरिफ के कारण निर्यात में 15–20% तक की गिरावट आ सकती है, जिसके चलते ऑर्डरों की रद्दीकरण और निर्यातकों, विशेष रूप से छोटे और मंझोले उद्यमों के लिए कार्यशील पूंजी संकट का खतरा बढ़ गया है, जो इस उद्योग की रीढ़ हैं। ” उन्होंने कहा कि “अमेरिका भारत के हस्तशिल्प का सबसे बड़ा बाजार है,  जिसने वित्तीय...

मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल 2025 का हुआ उद्घाटन

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o आनंद चौधरी o  नई दिल्ली : मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल,2025 दिल्ली हाट, नई दिल्ली में यह पर्व न केवल मेघालय की कृषि सफलता का उत्सव है, बल्कि भारत के किसानों के उज्ज्वल भविष्य की झलक भी है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया, जिनके साथ मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, तथा भारत सरकार और मेघालय सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि मंत्री ने कहा, “आज दिल्ली की हवाओं में मेघालय की महक महसूस की जा रही है। यहां की फिजाएं आज मेघालय के अनानास से सराबोर हैं। मुझे पहले से पता था कि मेघालय में बहुत अच्छा अनानास होता है, लेकिन जब आज मैंने खाया, तो खाता ही रह गया। ऐसा रस और ऐसी मिठास मैंने किसी अनानास में नहीं देखी। यह सिर्फ रस नहीं है, यह मेघालय की माटी की मिठास है, यह मेघालय का प्रेम है पूरे हिंदुस्तान के लिए।” उन्होंने कहा, “अगर दुनिया में कहीं स्वर्ग है, तो वह मेघालय में है। यहां के उत्पाद लगभग जैविक हैं और आपने जो मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन के प्रयास किए हैं, उससे तीसरे साल में यह साबित हुआ है कि मेघालय के उत्पाद अद्भ...

ग़ज़ल

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o मुहम्मद नासिर o  बैठ के तन्हाई में यूँ घर के अंदर आंसुओं को इस तरह बर्बाद ना कर। रख यक़ीं अल्लाह पर, उसके जहाँ में एक बंद होने पे खुलता दुसरा दर। मुझ को कहता डूब जाने के लिए दिल की गहराई मे तु भी तो उतर। है तबियत ठीक तो हमदम मेरे आज कल आते नहीं हो क्यों नज़र? रोना हंसना गम खुशी या दर्द हो जिंदगी हर हाल में होगी गुज़र। हो रहूँ बर्बाद मैं इस के लिए तुम ने छोड़ी है कहाँ कोई कसर? तुझ से लड़ने के लिए ए जिंदगी कस रहा हूँ आज मैं अपनी कमर। धोके अपने दे रहे थे रात दिन आज नासिर को हुई इसकी खबर।

मशहूर टीवी पैनलिस्ट व वकील रईस अहमद को कमेटी ने किया सम्मानित

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o संवाददाता द्वारा o  नयी दिल्ली : दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के द्वारका कोर्ट में चल रहे डाबड़ी क़ब्रिस्तान के मुक़दमे में आख़िरकार एक लंबी क़ानूनी लड़ाई के बाद वक़्फ़ क़ब्रिस्तान कमिटी को राहत देते हुए प्रतिवादीयों के विरुद्ध अवैध रूप से रोकथाम करने के खिलाफ मुक़दमें में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए क़ब्रिस्तान में अंतरिम आदेश पारित कर दफन की इजाज़त दे दी। गौरतलब है कि अपने आदेश में न्यायालय ने एडवोकेट रईस अहमद व उनकी लीगल टीम के ज़रिए कोर्ट के आगे पेश किए गए सबूतों व ज़ोरदार बहस के आधार पर ये फैसला सुनाया है। साथ ही मुक़दमे की सुनवाई पूरी होने तक जनाज़ों के दफ़न में किसी भी प्रकार की रुकावट डालने से प्रतिवादियों पर रोक लगाते हुए स्टे आर्डर पास कर दिया है।  कोर्ट ने अपने फैसले में जहां डाबरी क़ब्रिस्तान को 100 वर्षो से पुराना व अवाम के लिए उपयोग होना माना, वहीं किसी भी प्रकार से प्रतिवादियों के हस्तक्षेप को ग़ैर क़ानूनी क़रार दिया। कोर्ट के इस न्यायपूर्ण फ़ैसले के आने के बाद डाबड़ी क़ब्रिस्तान वक़्फ़ कमिटी ने इस मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता रईस अहमद को सम्मानित किया और उनकी लीगल टीम के सभी सह...