संदेश

जनवरी 31, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Jaipur : संस्थाओं ने शांति मार्च और प्रार्थना सभा कर बापू को श्रद्धांजलि दी

चित्र

दिल्ली में इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल : कठपुतली कला का अद्भुत होगा आयोजन

चित्र
० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल का 22वां संस्करण 13 से 22 फरवरी तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर से आई असाधारण कठपुतली प्रस्तुतियों का मंचन होगा। यह फेस्टिवल विभिन्न देशों के कलाकारों को एक साथ लाता है, जिससे बहुसांस्कृतिक संवाद और आदान-प्रदान के साथ-साथ विश्वस्तरीय मनोरंजन का अनुभव मिलता है।  टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित और इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह फेस्टिवल इंडिया हैबिटेट सेंटर में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो कठपुतलियों की इस प्रस्तुति और रंगारंग आयोजन के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। फेस्टिवल मुख्यता कठपुतली के माध्यम से कहानी कहने का उत्सव है। प्रत्येक प्रस्तुति एक नई दुनिया का द्वार खोलती है, जहां दूर-दराज़ के कोनों से आई कठपुतलियां मंच पर जीवंत होती हैं। प्राचीन परंपराओं में रची-बसी और समकालीन रचनात्मकता से आकार लेती यह श्रृंखला, इस वर्ष इटली, कोरिया, भूटान, तुर्की और अल्बानिया के साथ-साथ भारत के अपने प्रतिष्ठित कठपुतली उस्तादों की प्रस्तुतियाँ पेश कर रही है, जिन्हें व...

13वें इंडिया स्टोनमार्ट का 5 से 8 फरवरी तक होगा आयोजन : पत्थर उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा-कर्नल राठौड़

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि इंडिया स्टोन मार्ट के आयोजन से राजस्थान के पत्थर उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश के कारीगरों को देश-विदेश में इस क्षेत्र की नवीनतम तकनीक की जानकारी मिल सकेगी। रीको, सीडोस और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम नीति संवाद, तकनीक और वैश्विक सहयोग का अंतरराष्ट्रीय मंच बनेगा। कर्नल राठौड़ ने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान इस आयोजन में शामिल होने वाले देश-विदेश के प्रतिभागियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। पत्थर उद्योग क्षेत्र से जुडे सभी हितधारकों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2000 में शुरू हुए इंडिया स्टोन मार्ट का इस वर्ष 13वां संस्करण है। यह अब तक का सबसे भव्य आयोजन होगा।  इसमें चीन, तुर्की, ईरान, थाइलैंड, इटली सहित अन्य देशों से प्रदर्शक भी शामिल होंगे। स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा , लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह महामंत्री नरेश पारीक ,रूडा की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा...

गांधीवादी संस्थाओं ने शांति मार्च और प्रार्थना सभा कर बापू को श्रद्धांजलि दी

चित्र
० आशा पटेल ०   जयपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, शहीद दिवस के अवसर पर भारत सेवा संस्थान एवं जयपुर की गांधीवादी संस्थाओं द्वारा,यहां एक शांति एवं सद्भावना मार्च तथा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। शांति और सद्भावना मार्च सेन्ट्रल पार्क के गेट नम्बर 3 से शुरू होकर गांधी वाटिका पर पहुंच कर प्रार्थना सभा में परिवर्तित हो गया। सैंकड़ों की संख्या में स्काउट-गाइड, स्कूली बच्चे और नर्सिंग विद्यार्थियों के साथ आम नागरिकों ने मार्च और सभा में हिस्सेदारी कर राष्ट्रपिता याद के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प जताया। प्रार्थना सभा में भारत सेवा संस्थान के सचिव और राज्य के पूर्व महाधिवक्ता जी एस बापना ने कहा कि, अन्य बातों के साथ आज हर तरह के प्रदूषण से मुक्त खादी पहनना ही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। इसमें समानता की भावना भी दिखती है। राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष बी एम शर्मा ने गांधी द्वारा अस्पृश्यता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ किए संघर्ष को रेखांकित किया। आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष राजीव अरोड़ा और गांधीवादी सवाई सिंह ने भी प्रार्थना सभा को संबोधित किया। ...

स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक "निद्राएँ” का विमोचन

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर : प्रसिद्ध लेखक स्वप्निल डंगायच द्वारा लिखित पुस्तक “निद्राएँ” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राहुल गौतम (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, शीला फोम लिमिटेड), विशिष्ट अतिथि अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राजस्थान वित्त आयोग) तथा महेश डंगायच ( पिंकसिटी फर्निशिंग प्राइवेट लिमिटेड ) उपस्थित रहे। पुस्तक “निद्राएँ” नींद, स्वास्थ्य एवं जागरूकता के कला एवं विज्ञान पर आधारित कृति है। इस पुस्तक में मनुष्य के जीवन में नींद के महत्व को सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया कि स्वस्थ नींद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है, और यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता तथा जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है। पुस्तक के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि यदि व्यक्ति नींद और स्वास्थ्य के महत्व को समझकर अपनी दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित करे, तो वह अपने समय, ऊर्जा और क्षमताओं का सर्वोत्तम...

गणतंत्र दिवस : राजस्थान की झांकी ने जीता पॉपुलर चॉइस पुरस्कार

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में निकाली गई राजस्थान की झांकी ने लोकप्रिय पसंद ( पॉपुलर चॉइस ) का तृतीय पुरस्कार जीता। भारत के रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ से राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य एवं संस्कृति प्रवीण गुप्ता ने दिल्ली के महिपालपुर स्थित रक्षा संस्थान में यह पुरस्कार ग्रहण किया। गुजरात को पॉपुलर चॉइस श्रेणी में प्रथम तथा उत्तर प्रदेश को द्वितीय स्थान मिला है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ पुरस्कार ग्रहण करने के अवसर पर सयुंक्त शासन सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति श्रीमती अनुराधा गोगीया एवं ललित कला अकादमी के सचिव श्री रजनीश हर्ष भी उपस्थित रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में गणतंत्र दिवस परेड 2026 में बीकानेर की सदियों पुरानी उस्ता कला से प्रेरित राजस्थान की झांकी ने सुनहरा अध्याय लिखते हुए पॉपुलर चॉइस का तृतीय पुरस्कार जीता है। गणतंत्र दिवस परेड में "रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श" शीर्षक...

आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की शुरुआत की

चित्र
० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : रीढ़, हड्डी और मांसपेशियों के इलाज के लिए प्रसिद्ध आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने एक विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की शुरुआत की है। यह क्लिनिक खेल से जुड़ी चोटों के लिए संपूर्ण, आधुनिक और मरीज-केंद्रित इलाज उपलब्ध कराता है। यह क्लिनिक पारंपरिक उपचार से आगे बढ़ते हुए शरीर की मूवमेंट और बायोमैकेनिकल जांच करता है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि शरीर में कौन-सी कमजोरी बार-बार चोट का कारण बन रही है आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से चोट के मूल कारण की पहचान की जाती है, जिससे दोबारा चोट लगने का खतरा कम होता है। यहां इलाज के लिए बिना चीरा और कम चीरे वाली आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनमें आर्थ्रोस्कोपी, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (MISS), पीआरपी थेरेपी, स्टेम सेल / बीएमएसी थेरेपी और प्रोलोथेरेपी शामिल हैं। इन तकनीकों से सटीक इलाज, तेजी से रिकवरी और लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिलते हैं। प्री-रिहैबिलिटेशन से लेकर सही जांच, सर्जरी और वैज्ञानिक रिहैबिलिटेशन तक, यह क्लिनिक मरीज को एंड-टू-एंड केयर प्रदान करता है। “मूवमेंट ही मेडिसिन” की सोच पर आधारित यह क्...