जवाबदेही पदयात्रा,जनता के अधिकारों की आवाज़

० आशा पटेल ० 
नसीराबाद । जवाबदेही कानून पदयात्रा ब्रिकच्यावास, भीमपुरा, बिठूर होते हुए भवानीखेड़ा पहुँची। हर गाँव में लोगों ने यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और संवादों के दौरान जनता ने अपनी समस्याएँ, अनुभव और उम्मीदें साझा कीं। यात्रा दल ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। शंकर सिंह के नेतृत्व में “रोटी की लड़ाई रोटी से जीतेंगे” का नारा पूरे मांगलियावास में गूंजा।
हर घर से ग्रामीणों ने 2–2 रोटियाँ और खाद्य सामग्री देकर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा दल के 25 साथियों ने इन्हीं रोटियों से सामूहिक भोजन किया जो जनता के सहयोग, आत्मीयता और आंदोलन से जुड़ाव का प्रतीक साफ नजर आया। ब्रिकच्यावास में आयोजित नुक्कड़ सभा में मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े और विजयपुरा के पूर्व सरपंच कालूराम ने कहा कि “जब कोई कंपनी सामान बनाती है तो उसकी कीमत वही तय करती है, लेकिन किसान की फसल की कीमत सरकार तय करती है।
कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय ही नहीं होता और किसानों को सस्ते में बेचना पड़ता है। इस बार बारिश से फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ भी नहीं मिला। भीमपुरा में राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के सचिव मुकेश निर्वासित ने कहा,सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की तनख्वाह तुरंत बढ़ जाती है लेकिन इतनी महँगाई बढ़ जाने के वाबजूद मज़दूरों की मजदूरी नाममात्र की बढ़ी है आज घर चलाना मुश्किल हो गया है। राज्य की न्यूनतम मजदूरी बढ़नी चाहिए और जितनी तनख्वाह सरकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को देती है, उतनी ही न्यूनतम मजदूरी तय होनी चाहिए ये कम से कम 800 रुपए प्रतिदिन हो।

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान से जुड़े सकील कुरैशी ने कहा कि “सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को भरपूर तनख्वाहें मिलती हैं, लेकिन वे जनता का काम नहीं करते है। नरेगा में जाने वाले मजदूर कम करें या नहीं करें तो उनको मजदूरी नहीं मिलती है वैसे ही सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और नेताओं की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। अगर वे काम न करें तो उनकी भी तनख्वाह काटी जानी चाहिए।

बिठूर में मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े लालसिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कहा कि “मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की ज़िम्मेदारी सरकार और चुनाव आयोग की होनी चाहिए, लेकिन यह भार जनता पर डाला जा रहा है। गांवों में सब जानते हैं कि कौन यहीं रहता है इसलिए मतदाता सूचियों का सामाजिक अंकेक्षण हो और किसी का नाम हटाने से पहले ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया जाए।

 कविता रावत ने कहा कि जवाबदेही पदयात्रा, जनता के अधिकारों की आवाज़, जवाबदेह शासन की मांग के लिए निकाली जा रही है, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम ये कानून लेकर रहेंगे। यात्रा दल के स्वयंसेवकों के बांटे पर्चे और लोगों को समझाया जवाबदेही कानून का महत्व हर गाँव में यात्रा दल ने पर्चे बाँटे, जवाबदेही कानून के महत्व पर चर्चा की और अपने विभिन्न गांवों के अनुभव साझा किए।

लोगों ने आर्थिक सहयोग, खाद्य सामग्री और वस्तुओं से यात्रा का समर्थन किया यह व्यापक जनसमर्थन का प्रतीक है। विभिन्न चौराहों पर लोगों के यात्रा दल को चंदा भी दिया। जवाबदेही कानून के लिए लिए हस्ताक्षर अभियान में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सैफ़ी काउंट द्वारा विकास नगर में मीटिंग में नियुक्त पत्र वितरित

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पहल पर "सक्षम" का आयोजन

राजस्थान समग्र सेवा संघ, में “राजस्थान के गाँधी” गोकुल भाई की 128वीं जयंती पर नशामुक्ति अभियान

इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण

COWE और टी ट्रेडिशन ने "पौष्टिक" comeptition का आयोजन किया

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा Earned Salary Advance Drawal Access Scheme का शुभारंभ

जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के शपथ ग्रहण में उमड़ा जन सैलाब

NSUI National President जो गहलोत और पायलट न कर सके, वह विनोद जाखड़ ने कर दिखाया

कंपनी सचिव के परिणाम घोषित,क्षितिज,प्रशस्त,काशवी,अंकुश,मोनिशा व पलक ने रेंक हासिल की

यस बैंक ने उत्तर भारत में 34.4% शाखाओ के साथ अपनी उपस्थिति की मजबूत