सीए देश की आर्थिक धूरी ही नहीं विश्वास,नैतिकता के मजबूत स्तम्भ भी बने - वासुदेव देवनानी
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चार्टर्ड अकाउंटेंटस का आव्हान किया है कि वे भारत की आर्थिक व्यवस्था की धूरी ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप विश्वास, नैतिकता, अवसर और प्रौद्योगिकी के मजबूत स्तम्भ भी बने। देवनानी जयपुर के बिडला ऑडिटोरियम सभागार में द इन्स्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ इण्डिया की जयपुर शाखा द्वारा फिडयूशिया 2025 नैतिकता, अवसर, प्रौद्योगिकी विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर द इन्स्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष सी.ए. चरणजोत सिंह नंन्दा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में आईसीएआई के उपाध्यक्ष सी.ए. प्रसन्न कुमार, सी.ए. सतीश कुमार, सी.ए. रोहित रुवातिया , सी.ए. विष्णु अग्रवाल के साथ ही एस.बी.आई के निदेशक डी.एस. शेखावत , सीए जयपुर शाखा के चैयरमेन, विकास यादव , सचिव यश गुप्ता और सीकासा जयपुर शाखा के चैयरमेन शिवकुमार भी मौजूद थे। इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंटस को सम्मानित भी किया।
देवनानी ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की तीव्र गति से उभरती अर्थव्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए बहुत प्रांसगिक और सारगर्भित है। आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ रहा है। चाहे वह डिजिटल इंडिया के माध्यम से पारदर्शिता बढाना हो, जीएसटी के जरिए एकीकृत कर प्रणाली स्थापित करना हो, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से घरेलू उद्योगों को सशक्त करना हो या फिर स्टार्टअप इंडिया के जरिए युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना हो।
उन्होंने कहा कि आर्थिक नीतियों, निवेश निर्णयों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में संतुलन स्थापित करने में चार्टर्ड अकाउंटेंटस की भूमिका बहुत अहम है। इसलिए उन्हें एक सजग प्रहरी के रूप में देशहित में अपने दायित्वों को निभाना होगा। इसी प्रकार ग्रीन बोन्डस, सस्टेनबेल फाईनेंस और ईएसजी रिपोर्टिंग के माध्यम से आप भारत के नेट जीरो के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है। देवनानी ने कहा कि तकनीक के इस युग में हम एक ऐसे दौर से गुजर रहे है जहां आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, डेटा एनॉलिटिक्स और ऑटोमिशन ने काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। देवनानी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा केवल बडे उद्योगों के सहारे पूरी नहीं हो सकती। भारत की असली ताकत उसके एम.एस.एम.ई, स्टार्टअप्स और गांवों और कस्बों में बसे छोटे उद्योमियों में विद्धमान है। राजस्थान की भूमि इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है जहां परम्परा और उद्यमशिलता एक साथ चलती है। आज केपिटल मार्केटस, ऑडिट, टेक्सेशन और फाईनेन्शियल रिपोर्टिंग के क्षेत्र में जो परिवर्तन हो रहे है वह अभूतपूर्व है |
चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल आंकडों का प्रबंधन नहीं करते, आप कर्तव्य, विवेक और उत्तरदायित्व का निर्वहन भी करते हैं। आपकी कलम से निकली एक रिपोर्ट किसी कंपनी का भविष्य तय करती है, किसी निवेशक का विश्वास मजबूत करती है । उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंटस को सलाह दी कि वे नये आयकर कानून का सही ढंग से विशलेषण करें और अपने पेशे के अनुरूप ऑडिट की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए सही अर्थों में आय सलाहकार की भूमिका का निर्वहन करें।
देवनानी ने कहा कि आज का यह सम्मेलन महज एक व्यावसायिक सम्मेलन नहीं है बल्कि यह भारत की जीवंत आर्थिक चेतना का मंथन करने का सम्मेलन भी है | चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने पेशे को केवल आज की जरूरतों तक सीमित ना रखें बल्कि आने वाली पीढियों के लिए भी एक ऐसा मार्ग प्रशस्त करें जिससे एक ऐसा भारत बने जो विकसित भी हो, मूल्य निष्ठ भी हो और विश्वसनीय भी हो। यही फिडयूशिया की आत्मा है, यही भारतीय संस्कृति का संदेश है और यही इस राष्ट्रीय मंथन का उद्देश्य भी होना चाहिए।
चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल आंकडों का प्रबंधन नहीं करते, आप कर्तव्य, विवेक और उत्तरदायित्व का निर्वहन भी करते हैं। आपकी कलम से निकली एक रिपोर्ट किसी कंपनी का भविष्य तय करती है, किसी निवेशक का विश्वास मजबूत करती है । उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंटस को सलाह दी कि वे नये आयकर कानून का सही ढंग से विशलेषण करें और अपने पेशे के अनुरूप ऑडिट की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए सही अर्थों में आय सलाहकार की भूमिका का निर्वहन करें।
देवनानी ने कहा कि आज का यह सम्मेलन महज एक व्यावसायिक सम्मेलन नहीं है बल्कि यह भारत की जीवंत आर्थिक चेतना का मंथन करने का सम्मेलन भी है | चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने पेशे को केवल आज की जरूरतों तक सीमित ना रखें बल्कि आने वाली पीढियों के लिए भी एक ऐसा मार्ग प्रशस्त करें जिससे एक ऐसा भारत बने जो विकसित भी हो, मूल्य निष्ठ भी हो और विश्वसनीय भी हो। यही फिडयूशिया की आत्मा है, यही भारतीय संस्कृति का संदेश है और यही इस राष्ट्रीय मंथन का उद्देश्य भी होना चाहिए।
इस अवसर पर द इन्स्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष सी.ए. चरणजोत सिंह नंन्दा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में आईसीएआई के उपाध्यक्ष सी.ए. प्रसन्न कुमार, सी.ए. सतीश कुमार, सी.ए. रोहित रुवातिया , सी.ए. विष्णु अग्रवाल के साथ ही एस.बी.आई के निदेशक डी.एस. शेखावत , सीए जयपुर शाखा के चैयरमेन, विकास यादव , सचिव यश गुप्ता और सीकासा जयपुर शाखा के चैयरमेन शिवकुमार भी मौजूद थे। इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंटस को सम्मानित भी किया।
.jpeg)



टिप्पणियाँ