महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स : 20 राज्यों से 32 भाषाओं में 367 नाटकों में से चुने गए उत्कृष्ट नाटक
० योगेश भट्ट ०
नयी दिल्ली : महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META)—13 से 20 मार्च तक महिंद्रा ग्रुप द्वारा पुरस्कार समारोह के 13 श्रेणियों के लिए 10 नाटकों की घोषणा की गई। ये नाटक नई दिल्ली में प्रस्तुत किए जाएंगे और पुरस्कार वितरण समारोह होगा। विजेताओं को 20 मार्च को कमानी ऑडिटोरियम में सम्मानित किया जाएगा। बेहतरीन नाटकों के लिए मशहूर, META में अब तक पौराणिक कथाओं, लिंग, पहचान, विद्रोह, दमन, अधिनायकवाद, व्यक्तिगत संघर्षों और रोमांच जैसे विषयों पर नाटक शामिल रहे हैं। अपने 20वें संस्करण में भी विविध दृष्टिकोणों और कहानियों का सम्मिश्रण प्रस्तुत कर रहे हैं।
नयी दिल्ली : महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META)—13 से 20 मार्च तक महिंद्रा ग्रुप द्वारा पुरस्कार समारोह के 13 श्रेणियों के लिए 10 नाटकों की घोषणा की गई। ये नाटक नई दिल्ली में प्रस्तुत किए जाएंगे और पुरस्कार वितरण समारोह होगा। विजेताओं को 20 मार्च को कमानी ऑडिटोरियम में सम्मानित किया जाएगा। बेहतरीन नाटकों के लिए मशहूर, META में अब तक पौराणिक कथाओं, लिंग, पहचान, विद्रोह, दमन, अधिनायकवाद, व्यक्तिगत संघर्षों और रोमांच जैसे विषयों पर नाटक शामिल रहे हैं। अपने 20वें संस्करण में भी विविध दृष्टिकोणों और कहानियों का सम्मिश्रण प्रस्तुत कर रहे हैं।
2025 संस्करण के लिए इस फेस्टिवल में भारत के 20 राज्यों से 367 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियां भी शामिल हैं। इस बार शॉर्टलिस्ट किए गए नाटक मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से हैं। फेस्टिवल ने समावेशिता और विविधता को अपनाया है, इस बार 32 भारतीय भाषाओं और बोलियों में प्रस्तुतियां आई हैं। 10 नामांकनों में हिंदी, मलयालम, बांग्ला, कन्नड़, संस्कृत, बुंदेली और अंग्रेज़ी में नाटक शामिल हैं।
META के सहयोग से चयन समिति ने प्रतियोगिता के लिए प्रस्तुत किए गए सभी 367 नाटकों की गहन समीक्षा की। इस वर्ष समिति में शामिल थे : कुलजीत सिंह, भारतीय फिल्म और रंगमंच अभिनेता, निर्देशक, और एटेलियर थिएटर के संस्थापक/क्रिएटिव डायरेक्टर; दिव्या सेठ शाह, फिल्म और टेलीविजन अभिनेत्री; दिलीप शंकर, प्रसिद्ध भारतीय रंगमंच और फिल्म कास्टिंग निर्देशक; शंकर वेंकटेश्वरन, सम्मानित भारतीय रंगमंच निर्देशक; और अनुरूपा रॉय, प्रमुख भारतीय कठपुतली कलाकार, कठपुतली डिज़ाइनर और कठपुतली रंगमंच की निर्देशक।
META 2025 के बारे में बात करते हुए, जय शाह, उपाध्यक्ष, प्रमुख, सांस्कृतिक आउटरीच, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, ने कहा, “पिछले दो दशकों से META को संवारना महिंद्रा समूह और भारत के रंगमंच समुदाय दोनों के लिए संतोषजनक रहा है। यह हमारे मूल्यों को प्रदर्शित करने का एक मंच रहा है, और इस कला रूप पर इसके सकारात्मक प्रभाव को देखना हमारे लिए हर्ष का विषय रहा है। यह जानकर वास्तव में संतोष होता है कि META हमारे देश में रंगमंच के कलाकारों के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय स्तर की पहचान है।
टिप्पणियाँ