भारत- यूएस ट्रेड डील से खुशी की लहर फोर्टी ने मनाया जश्‍न

० आशा पटेल ० 
जयपुर : भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से पूरे देश के साथ राजस्‍थान के निर्यातकों में खुशी की लहर दौड़ गई। अमेरिका की ओर से टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। फेडरेशन ऑफ राजस्‍थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी ) कार्यालय में अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के नेतृत्‍व में इंडिया- यूएस ट्रेड डील के बाद जश्न मनाया। निर्यातकों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर फोर्टी यूथ विंग अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, गारमेंट निर्यातक और फोर्टी उपाध्यक्ष पवन लश्करी,

 सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश गुप्‍ता, जस के कन्वीनर अशोक माहेश्वरी, फोरहैक्‍स के सचिव रजत माथुर और संयुक्त सचिव करण मील, फार्मा एक्‍सपोर्टर विक्रांत गुप्‍ता शामिल हुए। गौरतलब है कि राजस्‍थान से अमेरिका को करीब 18 हजार करोड़ का निर्यात होता है। इसमें जेम्स ज्वेलरी, गारमेंट, क्‍वार्ट्ज,मार्बल- ग्रेनाइट, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग गुड्स और दवाइयां शामिल हैं। 

पिछले साल अगस्त में 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद इन सभी वस्तुओं का अमेरिका को निर्यात लगभग ठप हो गया था। अब इंडिया- यूएस की नई डील से प्रदेश के निर्यातक राहत महसूस कर रहे हैं। सुरेश अग्रवाल का कहना है कि मोदी सरकार की यह बड़ी कामयाबी है, इंडिया- ईयू डील के बाद से ही अमेरिका भारी दबाव में था , 

अब इंडिया- यूएस डील से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की अर्थव्यवस्था और ज्‍यादा मजबूती के साथ खडी होगी। नई डील से हम अमेरिका के बाजार में प्रतिस्‍पर्धी देशों की तुलना में ज्यादा चुनौती पेश कर पाएंगे। फोर्टी यूथ विंग अध्‍यक्ष सुनील अग्रवाल का कहना है कि 50 प्रतिशत टैरिफ हमारे एक्सपोर्टर्स के साथ यूएस के खरीदारों पर भी लगा था। 

 पवन लश्‍करी का कहना है कि अब बांग्लादेश, वियतनाम चीन जैसे देशों से कम टैरिफा का लाभ राजस्‍थान के गारमेंट निर्यातकों को होगा। राकेश गुप्ता का कहना है कि 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण राजस्‍थान में क्‍वार्ट्ज की फैक्ट्रियां बंद होने लगी थी, क्योंकि क्‍वार्ट्ज का 95 प्रतिशत तक निर्यात अमेरिका को ही होता था, लेकिन अब टेरिफ घटाने से प्रदेश की क्‍वार्ट्ज इंडस्‍ट्री को संजीवनी मिलेगी। फोरहैक्‍स के रजत माथुर और करण मील का कहना है कि प्रदेश के कुल हैंडीक्राफ्ट का 50 प्रतिशत तक अमेरिका को निर्यात होता है। 

यह निर्यात 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद लगभग समाप्त हो चुका था, लेकिन अब फिर से प्रदेश की हैंडीक्राफ्ट मैन्‍युफैक्‍चरिंग और एक्‍सपोर्ट यूनिट्स का बिजनेस पटरी पर आ पाएगा। गौरतलब है कि राजस्‍थान से होने वाले 90 हजार करोड़ के कुल निर्यात में से करीब 20 हजार करोड़ का निर्यात अमेरिका को होता है। पिछले साल 27 अगस्‍त में लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद इस एक्सपोर्ट में करीब 80 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई थी। इससे प्रदेश में निर्यात आधारित इकाइयों में कार्मिकों के रोजगार पर भारी संकट छा गया था।

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