राज्यपाल ने "भारतीय दिव्यांग संघ" में दिव्यांगों को किया सम्मानित
० आशा पटेल ० जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दिव्यांग दिव्य होते हैं, जीवन शक्ति से भरपूर होते हैं। वह हौसला रखे तो बड़े से बड़ा काम भी वे करते है। राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण के लिए सभी को समर्पित होकर कार्य किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग-बच्चे देवताओं के समान हैं। उनमें विशिष्ट गुण होते हैं। इसीलिए उन्हें 'वेदांगी' कहा गया है। वह ऐसे बच्चे होते हैं जो ज्ञान से जुड़े अंग लिए होते हैं। पर कईं बार यह अंग सुप्त हो जाते हैं, इनका उपचार यदि समुचित रूप में होता है तो यह समाज के लिए बहुत बड़ी सौगात है। राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार ने दिव्यांगजनों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने तथा उनके कौशल को पोषण देने एवं उनकी सुगमता और अधिकारों की सुरक्षा के लक्ष्य पर आधारित ‘दिव्यांगजन अधिकार विधेयक -2016’ पारित किया है। इस विधेयक के अंतर्गत दिव्यांग की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 किया गया है। उन्होंने बच्चों को हुनर से जोड़ने के लिए, कलाओं से संपन्न करने के लिए कार्य करने पर जोर दिया। इससे पहले राज्यपाल ने विश्व दिव्यांग सम्मान के अंतर्गत...