संदेश

पद्मश्री मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति "सावन ए सेलिब्रेशन ऑफ़ रेन " दिल्ली में होगी

चित्र
० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली, भारतीय लोक परंपराओं की आत्मा को छू लेने वाली सुरधारा 31 जुलाई को कमानी ऑडिटोरियम में पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपनी अनोखी प्रस्तुति "सावन – अ सेलिब्रेशन ऑफ़ रेन " के साथ मंच पर होंगी। यह संगीतमय संध्या केवल सुरों का उत्सव नहीं होगी, बल्कि भारतीय वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक विरासत, लोक स्मृतियों और भावनात्मक संवेदनाओं का एक जीवंत उत्सव बनेगी जहाँ संगीत, मौसम और परंपरा का त्रिवेणी संगम दर्शकों को एक अनोखे अनुभव से भर देगा। सोंचिरैया द्वारा संकल्पित एवं प्रस्तुत, तथा एक्सक्यूरेटर इवेंट्स द्वारा निर्मित और प्रचारित यह आयोजन भारतीय मानसून की दृश्य, श्रव्य और भावनात्मक अनुभूतियों में पूरी तरह से डूब जाने का आमंत्रण देता है।‘सावन’ उन कालजयी रागों और लोक ध्वनियों को पुनर्जीवित करता है, जो पीढ़ियों और सीमाओं को पार करते हुए आज भी हमारी सांस्कृतिक स्मृतियों में गूंजते हैं। यह संध्या केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय ऋतु संस्कृति की आत्मा से जुड़ने का एक अवसर है। सावन की सांस्कृतिक और भावनात्मक आत्मा को समर्पित इस संगीतमय संध्या को श्रद्धांजलि स्वरूप रचा गया है। इस...

जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में लगाया जयपुर की विकलांग समिति ने कैम्प

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर। भारतीय सेना और जयपुर फुट की निर्माता संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले के सूरनकोट के जरान वाली गली गाँव में सेना की देखरेख और सुरक्षा में एक दो दिवसीय आयोजन कर वहाँ के विकलांगों को लाभान्वित किया गया । इस शिविर का उद्देश्य द्विव्यांगों को सहायक उपकरण प्रदान कर उनकी गतिशीलता, सम्मान और स्वतन्त्रता बहाल करना था, ताकि वह स्वयं को असहाय न समझें । इस शिविर में द्विव्यांगों को उनकी जरूरतों के अनुसार व्हील चेयर, बैसाखी, ब्लाइण्ड स्टिक, श्रवण यंत्र आदि निःशुल्क उपलब्ध कराए गए । 80 वर्षीय गुरसाई तवी को शबनम बानों जो शिविर में अपनी बेटी को व्हील चेयर दिलाने लाई थी ने कहा कि मेरी बेटी को जब व्हील चेयर मिली तो मेरे आंसू आ गए। सेना और बी.एम.वी.एस. एस. हमारी जिन्दगी में नई रोशनी ले कर आए हैं । किसान हाजी नजीर भी वह बड़ी दूर से शिविर का लाभ लेने के लिए बड़ी कठिनाई से सूरनकोट पहुँचा। उसने कहा कि यहां मुझे इलाज भी मिला और इज्जत भी और सेना तथा तकनीशियनों का प्यार मिला जिससे अब मैं आसानी से चल सकूंगा । बी.एम.वी.एस.एस. के मुख्...

सीए बुद्धिजीवी वर्ग है और कांग्रेस की विचारधारा मिलेगी तो एक और एक 11 बनेंगे

चित्र
० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  टीकाराम जूली ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सीए प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी के कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उपस्थित कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ समय पहले उनसे एक व्यक्ति मिला उसने कहा कि आपसे जुड़ेंगे तो हमें क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेरा जवाब था यदि मुझे जोड़ोगे तो एड से तो परिचय करवा ही देंगे उन्होंने कहा कि जैसे बुद्धिजीवी वर्ग का देश के निर्माण और उन्नति में बहुत योगदान होता है। उन्होंने कहा कि आज समय आ गया है कि आज इस देश को और देश के संविधान को बचाने के लिए और लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए हर उस व्यक्ति का जो समझ और सोच रखता है देश से प्यार करता है उसे विचारधारा के मुताबिक कांग्रेस के साथ आकर बीजेपी की गलत नीतियों और जो केंद्र सरकार के संविधान विरोधी कार्य हैं उसे रोकने के लिए काम करना होगा, क्योंकि आज देश में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि आप सभी जो देश को जोड़न...

Jaipur : Dy CM Diya Kumari Says शीघ्र शुरू करेंगे पर्यटन पुरस्कार Rajast...

चित्र

भारतीय सिनेमा के उभरते सितारों को तराशेगी स्क्रीन एकेडमी

चित्र
० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : इंडियन एक्सप्रेस समूह और स्क्रीन अकैडमी भारतीय सिनेमा के उभरती प्रतिभाओं की मदद करेगी और उन्हें अपनी कृतियों का प्रदर्शन करने का मौका देगी। कान और ऑस्कर विजेता, गुनीत मोंगा, पायल कपाड़िया और रेसुल पूकुट्टी, और अनुभवी पटकथा लेखक, अंजुम राजाबली सहित यह अकैडमी भारत के शीर्ष फिल्म संस्थानों के साथ मिलकर, शिक्षा, प्रतिनिधित्व और मान्यता के ज़रिये फिल्म निर्माताओं की अगली पीढ़ी की पहचान करेगी और उन्हें मदद करेगी। लोढ़ा फाउंडेशन के संस्थापक संरक्षक, अभिषेक लोढ़ा के सहयोग से स्थापित, स्क्रीन अकैडमी अपने फिल्म संस्थानों द्वारा उन छात्रों को सालाना स्नातकोत्तर फेलोशिप प्रदान करेगी, जिनमें असाधारण कहानी कहने की क्षमता है, लेकिन औपचारिक फिल्म शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि समय और स्थान इससे अधिक प्रासंगिक नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, "फिल्म उद्योग का मुंबई से अभिन्न रिश्ता है। मुझे इंडियन एक्सप्रेस समूह की ओर से गैर-लाभकारी स्क्रीन अकैडमी की स्थापना के बारे में जानकर खुशी हो रही है...

फ्यूचर टेक स्टोर' के साथ शाओमी ने कोलकाता में अपनी खुदरा उपस्थिति का विस्तार किया

चित्र
० संवाददाता द्वारा ०  कोलकाता : स्मार्टफोन ब्रांड शाओमी इंडिया ने कोलकाता में अपने नए एक्सक्लूसिव रिटेल स्टोर ‘शाओमी स्टोर - फ्यूचर टेक स्टोर’ के लॉन्च की घोषणा की। यह स्टोर भजनलाल कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अधिकृत फ्रैंचाइज़ी के रूप में संचालित किया जाएगा। यह पहल शाओमी की निरंतर ओमनी-चैनल विस्तार रणनीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सभी के लिए नवाचार को सुलभ बनाना है। एक ऑनलाइन ब्रांड से एक मजबूत ओमनी-चैनल उपस्थिति में विकसित होकर, शाओमी अब ऑफलाइन रिटेल अनुभवों में निवेश कर रहा है जो ग्राहकों को अत्याधुनिक तकनीक के और करीब लाता है। नया स्टोर ग्राहकों को शाओमी के बेहतरीन स्मार्टफोन और AIoT उत्पादों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है, जो डिजिटल सुविधा और भौतिक इंटरैक्शन के मेल से एक सहज और आकर्षक रिटेल अनुभव बनाता है। कोलकाता के ई-मॉल में रणनीतिक रूप से स्थित, यह स्टोर शाओमी के नवीनतम इकोसिस्टम की झलक प्रस्तुत करता है। फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी और विस्तृत AIoT डिवाइसेज़ तक, यह आउटलेट शाओमी और रेडमी के सबसे पसंदीदा नवाचारों को एक ही छत के नीचे लाता है। ग्राहकों ...

आध्यात्मिकता से ही समाज में समृद्धि,खुशहाली और शांति आएगी : पूर्व राज्यपाल गोबिंद बहादुर टुमबांग

चित्र
० अशोक चतुर्वेदी ०  आबूरोड, राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा आनंद सरोवर परिसर में चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एवं रिट्रीट का आयोजन किया जा रहा है। समाज की समृद्धि में आध्यात्मिकता की भूमिका विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित नेपाल से एक हजार से अधिक समाजसेवी और विभिन्न समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। नेपाल सरकार कोशी के पूर्व राज्यपाल गोबिंद बहादुर टुमबांग ने कहा कि आज की दुनिया बॉडी कॉन्सियशनेस (देहभान) में इतनी डूब गई है कि वह अपनी वास्तविक पहचान, अपनी आत्मा की पहचान को भूल गई है। देहभान के कारण ही दुनिया अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह में डूबती जा रही है। वास्तव में हम सभी आत्माएं हैं। आत्मा प्रेम स्वरूप है, शांत स्वरूप है। जब हम आत्मा की पहचान को जानते हैं तभी परमात्मा को पहचान सकते हैं। आत्मिक रूप की स्मृति से हमारा एक-दूसरे के प्रति दया, प्रेम, स्नेह और सहयोग का भाव रहता है। आध्यात्मिकता के समावेश से ही समाज में समृद्धि, खुशहाली और शांति आएगी। जब मैं कोशी में राज्यपाल था, तब एक बार विराटनगर ऑफिस में ब्रह्माकुमारी बहनों का आना हुआ। उस दौरान ब्रह्माकुमा...