इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 : ओडिशा की समृद्ध विरासत और प्राचीन मूर्तिकला परंपराओं का प्रदर्शन

० आनंद चौधरी ० 
नई दिल्ली: इस वर्ष के विषय ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर आधारित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 में ओडिशा पवेलियन न केवल ओडिशा की समृद्ध विरासत और प्राचीन मूर्तिकला परंपराओं को प्रदर्शित करता है, बल्कि साल 2036 तक ओडिशा के सतत विकास के लिए तैयार किए गए विज़न डॉक्युमेंट के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने वाली राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस पवेलियन के माध्यम से राज्य सरकार ने अपनी विभिन्न जन-केन्द्रित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए गए प्रयासों को देश और वैश्विक समुदाय के सामने पेश किया। अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए राज्य के सभी वर्गों के समग्र विकास, प्रगति और आधुनिकता को अपनाने की प्रतिबद्धता इस सुंदर पवेलियन में प्रतिबिंबित होती है। यहां पर कृषि उत्पादों, उत्कृष्ट हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वस्त्रों के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाए गए उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित किया गया है।
‘शांति, प्रगति की मुख्य कुंजी’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ संदेशों को आगे बढ़ाते हुए, पवेलियन का मुख्य आकर्षण धौली शांति स्तूप की प्रतिकृति है, जो ओडिशा के गौरवशाली इतिहास, वीरता और विरासत का प्रतीक है। इस संरचना के दोनों ओर नाव के आकार के लाइव-डेमो प्लेटफॉर्म बने हैं, जहाँ आदिवासी कारीगर और शिल्पी ओडिशा की समृद्ध हैंडलूम बुनाई परंपराओं और हस्तशिल्प कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। धौली स्तूप की प्रतिकृति के भीतर प्रदर्शित जीआई (Geographical Indication) उत्पाद ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ में ओडिशा के योगदान को उजागर करते हैं और ‘विकसित भारत @2047’ के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।
ओडिशा पवेलियन का मुख्य प्रवेश द्वार पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार और मुखशाला की शैली में डिज़ाइन किया गया है, जो ओडिशा की कला और वास्तुकला की अद्वितीय पहचान को दर्शाता है तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को अभिव्यक्त करता है। सह-प्रवेश द्वार पर पट्टाचित्र कलाकृतियाँ और प्राचीन कलिंग के गौरवशाली समुद्री व्यापार की विरासत को दर्शाने वाला आर्च बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। पवेलियन का प्रत्येक स्टॉल और कोना पारंपरिक शिल्प से सुसज्जित है, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बन गया है
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के दूरदर्शी नेतृत्व में, ओडिशा के गौरवशाली अतीत को आधुनिक, प्रगतिशील भारत के साथ वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के प्रयास किए गए। IITF के विषय के अनुरूप, ओडिशा उन्नत तकनीक के कुशल उपयोगों के माध्यम से सिलिकॉन सेमीकंडक्टर चिप जैसे उच्च तकनीकी विनिर्माण में नई पहचान बनाने का लक्ष्य रखता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, पर्यावरण संतुलन, और भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर दुनिया बनाने से संबंधित नीतियाँ शामिल हैं।  ओडिशा ‘उत्कर्ष ओडिशा: मेक-इन-ओडिशा कॉन्क्लेव’ (Utkarsh Odisha: Make-In-Odisha Conclave) के माध्यम से वैश्विक उद्योगपतियों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। ओडिशा के कुशल युवाओं और उनके स्टार्ट-अप उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स सम्मेलन ने ओडिशा के मिलेट्स (श्री अन्न) के लिए नए बाजार अवसर उत्पन्न किए हैं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य की प्रगतिशील नीतियों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है।
मुख्यमंत्री के महिलाओं को सशक्त बनाने, कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के दृष्टिकोण और प्रयास पवेलियन में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए ओडिशा रूरल डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग सोसायटी (ORMAS), मिशन शक्ति, हैंडलूम एवं टेक्सटाइल, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, पर्यटन, जनजातीय विकास और हस्तशिल्प सहित 9 विभागों/एजेंसियों के 26 स्टॉल लगाए गए ।

यहां पर लौकी, नारियल रेशा (coir), सबई घास से बने शिल्प, पाषाण मूर्तियाँ, एप्लीक कला, चांदी के फिलिग्री कार्य और महिला स्वयं सहायता समूहों व बुनकरों द्वारा निर्मित मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। ट्रेड फेयर फूड कोर्ट में पर्यटन विभाग के फूड स्टॉल पर ओडिशा के स्वादिष्ट व्यंजन भी उपलब्ध हैं।

 उपमुख्यमंत्री श्रीमती प्रभावती परिदा ने 14 नवंबर को पवेलियन का उद्घाटन किया। व्यावसायिक दिनों के दौरान त्रिपुरा की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती संताना चकमा, मणिपुर के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों (dignitaries) ने पवेलियन का दौरा किया और ओडिशा के साथ वाणिज्यिक संभावनाओं को मजबूत बनाया। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र, और DRPSC के सदस्य यूसुफ पठान एवं श्रीमती अनीता सभुद्रशिनी ने पवेलियन का भ्रमण किया और कारीगरों व बुनकरों से संवाद किया।

 21 नवंबर तक लगभग एक लाख से अधिक दर्शक ओडिशा पवेलियन का दौरा कर चुके हैं और ₹25 लाख का व्यापार दर्ज किया गया। ओडिशा को पिछले तीन लगातार वर्षों से IITF में सर्वश्रेष्ठ पवेलियन का पुरस्कार मिला है। पिछले वर्ष की तरह, इस वर्ष भी पवेलियन 600 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित किया गया। बेहतर डिज़ाइन, सकारात्मक प्रतिक्रिया और उत्साहजनक व्यापारिक आंकड़ों के आधार पर, इस वर्ष के आगंतुक और व्यापार आंकड़े पिछले वर्ष को पार करने की उम्मीद है।

 ओडिशा राज्य दिवस समारोह भारत मंडपम के अम्फीथिएटर-1 में आयोजित किया गया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उत्कल प्रसंगा और ओडिशा रिव्यू के विशेष IITF संस्करण जारी किए गए जिस में शास्त्रीय और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ जिनमें - ओडिसी नृत्य (नपूर डांस अकादमी, भुवनेश्वर)- एनिमल मास्क डांस (दिगपहाड़ी, गंजाम)  सांबलपुरी नृत्य (रुम्कुजुमाना, सबरनपुर) - जनजातीय नृत्य (कंधमाल) - घमुरुआ नृत्य (ब्रुंदाबन संस्कृति कला परिषद, कालाहांडी) पेश की गई। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सैफ़ी काउंट द्वारा विकास नगर में मीटिंग में नियुक्त पत्र वितरित

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पहल पर "सक्षम" का आयोजन

राजस्थान समग्र सेवा संघ, में “राजस्थान के गाँधी” गोकुल भाई की 128वीं जयंती पर नशामुक्ति अभियान

इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण

COWE और टी ट्रेडिशन ने "पौष्टिक" comeptition का आयोजन किया

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा Earned Salary Advance Drawal Access Scheme का शुभारंभ

जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के शपथ ग्रहण में उमड़ा जन सैलाब

NSUI National President जो गहलोत और पायलट न कर सके, वह विनोद जाखड़ ने कर दिखाया

कंपनी सचिव के परिणाम घोषित,क्षितिज,प्रशस्त,काशवी,अंकुश,मोनिशा व पलक ने रेंक हासिल की

यस बैंक ने उत्तर भारत में 34.4% शाखाओ के साथ अपनी उपस्थिति की मजबूत