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कृषि के परिवेश को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय फोरम एग्रीकॉन शुरू

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह लगभग आधी आबादी को रोजगार प्रदान करती है, और देश के जीडीपी में लगभग पाँचवें हिस्से के बराबर योगदान देती है। गाँवों और शहरों में एक बड़ी आबादी की रोजीरोटी कृषि से चलती है। लेकिन फिर भी कृषि क्षेत्र के बारे में होने वाली बातचीत काफी बिखरी हुई है। एक जगह कृषि में टेक्नोलॉजी के बारे में बात होती है, तो किसी दूसरी जगह फाईनेंस, वहीं नीतियों की चर्चा कहीं और होती है। इन सभी वार्ताओं को संगठित करने के उद्देश्य से मेसे मुंशेन ने सोमवार को एग्रीकॉन इंडिया का लॉन्च किया। यह 16 दिसंबर से 18 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित होने वाला एक राष्ट्रीय ट्रेड फेयर है। इसका आयोजन ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा। एग्रीकॉन इंडिया एक राष्ट्रीय संगोष्ठी केंद्र के रूप में काम करेगा, जहाँ संपूर्ण कृषि क्षेत्र के हितधारक एक जगह एकत्रित होंगे। इनमें नीतिनिर्माताओं से लेकर शोधकर्ता, किसान और इनोवेटर्स शामिल होंगे। एग्रीकॉन इंडिया का उद्देश्य है, भारत में कृषि क्षेत्र में संपर्क में परिवर्तन लाना, सहयोग करना और व्यापक रूप से विस्तार संभव बना...

भारत के ट्रक ड्राइवरों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी गंभीर चुनौतियां

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : अपोलो टायर्स द्वारा जारी “ट्रकर्स – द बैकबोन ओफ ऑर सप्लाई चेन” भारत के ट्रक ड्राइवरों के स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं वह कार्यबल जो देश की अर्थव्यवस्था को गतिमान रखता है, लेकिन सबसे उपेक्षित कार्यबलों में से एक है। प्रमुख परिवहन गलियारों के ड्राइवरों का सर्वेक्षण करने वाले इस अध्ययन में, लंबे समय तक गाड़ी चलाने और अपर्याप्त आराम सुविधाओं से जुड़ी पुरानी थकान, पीठ दर्द, जोड़ों के दर्द, नींद न आने की समस्या और मानसिक तनाव के व्यापक मामले सामने आए।  अध्ययन में मुख्य रूप से 97% प्राथमिक ड्राइवरों और केवल 3% द्वितीयक ड्राइवरों या सह-चालकों पर ध्यान केंद्रित किया गया: 45% ड्राइवर पीठ दर्द, जोड़ों और गर्दन के दर्द को सामान्य स्वास्थ्य समस्याएँ बताते हैं। 33% ड्राइवर थकान और मानसिक तनाव को सामान्य स्वास्थ्य समस्याएँ बताते हैं। 69% ड्राइवर नींद न आने की बीमारी को एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या बताते हैं।  66% ड्राइवर मानते हैं कि अपर्याप्त पानी और पानी का अलग-अलग स्वाद उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौत...

भैया भिंडी क्या भाव है

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  ० आरिफ जमाल ०  महिला सब्ज़ी वाले से - भैया भिंडी क्या भाव है ? सब्ज़ी वाला - चालीस रुपये किलो।  महिला - आधा किलो  सब्ज़ी वाला - आधा किलो पच्चीस रुपये की है  महिला - अच्छा एक पाँव दे दो,अच्छा स्केनर है ? अब सब्ज़ी वाले का मुंह देखने लायक था। 

राजीविका डिज़ाइन प्रोजेक्ट का समारोह हुआ आर्च कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइनिग़ में

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० आशा पटेल ०  जयपुर | आर्च कोलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिजनेस ने ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के सहयोग से राजीविका आर्च डिज़ाइन इंटरवेंशन प्रोजेक्ट का समापन समारोह मालवीय नगर गोविन्द मार्ग स्थित आर्च कॉलेज परिसर में आयोजित किया। समारोह में नेहा गिरी आई ए एस, राज्य मिशन निदेशक – राजीविका, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और श्रीमती पूजा, परियोजना समन्वयक, राजीविका, विशेष अतिथि रहीं। प्रोजेक्ट का सृजनात्मक मार्गदर्शन अर्चना सुराणा , संस्थापक एवं निदेशक –आर्च कोलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिजनेस ने किया। निदेशक अर्चना सुराणा ने बताया कि यह दो माह का प्रोजेक्ट 11 अगस्त 2025 को शुरू हुआ था , जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा संचालित सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को डिज़ाइन सहयोग के माध्यम से सशक्त बनाना था। इस दौरान 35 से अधिक डिज़ाइनर छात्रों ने बगरू, दौसा ,टोंक और सांगानेर की 6 आर्टिजन क्लस्टर्स के साथ काम किया और ग्रामीण हस्तशिल्प तथा सतत डिज़ाइन की व्यावहारिक समझ प्राप्त की। छात्रों और कारीगरों ने मिलकर 20 प्रोडक्ट प्रोटोटाइप्स (टेक्सटाइल, इंटीर...

किराना किंग कनेक्ट 2025 : जयपुर में 500 रिटेलर्स और एफएमसीजी एक साथ

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० आशा पटेल ०  जयपुर, किराना किंग ने जयपुर में अपना एक सालाना कार्यक्रम "किराना किंग कनेक्ट 2025" आयोजित किया। इस कार्यक्रम में राजस्थान से 500 से ज्यादा किराना दुकानदार, फूड बनाने वाली कंपनियां और अन्य लोग शामिल हुए। भारत में ब्रांडेड पैकेज्ड फूड स्टेपल्स का भविष्य " थीम पर आधारित यह आयोजन एक मजबूत मंच साबित हुआ। इस मंच पर बदलते उपभोक्ता रुझानों, किराना दुकानदारों और निर्माताओं की चुनौतियों, सभी हितधारकों के लिए अवसरों और भारतीय किराना बाजार में फूड स्टेपल्स की भूमिका पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अनुप कुमार खंडेलवाल , एमडी और सीईओ, किराना किंग ने कहा: "भारतीय फूड स्टेपल्स बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। ग्राहक अब भरोसेमंद, अच्छी क्वालिटी और सही दाम वाली चीजें चाहते हैं। ब्रांडेड पैकेज्ड स्टेपल्स इसी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। किराना किंग का लक्ष्य है ऐसा सिस्टम बनाना जहां किसान, निर्माता, दुकानदार और ग्राहक सब साथ मिलकर आगे बढ़ें। कार्यक्रम में लोगों ने कहा कि किराना किंग कनेक्ट 2025 ने भविष्य की सोच वाली चर्चा और नेटवर्किंग का शानदार मंच दिया। इसने उ...

महाभारत का नए रूप में डिजिटल प्रीमियर 25 अक्टूबर को वेव्स ओटीटी पर होगा

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : कलेक्टिव मीडिया नेटवर्क ने महाकाव्य ‘महाभारत’ के एआई-आधारित पुनर्कल्पना के प्रसारण की घोषणा की है। इस श्रृंखला का डिजिटल प्रीमियर 25 अक्टूबर को वेव्स ओटीटी पर होगा। इसके बाद 2 नवंबर से हर रविवार सुबह 11:00 बजे दूरदर्शन पर इसका प्रसारण होगा। यह श्रृंखला भारत और दुनिया भर के डिजिटल दर्शकों के लिए वेव्स ओटीटी के माध्यम से एक साथ उपलब्ध होगी। अपनी तरह का यह पहला सहयोग भारत के सार्वजनिक प्रसारक की विरासत और देशव्यापी पहुंच को अगली पीढ़ी के मीडिया नेटवर्क के रचनात्मक नवाचार के साथ जोड़ता है। उन्नत एआई उपकरणों का उपयोग करते हुए, इस श्रृंखला में महाभारत महाकाव्‍य के व्‍यापक स्‍वरूप, उसके पात्रों, युद्धक्षेत्रों, भावनाओं और नैतिक दुविधाओं को सिनेमा के पैमाने और अद्भुत यथार्थवाद के साथ फिर से तैयार किया गया है। यह परियोजना मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया की भावना को मूर्त रूप देती है और यह दर्शाती है कि कैसे विरासत और नवाचार एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। प्रसार भारती के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी इस सहयोग पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि प्रसार ...

अधाता ट्रस्ट के 13 साल : 65 से 90 वर्ष की आयु के बुजुर्गों का जश्न

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : बुजुर्गों के भावनात्मक और सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पित मुंबई स्थित गैर-सरकारी संगठन, अधाता ट्रस्ट ने अपनी 13वीं वर्षगांठ और अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस समारोह में 65 से 90 वर्ष की आयु के सौ से अधिक बुज़ुर्ग इकट्ठे हुए, जिनमें से कई 80 वर्ष से अधिक उम्र के थे, और उन्होंने पूरे जोश के साथ मंच संभाला। उनकी भागीदारी, अधाता के सकारात्मक वृद्धावस्था (पॉज़िटिव एजिंग) के दृष्टिकोण का प्रमाण थी। यह दृष्टिकोण बुजुर्गों को परस्पर सहयोग और ख्याल रखने वाले समुदाय में संपूर्णता से जीवन जीने के लिए सशक्त बनाता है। अधाता ट्रस्ट ने पिछले 13 साल से अपने समुदायों में वृद्धावस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, परिचित वातावरण में बुढ़ापे (एजिंग इन प्लेस) की अवधारणा को आगे बढ़ाया है। ट्रस्ट ने इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए, महा-तारा थीम के तहत वार्षिक उत्सव का आयोजन किया। मराठी शब्द 'म्हातारा', का अर्थ है 'बुजुर्ग' और महा-तारा यानी सूर्य ज्ञान और जीवन शक्ति के प्रकाश स्तंभ के रूप में चमकता है। इस विचार के आधार पर इस ...