दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर का गंदा और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली ; दिल्ली जल बोर्ड द्वारा यमुना को जानबूझकर प्रदूषित करने का गंभीर मामला फेडरेशन ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम, द्वारका ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कुछ स्वार्थी एवं गैर-जिम्मेदार अधिकारी यमुना नदी को जानबूझकर प्रदूषित कर रहे हैं।
फेडरेशन के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने उपराज्यपाल दिल्ली तथा मुख्यमंत्री दिल्ली को भेजे गए अपने लिखित शिकायत पत्र में कहा है कि द्वारका क्षेत्र से होकर बहने वाली पालम ड्रेन, जो मूल रूप से वर्षा जल निकासी के लिए बनाई गई थी, उसमें दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर का गंदा और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। यह ड्रेन सीधे यमुना नदी में जाकर मिलती है, जिससे नदी के प्रदूषण स्तर में भयावह वृद्धि हो रही है।
नई दिल्ली ; दिल्ली जल बोर्ड द्वारा यमुना को जानबूझकर प्रदूषित करने का गंभीर मामला फेडरेशन ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम, द्वारका ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कुछ स्वार्थी एवं गैर-जिम्मेदार अधिकारी यमुना नदी को जानबूझकर प्रदूषित कर रहे हैं।
फेडरेशन के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने उपराज्यपाल दिल्ली तथा मुख्यमंत्री दिल्ली को भेजे गए अपने लिखित शिकायत पत्र में कहा है कि द्वारका क्षेत्र से होकर बहने वाली पालम ड्रेन, जो मूल रूप से वर्षा जल निकासी के लिए बनाई गई थी, उसमें दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर का गंदा और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। यह ड्रेन सीधे यमुना नदी में जाकर मिलती है, जिससे नदी के प्रदूषण स्तर में भयावह वृद्धि हो रही है।
सोलंकी ने कहा कि “यह न केवल पर्यावरण कानूनों का खुला उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ और यमुना सफाई अभियान के साथ विश्वासघात है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार मिलकर यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही हैं, वहीं जल बोर्ड के कुछ अधिकारी इस राष्ट्रीय प्रयास को ध्वस्त करने पर आमादा हैं।”
फेडरेशन ने बताया कि सेक्टर-3 (पॉकेट-16) द्वारका, मधु विहार, महावीर एन्क्लेव, राजापुरी, भारत विहार और आसपास के क्षेत्र के नागरिक इस प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हैं। भयंकर दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप, प्रदूषित हवा और संक्रमणजनित बीमारियों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और फेडरेशन द्वारा बार-बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की। यह सीधी कर्तव्य की अवहेलना, भ्रष्टाचार और जनता के स्वास्थ्य के प्रति आपराधिक लापरवाही का मामला है।
फेडरेशन ने उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मांगें की इस पूरे प्रकरण की उच्च-स्तरीय जांच (Vigilance / CBI / पर्यावरण विभाग) कराई जाए। दोषी जल बोर्ड अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। पालम ड्रेन में छोड़े जा रहे सीवर जल को तुरंत रोका जाए तथा संबंधित पाइपलाइन को सील किया जाए। स्वतंत्र निगरानी समिति गठित की जाए, जो यमुना में प्रदूषण स्रोतों की नियमित निगरानी करे।
फेडरेशन ने बताया कि सेक्टर-3 (पॉकेट-16) द्वारका, मधु विहार, महावीर एन्क्लेव, राजापुरी, भारत विहार और आसपास के क्षेत्र के नागरिक इस प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हैं। भयंकर दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप, प्रदूषित हवा और संक्रमणजनित बीमारियों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और फेडरेशन द्वारा बार-बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की। यह सीधी कर्तव्य की अवहेलना, भ्रष्टाचार और जनता के स्वास्थ्य के प्रति आपराधिक लापरवाही का मामला है।
फेडरेशन ने उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मांगें की इस पूरे प्रकरण की उच्च-स्तरीय जांच (Vigilance / CBI / पर्यावरण विभाग) कराई जाए। दोषी जल बोर्ड अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। पालम ड्रेन में छोड़े जा रहे सीवर जल को तुरंत रोका जाए तथा संबंधित पाइपलाइन को सील किया जाए। स्वतंत्र निगरानी समिति गठित की जाए, जो यमुना में प्रदूषण स्रोतों की नियमित निगरानी करे।
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