संदेश
गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में एमबीबीएस के चिकित्सा बेच हुआ आगाज
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० आशा पटेल ० जयपुर,| गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, जयपुर में एमबीबीएस कोर्स के प्रथम बैच (2025–26) के लिए ओरिएंटेशन डे कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह एक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के एक नए अध्याय की आधारशिला रखने वाला गौरवपूर्ण क्षण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जे.पी. अग्रवाल, चेयरमैन, गीतांजली ग्रुप उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा “जब बच्चे अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हैं, वह क्षण अत्यंत भावुक और गर्व से भरा होता है। गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, जयपुर में आपके बच्चों का न केवल चिकित्सा क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनेगा, बल्कि उनके चरित्र और व्यक्तित्व का भी समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक उत्थान के साथ-साथ उनका सर्वांगीण विकास भी प्राथमिक रहेगा। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि “शिक्षा और कौशल का जीवन में अत्यंत महत्व है। समय सबसे मूल्यवान साधन है इसे व्यर्थ न जाने दें, ...
जवाबदेही पदयात्रा,जनता के अधिकारों की आवाज़
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० आशा पटेल ० नसीराबाद । जवाबदेही कानून पदयात्रा ब्रिकच्यावास, भीमपुरा, बिठूर होते हुए भवानीखेड़ा पहुँची। हर गाँव में लोगों ने यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और संवादों के दौरान जनता ने अपनी समस्याएँ, अनुभव और उम्मीदें साझा कीं। यात्रा दल ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। शंकर सिंह के नेतृत्व में “रोटी की लड़ाई रोटी से जीतेंगे” का नारा पूरे मांगलियावास में गूंजा। हर घर से ग्रामीणों ने 2–2 रोटियाँ और खाद्य सामग्री देकर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा दल के 25 साथियों ने इन्हीं रोटियों से सामूहिक भोजन किया जो जनता के सहयोग, आत्मीयता और आंदोलन से जुड़ाव का प्रतीक साफ नजर आया। ब्रिकच्यावास में आयोजित नुक्कड़ सभा में मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े और विजयपुरा के पूर्व सरपंच कालूराम ने कहा कि “जब कोई कंपनी सामान बनाती है तो उसकी कीमत वही तय करती है, लेकिन किसान की फसल की कीमत सरकार तय करती है। कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय ही नहीं होता और किसानों को सस्ते में बेचना पड़ता है। इस बार बारिश से फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा का ल...
जयपुर की आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का अमेरिका की ब्रायंट यूनिवर्सिटी संग MoU
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० संवाददाता द्वारा ० जयपुर : आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने वैश्विक शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए अमेरिका की प्रतिष्ठित ब्रायंट यूनिवर्सिटी के साथ 3 सालो का एमओयू (MoU) किया गया है। इस एमओयू के साथ यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकल्टी के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए रास्ते खुलेंगे। आईआईएचएमआर और ब्रायंट यूनिवर्सिटी के बीच हुए इस समझौते में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स, इनोवेशन कार्य, संयुक्त प्रकाशन, फैकल्टी और छात्र एक्सचेंज प्रोग्राम, ट्रेनिंग कार्यक्रमों का आयोजन और IIHMR के छात्रों के लिए अमेरिका में उच्च शिक्षा के रास्ते तलाशने जैसे बिंदु शामिल हैं। इस मौके पर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ.पी.आर.सोडानी ने कहा “आईआईएचएमआर में हम अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करने से छात्रों और शोधकर्ताओं को नई दृष्टि, उन्नत तरीकों तक पहुंच और बेहतर शैक्षणिक परिणाम मिलते हैं। इस MoU पर हस्ताक्षर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी और ब्रायंट यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट एवं चीफ एक...
गोदरेज अवॉर्ड्स·साहित्यिक योगदान के लिए सीतांशु यशश्चंद्र और विनोद कुमार शुक्ल सम्मानित
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० संवाददाता द्वारा ० मुंबई : गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप द्वारा 'लिटरेचर लाइव! द मुंबई लिटफेस्ट' का 16वां संस्करण संपन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर मुंबई की पहचान भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक राजधानी के रूप में मज़बूत की। तीन दिन चले इस उत्सव में भारत और दुनिया भर के 120 से अधिक प्रसिद्ध लेखकों, विचारकों और कलाकारों ने हिस्सा लिया। गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर नादिर गोदरेज ने कहा, “साहित्य में हमारे समय की सच्चाई को समझने, सवाल करने, सुकून देने और जोड़ने की शक्ति होती है। लिटरेचर लाइव! द मुंबई लिटफेस्ट के माध्यम से हम सिर्फ कहानियों और विचारों का नहीं, बल्कि उस जिज्ञासा की भावना का उत्सव मनाते हैं जो नवाचार और प्रगति को प्रेरित करती है। हमें यह विश्वास दिलाता है कि रचनात्मकता चाहे वह विज्ञान में हो, व्यवसाय में या कला में अलग ढंग से सोचने के साहस से उत्पन्न होती है। उत्सव में नोबेल विजेता वेंकी रामकृष्णन, बुकर पुरस्कार विजेता शेहान करुणातिलका, पूर्व मुख्य न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड़, शशि थरूर, शोभा डे, जेरी पिंटो, ल्यूक कुटिन्हो, अनिंदिता घोष, स...
ईपीसीएच द्वारा गिफ्ट्स एंड लाइफस्टाइल मिडिल ईस्ट 2025, यूएई में हस्तशिल्प पर आयोजन
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० आशा पटेल ० नई दिल्ली | दुबई में आयोजित गिफ्ट्स एंड लाइफस्टाइल मिडिल ईस्ट 2025, ईपीसीएच ने “भारत – हस्तशिल्प के लिए एक लाभदायक सोर्सिंग गंतव्य” विषय पर एक इंटरैक्टिव का आयोजन किया। इसका उद्देश्य वैश्विक खरीदारों, सोर्सिंग पेशेवरों और भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को एक साथ लाकर नए व्यावसायिक अवसरों की खोज करना, उभरते बाजार रुझानों पर चर्चा करना और वैश्विक हस्तशिल्प मूल्य श्रृंखला में एक पसंदीदा और विश्वसनीय सोर्सिंग भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती स्थिति को उजागर करना था। ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ.नीरज खन्ना और ईपीसीएच के मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने भाग लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और व्यापार आगंतुकों के साथ बातचीत की। ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने भारत के हस्तशिल्प क्षेत्र की खूबियों के बारे में जानकारी साझा की, जो पारंपरिक शिल्प कौशल पर आधारित है और आधुनिक बाजार की माँगों के अनुरूप ढल रहा है। वैश्विक हस्तशिल्प क्षेत्र में भारत की उभरती पहचान पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य इसकी छवि को “भारत - आपूर्तिकर्ता” से “भारत - निर्माता” में बदलना है। उन्होंने दुनिया की स...
रूवा स्वर्ण जयंती पर हुई अंतर-महाविद्यालय स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
० आशा पटेल ० जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय महिला संघ (रूवा), जयपुर ने अपने स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में “अंतर-महाविद्यालय स्वरचित हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता “ का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में 10 महाविद्यालयों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपनी कविताओं के माध्यम से समाज, संवेदना तथा सृजनशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रूवा की अध्यक्ष प्रो. अमला बत्रा ने स्वागत भाषण देते हुए रूवा की स्वर्णिम यात्रा का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में रेशमा ख़ान उपस्थित रहीं, जबकि निर्णायक मंडल में आभा सिंह, डॉ.सुशीला शील एवं रिया मनोज शामिल थीं। पूर्व अध्यक्ष प्रो. शशिलता पुरी ने रूवा के पचास वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए महिला शिक्षा, संस्कृति और सशक्तिकरण में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं में बाल श्रम, कॉलेज जीवन, ऑपरेशन सिंदूर, प्रेम, मानवीय संबंधों, नारी की शक्ति और संघर्ष, ‘हार नहीं मानूँगी’, ‘मैं गलत राह पर क्यों मुड़ा’, तथा ‘कलम को अपना श्रृंगार बनाना’ जैसे विषयों को सशक्त शब्दों...