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जनवरी 16, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सड़क सुरक्षा के मद्देनजर व गौ-संरक्षण के लिए रेडियम बेल्ट की पहल

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली। राष्ट्रीय गौधन महासंघ के तत्वावधान में दिल्ली के हौजखास स्थित ‘काउज़ोन’ परिसर में काउज़ोन–काउ डंग ब्रिकेटिंग मशीन तथा रेडियम बेल्ट के अनावरण को लेकर आयोजित बैठक में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने गौ-संरक्षण को मानव सुरक्षा, किसान हित और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए इसे समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण आज केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा गंभीर सरोकार बन चुका है।  बघेल ने कहा कि एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएं चिंताजनक स्तर पर पहुंच रही हैं। “अंधेरे, कोहरे और बरसात के मौसम में सड़क पर बैठी काली गायें लगभग अदृश्य हो जाती हैं। रेडियम बेल्ट जैसी पहल इन दुर्घटनाओं को रोकने का एक ठोस और व्यावहारिक समाधान है, जिससे पशुधन के साथ-साथ मानव जीवन की भी रक्षा हो सकती है काउ डंग ब्रिकेटिंग मशीन को गौ-आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री ने कहा कि गोबर से ईंधन और ऊर्जा का उत्पादन पर्यावरण...

JLF : हम साहित्य तथा सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद्ध CM Rajsthan

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० आशा पटेल ०  जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं साहित्य अद्भुत है। यहां वृक्षों, पेड़ों, पहाड़ों और नदियों को पूजा जाता है। हमें अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ना है, ताकि आगामी पीढ़ी इससे प्रेरणा ले तथा गर्व की अनुभूति करे। हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ अपनी संस्कृति और साहित्य के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से साहित्य को जीवन का हिस्सा बनाने की भी अपील क शर्मा जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती सदियों से ज्ञान, कला और संस्कृति की संवाहक रही है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विचारों का उत्सव एवं महासागर है। यह आयोजन साहित्य के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक उजागर करने में मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान साहित्य, संगीत और कला की पुण्य भूमि है।  यहां आमेर के किले से लेकर हवा महल तक हर विरासत में संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। पृथ्वीराज रासो राजस्थान की वीरगाथात्मक संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मीरा की भक्ति,...

JLF में अंशु हर्ष के उपन्यास ‘इच्छा मृत्यु’ का हुआ विमोचन

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० आशा पटेल  ०  जयपुर। जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बागान वेन्यू में साहित्यिक संवाद सत्र “पोएट्री खुद से बात” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कवि  जगदीप सिंह ने लेखिका, कवयित्री और प्रकाशक अंशु हर्ष से उनके साहित्यिक सफ़र और लेखन अनुभवों पर संवाद किया। इसी में अंशु हर्ष के नॉवल “इच्छा मृत्यु” का लोकार्पण भी किया गया, जिसे वाणी प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। पुस्तक का विमोचन वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक माला श्री लाल द्वारा किया गया। अंशु हर्ष से कविता से नॉवल तक की रचनात्मक यात्रा को लेकर सवाल किए। अंशु हर्ष ने बताया कि कविता भावनाओं का तात्कालिक रूप होती है, जबकि नॉवल एक लंबी और गहन प्रक्रिया है, जिसमें पात्रों के साथ जीना पड़ता है। “इच्छा मृत्यु” जीवन मृत्य के संघर्ष की कहानी है, जो पाठक को भीतर तक सोचने के लिए प्रेरित करेगी अपनी पुस्तक “समंदर – दी ओशन” में कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अनुवाद साहित्य को सीमाओं से बाहर ले जाता है और अलग-अलग भाषाओं व संस्कृतियों के बीच सेतु का काम करता है। सही अनुवाद मूल भावना को जीवित रखते ...

हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर में संसदीय मंत्री जोगाराम थे मुख्य अतिथि

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० आशा पटेल ०  जयपुर। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर की ‘रिवर्स बायर्स सेलर मीट’ संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुई। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास एवं उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कटिबद्ध होकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने पहले साल में राइजिंग राजस्थान समिट का सफल आयोजन किया। इस समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए जिसमें से लगभग 8 लाख करोड़ रूपये के एमओयू पर कार्य प्रारंभ हो गया है। पटेल ने कहा राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024 लागू की गई है। साथ ही राजस्थान के निर्यात को 83 हजार 704 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2029 तक 1.5 लाख करोड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री पटेल ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत देश की आर्थिक मजबूती के आधार हैं। इन पहलों से घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ...

दूषित पानी पीना दिल्ली के लोगों की नियति बन गया है

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० ज्ञानेन्द्र रावत ०  बीते दिनों देश का सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल कर चुके मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मल युक्त पीने का पानी पीकर अब तक हुयी तकरीबन 23 से अधिक मौतों , 3000 से अधिक लोगों के बीमार होने, 200 से ज्यादा लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने, 20 से ज्यादा लोगों की हालत ज्यादा गंभीर होने और 32 से ज्यादा के आईसीयू में होने की खबर ने पूरे देश में दूषित पेयजल की समस्या को बहस का मुद्दा बना दिया है। सबसे बड़ी दुखदायी बात यह है कि इंदौर में आज भी दूषित पानी पीने से बीमार लोगों का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है।  दरअसल हालात की गंभीरता का सबूत यह है कि देश में हर घर को नल से साफ पानी देने का दावा करने वाली सरकार भी इस मामले में नाकाम रही है। जहां तक इंदौर का सवाल है, विडम्बना देखिए यह हालत अकेले इंदौर की ही नहीं है, गुजरात के गांधीनगर में भी इंदौर जैसे हालात हैं जहां दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। दूषित कहें या फिर जहरीले पानी की आपूर्ति का मसला अकेले इंदौर, गांधीनगर तक ही सीमित नहीं है, जहां तक देश की राजधानी दिल्ली...

राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव 2026 राष्ट्रीय एकता का संदेश

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली | दिल्ली के सेंट्रल पार्क,कनॉट प्लेस में आयोजित राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया यह सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना से प्रेरित आयोजन पर्वतीय लोक विकास समिति एवं सुखी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया । पर्वतीय लोक विकास समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सूर्य प्रकाश सेमsवाल ने मंच संचालन किया । कार्यक्रम की संकल्पना एवं मार्गदर्शन पर्वतीय लोक विकास समिति के परामर्शदाता राजेश्वर पैन्यूली की रही। इस अवसर पर गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी, दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज तथा दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्य अतिथियों ने उत्तरायणी महोत्सव को उत्तराखंड की संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को भविष्य में और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प व्यक्त किया। महोत्सव का आकर्षक केंद्र पौराणिक नाट्य-रूपांतरण “पांडव कथा – चक्रव्यूह” रहा। इस प्रस्तुति में महाभारत के युद्ध के तेरहवें दिन घटित वीर अभिमन्यु की चक्रव्यूह में प्रवेश, संघर्ष औ...