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जे.डी.बिड़ला इंस्टीट्यूट ने IMA ,USA के साथ किया करार छात्रों के लिए खुले ग्लोबल करियर के अवसर

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० संवाददाता द्वारा ०  कोलकाता : जे.डी. बिड़ला इंस्टीट्यूट,कोलकाता ने इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स, यूएसए के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर कर प्रोफेशनल शिक्षा के क्षेत्र में एक उपलब्धि हासिल की है। इस साझेदारी के माध्यम से जेडीबीआई पूर्वी भारत का पहला कॉलेज बन गया है जिसने मैनेजमेंट अकाउंटिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में विश्व-स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल संस्था आईएमए के साथ औपचारिक सहयोग स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक कौशल और अंतरराष्ट्रीय प्रमाण-पत्रों से सशक्त बनाना है। यह एमओयू एक शैक्षणिक साझेदारी की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक रूप से प्रासंगिक कौशल, अंतरराष्ट्रीय प्रमाण-पत्र और उद्योग-उन्मुख सीखने के अवसर प्रदान करना है। यह पहल जेडीबीआई की कैरियर-केंद्रित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और बदलती वैश्विक प्रोफेशनल आवश्यकताओं के अनुरूप छात्रों को तैयार करने के दृष्टिकोण को और सशक्त बनाती है।  जेडीबीआई के छात्र अपने नियमित डिग्री प्रोग्राम के साथ-साथ आईएमए द्वारा प्रदान किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय ...

दमन प्रतिरोधी प्रतिनिधिमंडल ने चौमूं में दमन के शिकार इलाकों का किया दोरा

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० आशा पटेल ०  जयपुर | दमन प्रतिरोधी आंदोलन,राजस्थान के तीन प्रतिनिधिमंडलों ने चौमूं का दौरा किया। दमन प्रतिरोधी आंदोलन, राजस्थान की बैठक में प्रतिनिधिमंडलों की रिपोर्ट के आधार पर सामने आई जानकारी चोमूं में अल्पसंख्यकों के मौहल्लों में उच्चाधिकारियों की शह पर पुलिसकर्मियों ने जमकर तांडव किया । साथ ही पुलिस कर्मियों द्वारा अमानवीय दमन, लूट-पाट और तोड़-फोड़ की गई। घरों में घुसकर औरतों और बच्चों के साथ भी की बदसलूकी और मारपीट। बच्चों, बुजुर्गों, बीमारों और मानसिक विक्षिप्त को भी नहीं बख्शा। स्थानीय प्रशासन, थानाधिकारी और उच्चाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध और गैरजिम्मेदाराना थी । प्रतिनिधिमंडल ने घायलों को उपचार और पीड़ितों को नुक्सान का मुआवजा देने की मांग की है । दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्यवाही की मांग भी की है । प्रतिनिधिमंडलों ने चौमूं के पुलिस दमन का शिकार हुये पठानों का मौहल्ला, कुम्हारों का मौहल्ला, लुहारों का मौहल्ला और अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में सीपीआई(एम) के पोलित ब्यूरो सदस्य और सीकर सांसद का.अमराराम, सीपीआई(एम) जयपुर जिला सचिव ड...

नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो

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० शेख अब्दुल वहाब ०  नव वर्ष नया हर्ष हो – नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो नई उमंग नया उल्लास हो नया उत्साह जीवन भर हो नव तरंग मन में दूर हो दुःख दूर वेदनाएं, विपदाएं हो विमुख केवल श्रम से प्राप्त सुख हो मुख पर न हो मुखौटा झूठा मानव मन का शुद्ध हो जीवन अनूठा परनिर्भर नहीं आत्म निर्भर हो जन त्यागे स्वार्थ को अपना उपकार परोपकार परमार्थ जानें ईश्वर में हो आस्था छल कपट का भाव न हो ममता - मनुष्यता का अभाव न हो हिंसा को कर नकार अहिंसा को अपनाएं बना रहे जन मन में यह भाव अक्षुण्ण हो सांप्रदायिक सद्भाव कभी न घेरे निराशा घन आलोडित हों आशाएं मन धीरज धरे मन सदा, सकारात्मक जीवन हो l नव वर्ष नव हर्ष हो जीवन है संघर्ष स्वीकार सहर्ष हो -०-

50 करोड़ सब्सक्राइबर और 162 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक के साथ जियो ने बनाया रिकॉर्ड

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० संवाददाता द्वारा ०  साल 2025 भारत के डिजिटल सफर में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज हुआ, जहां 5G टेक्नोलॉजी ने न केवल नेटवर्क स्पीड बढ़ाई, बल्कि देश के डेटा उपयोग के तौर-तरीकों को ही बदल कर रख दिया। इस बदलाव के केंद्र में रहा रिलायंस जियो, जिसने बड़े पैमाने पर 5G माइग्रेशन के जरिए भारत को एक नए डेटा युग में पहुंचा दिया। जियो नेटवर्क पर वर्ष 2025 के दौरान 23.4 करोड़ से अधिक यूजर्स का जियो ट्रू 5G पर माइग्रेशन हुआ, जिसका सीधा असर डेटा कंजम्प्शन पैटर्न में दिखा। जनवरी 2025 में जहां प्रति यूजर औसतन मासिक डेटा खपत 32.3 जीबी थी, वहीं वर्ष के अंत तक यह बढ़कर 38.7 जीबी तक पहुंच गई। आज जियो के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा 5G से आ रहा है, जो यह दर्शाता है कि हाई-स्पीड कनेक्टिविटी अब भारत में मेनस्ट्रीम बन चुकी है। 5G नेटवर्क की तेज़ स्पीड और बेहतर एफिशिएंसी ने वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड-आधारित सेवाओं, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल वर्कस्पेस जैसे उपयोगों को नई रफ्तार दी। जियो का दावा है कि उसके 5G नेटवर्क की स्पीड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 1.4 गुना तेज है, जबकि प्रोडक्टिव...

स्टैंडअलोन नेटवर्क से जियो ने बनाई मजबूत बढ़त 5G को बनाया व्यावहारिक

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० संवाददाता द्वारा ०  नई दिल्ली : देश के प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने 5G के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाईं। जियो ने शुरुआत से ही पूरी तरह स्टैंडअलोन (SA) 5G नेटवर्क पर निवेश किया, जबकि एयरटेल ने नॉन-स्टैंडअलोन (NSA) मॉडल के जरिए तेजी से सेवाएं शुरू कीं। अब यह फर्क उपयोगकर्ता अनुभव में साफ दिखने लगा है।  जियो के 5G उपभोक्ता अपने मोबाइल समय का 67.3 प्रतिशत 5G नेटवर्क पर बिताते हैं, जबकि 5G सिग्नल की उपलब्धता 68.1 प्रतिशत है। यह बेहद कम अंतर दर्शाता है कि जियो का नेटवर्क कवरेज को प्रभावी उपयोग में बदल पा रहा है। इसके मुकाबले एयरटेल की 5G सिग्नल उपलब्धता 66.6 प्रतिशत होने के बावजूद उसके उपभोक्ता केवल 28 प्रतिशत समय ही 5G पर रहते हैं, जिसकी मुख्य वजह उसका 4G पर निर्भर NSA नेटवर्क है।  वोडाफोन आइडिया ने मार्च 2025 में मुंबई से 5G सेवाओं की शुरुआत की और नेटवर्क अभी शुरुआती चरण में होने के कारण 5G का वास्तविक उपयोग सीमित है। वहीं बीएसएनएल 5G से पहले स्वदेशी 4G नेटवर्क पर फोकस कर रहा है. लगभग 98,000 5G-रेडी टावर स्थापित कर चुका है और 2026 में लॉन्च प्रस्तावि...

सीए देश की आर्थिक धूरी ही नहीं विश्‍वास,नैतिकता के मजबूत स्‍तम्‍भ भी बने - वासुदेव देवनानी

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चार्टर्ड अकाउंटेंटस का आव्‍हान किया है कि वे भारत की आर्थिक व्‍यवस्‍था की धूरी ही नहीं बल्कि भारतीय संस्‍कृति के अनुरूप विश्‍वास, नैतिकता, अवसर और प्रौद्योगिकी के मजबूत स्‍तम्‍भ भी बने।  देवनानी जयपुर के बिडला ऑडिटोरियम सभागार में द इन्‍स्‍टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ इण्डिया की जयपुर शाखा द्वारा फिडयूशिया 2025 नैतिकता, अवसर, प्रौद्योगिकी विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन को मुख्‍य अतिथि के रूप में सम्‍बोधित कर रहे थे।  देवनानी ने कहा कि यह सम्‍मेलन भारत की तीव्र गति से उभरती अर्थव्‍यवस्‍था को दृष्टिगत रखते हुए बहुत प्रांसगिक और सारगर्भित है। आज विश्‍व की अग्रणी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में तेजी से आगे बढ रहा है। चाहे वह डिजिटल इंडिया के माध्‍यम से पारदर्शिता बढाना हो, जीएसटी के जरिए एकीकृत कर प्रणाली स्‍थापित करना हो, मेक इन इंडिया और आत्‍मनिर्भर भारत के माध्‍यम से घरेलू उद्योगों को सशक्‍त करना हो या फिर स्‍टार्टअप इंडिया के जरिए युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना हो। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक नीत...

EPCH की 39वीं वार्षिक बैठक में प्रशासनिक समिति के सात नए सदस्य चुने गए

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0 Asha Patel 0  नई दिल्ली , हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद ने दिल्ली में अपनी 39वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन किया । बैठक की अध्यक्षता ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने की । इस अवसर पर ईपीसीएच महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, सागर मेहता, उपाध्यक्ष-ईपीसीएच भी उपस्थित रहे । बैठक में परिषद के प्रमुख सदस्य निर्यातक भी शामिल हुए, जिनमें  रवि के.पासी,राज कुमार मल्होत्रा,  डी. कुमार, निर्मल भंडारी, लेखराज माहेश्वरी, अवधेश अग्रवाल, राजेश जैन, प्रिंस मलिक, नावेद उर रहमान, सलमान आज़म, रोहित ढल्ल, ओ.पी. प्रहलादका, प्रदीप मुछाला, अशोक बूब, के एन तुलसी राव, नरेश बोथरा, के.एल. रमेश, अशोक अरोड़ा, अरशद मीर, नजमुल इस्लाम, विशाल अग्रवाल, जे पी सिंह,  विकास भारद्वाज के साथ ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा, ईपीसीएच के अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक राजेश रावत और देश के विभिन्न हिस्सों से आए अन्य प्रतिष्ठित सदस्य निर्यातक उपस्थित थे । ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने 39वीं वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता की | एजीएम के एजेंडे में प्रशासनिक समि...