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लोहिया विचार मंच द्वारा सह सम्मान समारोह का आयोजन

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० आशा पटेल ०  हैदराबाद | हैदराबाद में लोहिया विचार मंच द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन लोहिया विचार मंच के अध्यक्ष  टी.गोपाल सिंह,पूर्व न्यायाधीश के द्वारा आयोजित किया गया । डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन और लोहिया विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में हैदराबाद में पंचम राष्ट्रीय विचार मंथन का आयोजन श्रीबदरी विशाल पित्ती की स्मृति में संपन्न हुआ था। उसी समय इस सम्मान समारोह के कार्यक्रम को करने का निर्णय लिया गया था |इस अवसर पर लोहिया विचार मंच के अध्यक्ष टी. गोपाल सिंह,पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन द्वारा रोमांच-सा हो रहा है। मानो एक पुलक-सी हो रही है। डॉ राममनोहर लोहिया के अभिन्न मित्र बदरीविशाल पित्ती का व्यक्तित्व उनके नाम की तरह ही इतना विशाल था कि उसकी एक झलक मात्र हमारे को आलोकित कर देती है। कला, करुणा और कर्मयोग का कोई सर्वांग सुंदर समन्वय देखना हो तो उनके जीवन को देखना चाहिए। सात्विक गार्हस्थ्य की सफल साधना वहाँ दिखाई देती है। उसी साधना का सुफल उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी प्रकट होता है। डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन ...

सहकारिता वर्ष में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प होगा साकार-सहकारिता मंत्री

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० आशा पटेल ०  जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के दौरान राज्य में सहकारी आन्दोलन को अधिक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़नी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास सहकारिता में कायम रहे। सहकारिता मंत्री नेहरू सहकार भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से संबंधित प्रदेश की वार्षिक कार्ययोजना एवं कैलेण्डर के विमोचन के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश भर से सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वीडियो कॉंफ्रेंस से माध्यम से शामिल हुए। दक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत 54 पहलों के माध्यम से देश में सहकारी सेक्टर सशक्त हो रहा है। जीडीपी में सहकारिता क्षेत्र का योगदान 40 प्रतिशत हो, इसके लिए सभी को अपनी भूमिका समझते हुए कर्तव्यों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना होगा। राज्य सरकार सहकारिता सेक्टर को प्राथमिकता दे रही है। ...

हथकरघा एक्स्पो से बुनकरों के उत्पादों को जन जन तक पहुंचाने का मिला अवसर

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० आशा पटेल ०  जयपुर | हथकरघा एक्स्पो से बुनकरों को अपने उत्पादों को जन जन तक पहुँचाने का अवसर मिल रहा है | दरअसल वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, बुनकर सेवा केंद्र, जयपुर द्वारा "विशेष हथकरघा एक्सपो-त्योहार" का आयोजन 24 फरवरी, तक बिरला ऑडिटोरियम, जयपुर में किया जा रहा है । इस आयोजन का उद्घाटन मुख्य अतिथि सांसद जयपुर मंजू शर्मा और विशिष्ट अतिथि पत्र सूचना कार्यालय और केंद्रीय संचार ब्यूरो की अपर महानिदेशक ऋतु शुक्ला, बुनकर सेवा केंद्र जयपुर की उप निदेशक रुचि यादव द्वारा किया गया ।   जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम देशभर के बुनकरों और कारीगरों और शिल्पकला प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन अवसर होगा, जहाँ वे पारंपरिक हथकरघा उत्पादों से परिचित हो सकेंगे और उनका अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस एक्सपो को हथकरघा और खादी के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया है।  देश के विभिन्न क्षेत्रों के बुनकरों और कारीगरों ने अपनी प्रतिभा और उत्पादों का प्रदर्शन बेहतरीन तरीके से किया है। देश के विकास में बुनकर अपना योगदान दे रहे हैं। इस एक्स्पो में जम्मू कश्...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के 200वें बैच का सेलिब्रेशन : नवाचार और ज्ञान की उपलब्धि

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० आशा पटेल ०  जयपुर : दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन आईसीएआई (AI in ICAI) के सहयोग से जयपुर शाखा में 200वें बैच का आयोजन किया गया। जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए नवीन शर्मा और सचिव सीए विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि जयपुर शाखा में 200वें बैच का भव्य सेलिब्रेशन किया गया। यह जयपुर शाखा के लिए एक गर्व का क्षण है, क्योंकि अब तक पूरे भारत में 199 बैच का आयोजन हो चुका है, और 200वां बैच आयोजित करने का सम्मान जयपुर शाखा को मिला है।  इस अवसर पर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और एआई विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावसायिक उपयोग, वित्तीय जगत में इसकी भूमिका, और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। अब तक 10,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स का लाभ उठा चुके हैं, इस उपलब्धि ने जयपुर शाखा को तकनीकी नवाचार और उन्नत शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस मौके पर सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए दयानिवास शर्मा और सीए सतीश कुमार गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने एआई कोर्स की अब तक की यात्रा के बारे में विस्तार से जान...

इक्कीसवीं सदी में शिक्षा ही बदल सकती है युवाओं का भविष्य : हरिवंश

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० योगेश भट्ट ०  बलिया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इक्कीसवी सदी में युवाओं का भाग्य शिक्षा ही बदल सकती है। वे टीडी कालेज में 'हरिवंश का सृजन-संसार' विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। श्री मुरली मनोहर टाउन स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय और टाउन इंटर कालेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजयसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं इसमें बलिया की मिट्टी का योगदान है। इसका गौरवपूर्ण अतीत रहा है। यह ऋषियों और साधकों व क्रान्तिकारियों की धरती है। अपने बचपन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं जहां पैदा हुआ, वहां छह महीने तक बाढ़ का पानी रहता था। हरिवंश ने कहा कि शिक्षा ने बीते तीस-चालीस सालों में लोगों का भाग्य बदला है। युवाओं से अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही भाग्य बदल सकती है। उन्होंने कहा कि शार्टकट से सफलता पाना चाहते हैं तो आप जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकते।   आज पूरी दुनिया भारत की तरफ उम्मीद की नजर से देख रही है। नए स्टार्टप्स का जिक्र करते हुए कहा कि हुनरमंद लोगों को अवसर मिल रहे हैं। बलिया क...

महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स : 20 राज्यों से 32 भाषाओं में 367 नाटकों में से चुने गए उत्कृष्ट नाटक

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली :  महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META)—13 से 20 मार्च तक महिंद्रा ग्रुप द्वारा पुरस्कार समारोह के 13 श्रेणियों के लिए 10 नाटकों की घोषणा की गई। ये नाटक नई दिल्ली में प्रस्तुत किए जाएंगे और पुरस्कार वितरण समारोह होगा। विजेताओं को 20 मार्च को कमानी ऑडिटोरियम में सम्मानित किया जाएगा। बेहतरीन नाटकों के लिए मशहूर, META में अब तक पौराणिक कथाओं, लिंग, पहचान, विद्रोह, दमन, अधिनायकवाद, व्यक्तिगत संघर्षों और रोमांच जैसे विषयों पर नाटक शामिल रहे हैं। अपने 20वें संस्करण में भी विविध दृष्टिकोणों और कहानियों का सम्मिश्रण प्रस्तुत कर रहे हैं। 2025 संस्करण के लिए इस फेस्टिवल में भारत के 20 राज्यों से 367 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियां भी शामिल हैं। इस बार शॉर्टलिस्ट किए गए नाटक मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से हैं। फेस्टिवल ने समावेशिता और विविधता को अपनाया है, इस बार 32 भारतीय भाषाओं और बोलियों में प्रस्तुतियां आई हैं। 10 नामांकनों में हिंदी, मलयालम, बांग्ला, कन्नड़, संस्कृत, बुंदेली और अंग्रेज़ी में...

Nepal Fir Se Bane Hindu Rashtra // Nepali Leader's Demand

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