अफ्रीकी देशों में व्यापार बढ़ाने के लिए केंद्रीय विशेष प्रोत्साहन योजना की आवश्यकता-सुरेश अग्रवाल
० आशा पटेल ०
जयपुर : 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में देश का बजट पेश करेंगी। इस आम बजट से देश की जनता के साथ उद्योगपतियों और व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। इसी संदर्भ में फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) ने बजट पूर्व परिचर्चा का आयोजन किया। इसमें फोर्टी के मुख्य संरक्षक सुरजाराम मील, संरक्षक आईसी अग्रवाल, अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष पीडी गोयल, सलाहकार पूर्व आईएएस पुरुषोत्तम अग्रवाल,मुख्य सचिव नरेश सिंघल,
गिरधारी खंडेलवाल, वुमन विंग अध्यक्ष नीलम मित्तल, यूथ विंग अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के साथ राजस्थान की ट्रेड और इंडस्ट्री के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें फोर्टी की ओर से आईटीसी मिलान मासिक के बजाय तिमाही आधार पर की जाए , ताकि व्यवसाय सुगम हो। सेवा प्रदाताओं की छूट सीमा 40 लाख की जाए।
धारा 17(5) के अंतर्गत ब्लॉक्ड क्रेडिट का उन्मूलन व्यवसाय के दौरान/विस्तार में होने वाले सभी खर्चों पर पूर्ण आईटीसी। जीएसटी कंपोजिशन स्कीम का विस्तार सीमा 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 3–5 करोड़ की जाए इससे एमएसएमई अनुपालन बोझ कम होगा।
जीएसटी विवाद समाधान के लिए एमनेस्टी स्कीम की घोषणा की जानी चाहिए। हरित प्रोत्साहन के लिए रीसाइक्लिंग व कार्बन-कैप्चर पर कम से कम जीएसटी लागू हो। रिन्यूएबल एनर्जी और ईवी चार्जिंग स्टेशन पर र एकसमान 5% जीएसटी लागू हो। सेवा प्रदाताओं हेतु केंद्रीकृत पंजीकरण व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
बैंक, टेलीकॉम, इनकम टैक्स, पैन-इंडिया सेवाओं के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन व्यवस्था होनी चाहिए।
कस्टम के लंबित मामलों के निस्तारण हेतु एकमुश्त सेटलमेंट योजना की घोषणा होनी चाहिए।
अमेरिकी टैरिफ वृद्धि से प्रभावित उद्योगों हेतु अस्थायी सब्सिडी नए वैश्विक बाजारों की पहचान हेतु त्वरित कदम। अफ्रीकी क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने हेतु विशेष केंद्र सरकार की ओर से विशेष प्रोत्साहन योजना दीर्घकालीन अवसरों के दोहन के लिए 20–30 वर्षों की विकास संभावनाओं के आधार पर कार्य योजना। नीतिगत प्रोत्साहन: अफ्रीका-केंद्रित निर्यात प्रोत्साहन पैकेज, टैक्स क्रेडिट। आर्थिक समन्वय:के लिए मेक इन इंडिया में स्केल व फॉरेक्स प्रवाह बढ़ाया जाए। एमएसएमई एकीकरण: अफ्रीकी देशों में नियमित प्रदर्शनी , सब्सिडी, जीटूजी सहयोग, यात्रा/फ्रेट के लिए प्रतिपूर्ति योजना लागू की जाए।
धारा 17(5) के अंतर्गत ब्लॉक्ड क्रेडिट का उन्मूलन व्यवसाय के दौरान/विस्तार में होने वाले सभी खर्चों पर पूर्ण आईटीसी। जीएसटी कंपोजिशन स्कीम का विस्तार सीमा 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 3–5 करोड़ की जाए इससे एमएसएमई अनुपालन बोझ कम होगा।
जीएसटी विवाद समाधान के लिए एमनेस्टी स्कीम की घोषणा की जानी चाहिए। हरित प्रोत्साहन के लिए रीसाइक्लिंग व कार्बन-कैप्चर पर कम से कम जीएसटी लागू हो। रिन्यूएबल एनर्जी और ईवी चार्जिंग स्टेशन पर र एकसमान 5% जीएसटी लागू हो। सेवा प्रदाताओं हेतु केंद्रीकृत पंजीकरण व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
बैंक, टेलीकॉम, इनकम टैक्स, पैन-इंडिया सेवाओं के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन व्यवस्था होनी चाहिए।
कस्टम के लंबित मामलों के निस्तारण हेतु एकमुश्त सेटलमेंट योजना की घोषणा होनी चाहिए।
अमेरिकी टैरिफ वृद्धि से प्रभावित उद्योगों हेतु अस्थायी सब्सिडी नए वैश्विक बाजारों की पहचान हेतु त्वरित कदम। अफ्रीकी क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने हेतु विशेष केंद्र सरकार की ओर से विशेष प्रोत्साहन योजना दीर्घकालीन अवसरों के दोहन के लिए 20–30 वर्षों की विकास संभावनाओं के आधार पर कार्य योजना। नीतिगत प्रोत्साहन: अफ्रीका-केंद्रित निर्यात प्रोत्साहन पैकेज, टैक्स क्रेडिट। आर्थिक समन्वय:के लिए मेक इन इंडिया में स्केल व फॉरेक्स प्रवाह बढ़ाया जाए। एमएसएमई एकीकरण: अफ्रीकी देशों में नियमित प्रदर्शनी , सब्सिडी, जीटूजी सहयोग, यात्रा/फ्रेट के लिए प्रतिपूर्ति योजना लागू की जाए।
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