जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में लगाया जयपुर की विकलांग समिति ने कैम्प
जयपुर। भारतीय सेना और जयपुर फुट की निर्माता संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले के सूरनकोट के जरान वाली गली गाँव में सेना की देखरेख और सुरक्षा में एक दो दिवसीय आयोजन कर वहाँ के विकलांगों को लाभान्वित किया गया । इस शिविर का उद्देश्य द्विव्यांगों को सहायक उपकरण प्रदान कर उनकी गतिशीलता, सम्मान और स्वतन्त्रता बहाल करना था, ताकि वह स्वयं को असहाय न समझें । इस शिविर में द्विव्यांगों को उनकी जरूरतों के अनुसार व्हील चेयर, बैसाखी, ब्लाइण्ड स्टिक, श्रवण यंत्र आदि निःशुल्क उपलब्ध कराए गए ।80 वर्षीय गुरसाई तवी को शबनम बानों जो शिविर में अपनी बेटी को व्हील चेयर दिलाने लाई थी ने कहा कि मेरी बेटी को जब व्हील चेयर मिली तो मेरे आंसू आ गए। सेना और बी.एम.वी.एस. एस. हमारी जिन्दगी में नई रोशनी ले कर आए हैं । किसान हाजी नजीर भी वह बड़ी दूर से शिविर का लाभ लेने के लिए बड़ी कठिनाई से सूरनकोट पहुँचा। उसने कहा कि यहां मुझे इलाज भी मिला और इज्जत भी और सेना तथा तकनीशियनों का प्यार मिला जिससे अब मैं आसानी से चल सकूंगा ।
बी.एम.वी.एस.एस. के मुख्य संरक्षक डी.आर. मेहता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषकर सीमाई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विकलांग हैं जो वर्षों से विकलांगता के कारण कठिन जीवन जी रहे हैं। ऐसे विकलांगों का पुर्नवास करने का बीड़ा बी.एम.वी.एस.एस. ने सेना के सहयोग से उठाया हैं। पूर्व में भी सीमाई क्षेत्रों में ऐसे शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।
बी.एम.वी.एस.एस. के मुख्य संरक्षक डी.आर. मेहता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषकर सीमाई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विकलांग हैं जो वर्षों से विकलांगता के कारण कठिन जीवन जी रहे हैं। ऐसे विकलांगों का पुर्नवास करने का बीड़ा बी.एम.वी.एस.एस. ने सेना के सहयोग से उठाया हैं। पूर्व में भी सीमाई क्षेत्रों में ऐसे शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।


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