सहकारिता वर्ष में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प होगा साकार-सहकारिता मंत्री
० आशा पटेल ०
जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के दौरान राज्य में सहकारी आन्दोलन को अधिक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़नी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास सहकारिता में कायम रहे। सहकारिता मंत्री नेहरू सहकार भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से संबंधित प्रदेश की वार्षिक कार्ययोजना एवं कैलेण्डर के विमोचन के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश भर से सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वीडियो कॉंफ्रेंस से माध्यम से शामिल हुए।
जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के दौरान राज्य में सहकारी आन्दोलन को अधिक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़नी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास सहकारिता में कायम रहे। सहकारिता मंत्री नेहरू सहकार भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से संबंधित प्रदेश की वार्षिक कार्ययोजना एवं कैलेण्डर के विमोचन के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश भर से सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वीडियो कॉंफ्रेंस से माध्यम से शामिल हुए।
दक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत 54 पहलों के माध्यम से देश में सहकारी सेक्टर सशक्त हो रहा है। जीडीपी में सहकारिता क्षेत्र का योगदान 40 प्रतिशत हो, इसके लिए सभी को अपनी भूमिका समझते हुए कर्तव्यों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना होगा। राज्य सरकार सहकारिता सेक्टर को प्राथमिकता दे रही है। राज्य बजट में सहकारिता से संबंधित कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं, जिनसे प्रदेश में सहकारी आन्दोलन को और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बजट मे ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण का दायरा बढ़ाते हुए 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित करने की घोषणा की गई है। साथ ही, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का भी दायरा बढ़ाकर 2.50 लाख गोपालक परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण देने की घोषणा की गई है। दक ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में 2,500 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियां खुलने से प्रदेश में सहकारिता का मजबूत नेटवर्क स्थापित होगा। कार्यक्रम में अतिरिक्त रजिस्ट्रार इन्दर सिंह, संजय पाठक भोमाराम एवं संदीप खण्डेलवाल ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
टिप्पणियाँ