जयपुर में हड़ताली बैंककर्मियों का एलआईसी भवन यूनियन बैंक पर प्रदर्शन
० आशा पटेल ०
जयपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित अखिल भारतीय बैंक हड़ताल पूरे देश में पूर्णतः सफल रही। इस हड़ताल में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लगभग 8 लाख सदस्यों ने भाग लिया। यूएफबीयू में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के 9 घटक संगठन AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF, INBOC, NOBW एवं NOBO। हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहे।
यू एफ बी यू के संयोजक महेश मिश्रा ने बताया कि राजस्थान में सार्वजनिक ,ग्रामीण,सहकारी,निजी और विदेशी बैंकों के 12000 कार्मिक हड़ताल पर रहें, 9000 बैंक शाखाए बंद रही जिसमे 11000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताली बैंक कर्मियों को इस अवसर पर सभी संगठनों से नेताओं ने संबोधित किया । कर्मचारी संगठन से : आर.जी. शर्मा, सूरज भान सिंह आमेरा, महेश शर्मा,विनील ,रविकांत शर्मा,सक्सेना, बसंत जम्मड , जी एनपारीक,रवि दीप चतुर्वेदी, एम.एस. भेटजा, राहुल पांडे।
जयपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित अखिल भारतीय बैंक हड़ताल पूरे देश में पूर्णतः सफल रही। इस हड़ताल में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लगभग 8 लाख सदस्यों ने भाग लिया। यूएफबीयू में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के 9 घटक संगठन AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF, INBOC, NOBW एवं NOBO। हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहे।
हड़ताल की प्रमुख मांगें-बैंकिंग उद्योग में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने हेतु सरकार की स्वीकृति,
शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाना (वर्तमान में केवल दूसरा एवं चौथा शनिवार अवकाश है) यह मांग IBA और UFBU के बीच 7 दिसंबर 2023 को हुए समझौते तथा 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट/संयुक्त नोट के अनुसार सरकार को अनुशंसा के रूप में भेजी जा चुकी है, किंतु पिछले दो वर्षों से यह प्रस्ताव सरकार की स्वीकृति के अभाव में लंबित है।
शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाना (वर्तमान में केवल दूसरा एवं चौथा शनिवार अवकाश है) यह मांग IBA और UFBU के बीच 7 दिसंबर 2023 को हुए समझौते तथा 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट/संयुक्त नोट के अनुसार सरकार को अनुशंसा के रूप में भेजी जा चुकी है, किंतु पिछले दो वर्षों से यह प्रस्ताव सरकार की स्वीकृति के अभाव में लंबित है।
यूएफबीयू लगातार यह मांग करता आ रहा है कि बैंकिंग क्षेत्र में भी अन्य वित्तीय संस्थानों की भांति 5-दिवसीय कार्य प्रणाली लागू की जाए। RBI, LIC, GIC, केंद्र एवं राज्य सरकारों के कार्यालय, शेयर बाजार एवं मुद्रा बाजार पहले से ही सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। मुख्य श्रम आयुक्त द्वारा 22 एवं 23 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित सुलह बैठकों में वित्त मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित हुए, किंतु कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप UFBU को विवश होकर हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
यूएफबीयू के संयोजक महेश मिश्रा ने बताया कि जयपुर में हड़ताली बैंक कर्मियों का प्रदर्शन यूनियन बैंक, एल.आई.सी. बिल्डिंग, अम्बेडकर सर्किल पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पाँच हज़ार बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश में बीकानेर ,कोटा,जोधपुर, उदयपुर ,हनुमानगढ़, गंगानगर और अजमेर में भी यह प्रदर्शन आयोजित किए गए ।
यू एफ बी यू के संयोजक महेश मिश्रा ने बताया कि राजस्थान में सार्वजनिक ,ग्रामीण,सहकारी,निजी और विदेशी बैंकों के 12000 कार्मिक हड़ताल पर रहें, 9000 बैंक शाखाए बंद रही जिसमे 11000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताली बैंक कर्मियों को इस अवसर पर सभी संगठनों से नेताओं ने संबोधित किया । कर्मचारी संगठन से : आर.जी. शर्मा, सूरज भान सिंह आमेरा, महेश शर्मा,विनील ,रविकांत शर्मा,सक्सेना, बसंत जम्मड , जी एनपारीक,रवि दीप चतुर्वेदी, एम.एस. भेटजा, राहुल पांडे।
अधिकारी संगठन से : रामावतार जाखड़, राजेश जैन, महेश शर्मा,अशोक मीणा, सन्नी चौधरी, महेश
मीणा,नरेश शर्मा, लोकेश मिश्रा थे। बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी इस बात से आक्रोशित हैं कि केवल बैंकिंग क्षेत्र में ही 5-दिवसीय कार्य प्रणाली लागू नहीं की जा रही है। यह भेदभाव अस्वीकार्य है। यूएफबीयू का स्पष्ट मत है कि सोमवार से शुक्रवार कार्य समय में 40 मिनट की वृद्धि कर शेष शनिवारों को अवकाश देने से ग्राहकों को कोई विशेष असुविधा नहीं होगी, क्योंकि वर्तमान में डिजिटल एवं वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं व्यापक रूप से उपलब्ध हैं।
मीणा,नरेश शर्मा, लोकेश मिश्रा थे। बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी इस बात से आक्रोशित हैं कि केवल बैंकिंग क्षेत्र में ही 5-दिवसीय कार्य प्रणाली लागू नहीं की जा रही है। यह भेदभाव अस्वीकार्य है। यूएफबीयू का स्पष्ट मत है कि सोमवार से शुक्रवार कार्य समय में 40 मिनट की वृद्धि कर शेष शनिवारों को अवकाश देने से ग्राहकों को कोई विशेष असुविधा नहीं होगी, क्योंकि वर्तमान में डिजिटल एवं वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं व्यापक रूप से उपलब्ध हैं।
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