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टीसीएल की 4th एनिवर्सरी सेल आकर्षक छूट

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एनिवर्सरी सेल के बारे में टीसीएल इंडिया के जनरल मैनेजर माइक शेन ने कहा कि “हम भारत में 4 वर्ष पूरे होने को लेकर काफी उत्साहित हैं। हम इस दौरान मिली ग्रोथ के लिए भारतीय ग्राहकों के कृतज्ञ हैं और धन्यवाद व्यक्त करते हैं। अपने बेशकीमती ग्राहकों का शुक्रिया अदा करते हुए हम उम्मीद करते हैं कि इस पहल से ज्यादा से ज्यादा लोग कम कीमत में उत्पाद ले सकेंगे और हम भविष्य में भी भारतीय ग्राहकों के साथ अपना सफर जारी रखेंगे।” नई दिल्ली : विश्व की दूसरी सबसे बड़ी टीवी कॉर्पोरेशन टीसीएल 4th एनिवर्सरी के उपलक्ष में भारत में सेल आयोजित कर रही है। टीसीएल इस साल 39 वर्ष की हो जाएगी और यह ब्रैंड एलईडी टीवी मार्केट शेयर के मामले में अमेरिका में दूसरे स्थान पर है। हाल ही में इसने तिरुपति में स्वयं की पहली पैनल फैक्टरी का संचालन शरू किया है। कंपनी का लक्ष्य मेक इन इंडिया के अंतर्गत ब्रैंड की सबसे बड़ी ओवरसीज फैक्टरी बनाना है। यह सेल 16 से 31 जुलाई के दौरान नीचे दिए गए उत्पादों पर लागू होगी। टीसीएल S6500 सीरीज एलईडी स्मार्ट टीवी (32 इंच): S6500 एक गूगल सर्टिफाइड एंड्रॉयड एलईडी एचडी टीवी है जिसमें बिल्ट-इन वाई-फा...

आज़मगढ़ : दलितों पर हमले रिहाई मंच की पीड़ितों से मुलाक़ात

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गांव की महिलाओं ने बताया कि बारिश की वजह से जो नए शौचालय बने हैं वो भर जाते हैं जिस वजह से बाहर शौच करने जाना पड़ता है. ऐसे में उस दिन भी शाम वे शौच करने गईं थी जहां वे शौच करने जाती हैं वहां पर कुछ लोगों ने खंभे को लाकर रख दिया था और उस पर बैठे हुए थे. महिलाओं के जाते ही उन लड़कों ने गाली-गलौज और फिर मारपीट शुरू कर दी.  आज़मगढ़ : रिहाई मंच ने आज़म गढ़, सरायमीर थाना क्षेत्र के हाजीपुर भरौली गांव में दलितों पर हुए हमले के बाद पीड़ितों से मुलाक़ात की.प्रतिनिधि मंडल में रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, बांकेलाल, एडवोकेट कुमार राहुल, विनोद और अवधेश यादव शामिल रहे. रिहाई मंच को पीड़ितों ने बताया कि 9 जुलाई को महिलाएं शौच के लिए बाहर गईं थीं तभी बगल की बस्ती के अभिषेक यादव, पिंटू यादव महिलाओं को गाली देने लगे और बबूल की झाड़ियों से मारने लगे. महिलाओं द्वारा विरोध करने पर उन लोगों ने अपने गांव के और कुछ लोगों को बुला लिया जो लाठी-डंडा लेकर आए और महिलाओं को पीटने लगे. दलित बस्ती के महेंद्र और उनके घर वाले बीच-बचाव करने गए तो उन्हें भी हमलावर पीटने लगे. जिसमें महेंद्र की पैंसठ वर्षीय मां, पिता और उ...

मेदांता के हैल्थकेयर की अनोखी पहल ई-क्लीनिक और नर्सिंग यूनिट

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ई-क्लीनिक को आरडब्ल्यूए सदस्यों के साथ डॉ नरेश त्रेहन,अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक व डॉ यतिन मेहता, अध्यक्ष, क्रिटिकल केयर एंड एनेस्थिसियोलॉजी, द्वारा लॉन्च किया गया है। डॉ नरेश त्रेहन ने ई-क्लिनिक की शुरुआत करते हुए कहा, “मेदांता में, हम रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि महामारी के बीच रोगियों को इलाज से वंचित न रहना पडे। मेदांता ई-क्लीनिक आर्किड पेटल्स के निवासियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक विशेष चिकित्सिय सेवा प्रदान करेगा। गुरुग्राम : रोगी की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा देने हेतु, मेदांता ¼https://www-medanta-org/½ ने आरडब्ल्यूए आर्किड पेटल्स, सेक्टर-49 के परिसर में ई-क्लीनिक और नर्सिंग यूनिट आरंभ किया। यह सुविधा टेलिमेडिसिन परामर्श के माध्यम से मेदांता के सुपर विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ जुड़कर निवासियों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करेगी। प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारियों को भी आपातकाल में सहायता करने और टेलिमेडिसिन परामर्श में सहायता करने के लिए तैनात किया जाएगा। कोवि...

44.6% भारतीय छात्र घर से ही जारी रखेंगे स्कूली शिक्षा

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सर्वे में यह बात सामने आई है कि स्कूल फ्रॉम होम मॉडल सटीक हल नहीं है। करीब 35.8 फीसदी छात्रों को साइंस की ऑनलाइन क्लास के दौरान कॉन्सेप्ट समझने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 31 फीसदी छात्रों को लैंग्वेज की क्लास में और मैथ की क्लास में सबसे अधिक 51.9 फीसदी छात्रों को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा। इसलिए बेहतर हल के रूप में डिजिटल लर्निंग और पारंपरिक तरीके के बीच में संतुलन बनाना होगा। नयी दिल्ली : यदि ब्रेनली के सर्वे पर नजर डालें, तो भारत में एक नया कल्चर देखने को मिल सकता है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए विश्व के सबसे बड़े ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म ने 2,150 भारतीय यूजर का सर्वे किया। ये प्रश्न मौजूदा स्कूल फ्रॉम होम की परिस्थिति पर आधारित थे और इसमें कुछ रोचक नतीजे सामने आए हैं। शुरुआत करने वाले करीब 68.7 ब्रेनली यूजर ने माना कि इस महामारी से पहले, वे कभी ऑनलाइन क्लास का हिस्सा नहीं बने थे। आज, लर्निंग के इस तरीके ने करीब 72.8 फीसदी छात्रों के रोजमर्रा की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। 44.6 फीसदी छात्रों का कहना है कि वे महामारी के बाद भी स्कूल फ्रॉम होम के विचार ...

तीन पीढ़ियों तक याद रहेगा

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विजय सिंह बिष्ट   आदिकाल से संसार में कई परिवर्तन हुए हैं।मोहन जोदड़ो हडप्पा की खुदाई भी दबने और दफन होने के प्रमाण दिलाते हैं। हीरो सीमा और नागासाकी की यादें भी हर वर्ष आती ही रहती हैं। किन्तु 2020 ई0 की आज की तीन पीढ़ियां इसे भुला नहीं पायेंगे।कोरोना की भंयकर बीमारी ने सारे विश्व को तहस नहस ही नहीं बेरोजगारी, कंगाली , घर से बेघर  तथा अपनों से भी दूर कर दिया।आज मानव धर्म की दुहाई देने से भी हम कोसों दूर चले गए हैं। किसी की मौत पर  शमशान में लकड़ी का धर्म ही निभा पा रहे हैं नहीं पुराने जमाने की तरह शोक-संवेदना ही प्रकट कर पा रहे हैं। मृतक के दर्शन भी  परिवार को नसीब नहीं हैं। दूसरी ओर शादी विवाह की तैयारियों का आलम भी बेरुखा ही नजर आया है अपने सगे-संबंधियों की उमंग तरंगों पर भी पानी फिरा हुआ लगता है।बीस से अधिक सम्मिलित नहीं हूंगे, फिर डरके मारे लोग जाना भी नहीं चाहते। गली गली बंद पड़ी हैं संक्रमण के कारण लोगों को घरों में बंद किया गया है, आने जाने वाले चौदह दिन के वनवास में विद्यालयों में रखे जा रहे हैं। नेताओं को खुली छूट मिली हुई है। चुनाव भी  करवाने ही हैं। ...

शिक्षा प्रणाली को वर्तमान दौर की आवश्यकताओं को समझते हुए बदलाव करना चाहिए : राजकुमारी दीया कुमारी

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‘‘किसी भी शिक्षा प्रणाली को वर्तमान दौर की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए अपने आप में बदलाव करना चाहिए, ताकि नए दौर के नए चलन में अपने आप को कायम रखा जा सके। मौजूदा दौर में हमें अपने आपको कायम रखने और विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए कौशल के महत्व को समझना होगा, क्योंकि इस समय न केवल हमारे देश को, बल्कि पूरी दुनिया को कोरोना वायरस के कारण अनेक वास्तविक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।‘‘ जयपुर : राजसमंद से सांसद दीया कुमारी ने भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के परिसर का दौरा किया और इस दौरान उन्हे विश्वविद्यालय में चल रहे ‘आत्मनिर्भर भारत’ से संबंधित प्रयासों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। सांसद दीया कुमारी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रक्रिया ऑनलाइन तक सीमित है और फिजिकल ट्रेनिंग को स्थगित किया गया है। दीया कुमारी ने विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों के साथ वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और इस दौरान उन्होंने बीएसडीयू के कौशल विकास के बुनियादी ढांचे और प्रयोगशालाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान महामारी ने कौशल उन्नयन की प्रासंगिकता और इसक...

ओरिएंट इलेक्ट्रिक ने हेल्थ अप्लायंसेज सेगमेंट में रखा कदम

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ओरिएंट यूवी सैनिटेक में एक टॉप लोडिंग लिड है, इससे यूजर्स इसके अंदर वस्‍तुओं को आसानी से रख सकते हैं। यह उपयोग के लिये पूरी तरह सुरक्षित है। इसका सेफ्टी स्विच दरवाजा खुला होने पर यूवी लाइट को अपने आप बंद कर देता है। इसमें एरर अलर्ट फंक्शन के साथ इलेक्ट्रानिक टाइमर डिस्प्ले है। इसका रबर गैस्केट यूवी किरणों के रिसाव को रोकता है और इसमें मजबूत मेटलिक बॉडी दी गई है। नयी दिल्ली : ओरिएंट इलेक्ट्रिक लिमिटेड, जोकि  2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के विविधिकृत सीके बिरला ग्रुप का एक अंग है, ने एक बॉक्स के आकार के सैनिटाइजेशन चैम्बर यूवी सैनिटेक के लॉन्च के साथ हेल्थ एप्लायंसेज सेगमेंट में कदम रखने की घोषणा की है। यह चैम्बर अल्ट्रावॉइलेट (यूवी-सी) लाइट का उपयोग करके केवल 4 मिनट में दैनिक उपयोग की वस्तुओं और किराने के सामान की सतहों पर, कोरोना वायरस सहित बाकी  वायरस, बैक्टीरिया और फंगस को भी मारता है। कंपनी अपने फरीदाबाद स्थित विनिर्माण सयंत्र में इस सैनिटाइजेशन बॉक्स का इन-हाउस उत्‍पादन कर रही है और निकट भविष्य में इस श्रेणी में और भी उत्पाद लाने की योजना है। ओरिएंट इलेक्ट्रिक लिमिटेड के एमडी ...

कामकाजी प्रोफेशनल्‍स और छात्रों के लिए पार्ट-टाइम ऑनलाइन कोडिंग प्रोग्राम शुरू

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नयी दिल्ली : भारत के पहले मिलिटरी स्‍टाइल कोडिंग स्‍कूल, मसाई स्‍कूल ने अपने पार्ट-टाइम फुल-स्‍टैक डेवलपर प्रोग्राम को  लॉन्‍च किया। यह प्रोग्राम छात्रों और कामकाजी प्रोफेशनल्‍स दोनों के लिए ही है - जो फुल-टाइम प्रोग्राम कर पाने में असमर्थ हैं लेकिन नवीनतम वेब डेवलपमेंट टेक्‍नोलॉजिज को सीखकर फुल-स्‍टैक डेवलपर के रूप में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं। यह प्रोग्राम कंप्‍यूटर साइंस और नवीनतम तकनीकों में मजबूत नींव के निर्माण पर केंद्रित है। इसके लिए टेक-आधारित शिक्षा या संबंधित कार्य अनुभव की कोई भी पूर्व आवश्‍यकता नहीं है। इसके लिए मसाई स्‍कूल की वेबसाइट पर पंजीकरण किया जा सकता है।  30-हफ्ते के इस फुल स्‍टैक वेब डेवलपमेंट प्रोग्राम में 600 घंटे की कोडिंग, 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्‍स, और 60 घंटे का तार्किक क्षमताओं का निर्माण शामिल है। इसके साथ-साथ, इस कोर्स में 20 गेस्‍ट लेक्‍चर्स, 2 डेमो डेज, 2 हैकेथॉन्‍स, 10 प्रोजेक्‍ट्स, 50 चैलेंजेज और 5 मॉक इंटरव्‍यूज शामिल हैं।  नई पेशकश के लॉन्च पर बोलते हुए, मसाई स्कूल के सह-संस्थापक और सीईओ, प्रतीक शुक्ला ने कहा, “वैश्विक स्तर पर चल रही...

प्रभजीत सिंह,इंडिया एवं साउथ एशिया के ऊबर प्रेज़ीडेन्ट नियुक्त

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नई दिल्ली , ऊबर ने प्रभजीत सिंह को ऊबर इंडिया एवं साउथ एशिया का प्रेज़ीडेन्ट नियुक्त किया है, जो कंपनी के मोबिलिटी कारोबार के विकास को अगले चरण तक ले जाने, तथा भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में राइडर्स और ड्राइवर्स को सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होंगे। वे तुरंत इस पद का कार्यभार संभालेंगे। अपनी नई नियुक्ति पर बात करते हुए प्रभजीत ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि ऊबर में मुझे इंडिया और साउथ एशिया का नेतृत्व करने का मौका मिल रहा है। मुझे उम्मीद है कि कंपनी की उत्कृष्ट टीमों और ऊबर परिवार के सहकर्मियों के साथ मिलकर हम अपने उत्पाद और सेवाओं को और मजबूत बना सकेंगे। ऊबर हमारे शहरों का अभिन्न हिस्सा है और चूंकि कंपनी ने परिवहन सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं, हम  अपने राइडर्स एवं ड्राइवर्स के लिए सुरक्षा, स्थायित्व एवं सेवाओं के सर्वोच्च मानकों को प्राथमिकता देते हैं।’’ इस अवसर पर प्रदीप परमेश्वरन, रीजनल जनरल मैनेजर फॉर एशिया पेसिफिक ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है कि प्रभजीत सिंह मेरे स्थान पर ऊबर इंडिया एवं साउथ एशिया के नए प्रेज़ीडेन्ट नियुक्त किए जा र...

राष्ट्रीय डिजाइन संस्थानों [ NID ] के छात्र जर्मनी में अब वर्क परमिट के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे

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जर्मनी में विदेशी विश्वविद्यालय-स्तर की योग्यता की पहचान अक्सर जर्मन वर्क वीजा,  जॉब सीकर्स वीजा या जर्मन ब्लू कार्ड हासिल करने के लिए एक आवश्यक शर्त है। वीजा आवेदन की सफलता अक्सर इस प्रमाण पर निर्भर करती है कि जर्मनी के बाहर अर्जित विश्वविद्यालय-स्तरीय योग्यता को समकक्ष जर्मन योग्यता के बराबर माना जाता है। आम तौर पर,  जर्मनी में किसी की डिग्री को मान्यता के लिए उसे 3/4 वर्षीय स्नातक की डिग्री प्राप्त होने की बुनियादी आवश्यकता होती है। भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने विश्व स्तर की डिजाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए भारत में पांच राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की स्थापना की है। एनआईडी अहमदाबाद (अहमदाबाद, गांधीनगर और बेंगलुरु कैंपस के साथ) ने 1961 में अपनी गतिविधियों की शुरुआत की थी जबकि बाकी के चार नए एनआईडी अर्थात् – एनआईडी आंध्र प्रदेश, एनआईडी हरियाणा, एनआईडी असम और एनआईडी मध्य प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में अस्तित्व में आए हैं। इन ...