भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों व छोटे व्यापारियों के साथ बड़ा खिलवाड़ : पायलट
० आशा पटेल ०
जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश किसानों, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों तथा नौजवानों के लिए अहितकारी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस डील से भारत के किसानों, विशेषकर कपास और सोयाबीन उत्पादकों का भारी अहित होगा। सरकार ने जान-बूझकर छोटे व्यापारियों, नौजवानों और हमारे दुग्ध उत्पादकों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रदेश महिला कांग्रेस की मीटिंग में पायलट ने कहा कि भारत की टेªड डील यूरोपीय संघ के साथ भी हुई है, जो कि पूरी तरह से एक व्यापारिक समझौता है परन्तु अमेरिका जो करवा रहा है, वो दबाव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर पहले जो 3 से 5 प्रतिशत टैरिफ था, उसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया और अब उसे 18 प्रतिशत करने की खुशियां मनाई जा रही है। पायलट ने कहा कि लगभग 500 अरब डॉलर के व्यापार का समझौता हुआ है परन्तु क्या खरीदेंगे, किस दाम पर खरीदेंगे इसका कुछ पता नही है।
पायलट ने कहा कि देश में यह पहली बार हुआ है कि भारत की ऊर्जा-सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। कोई दूसरा देश भारत जैसे ताकतवर देश को कैसे डिक्टेट कर सकता है कि हमें कहां से तेल खरीदना है और कहां से नहीं। यह देश की ऊर्जा-सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर सरकार में असमंजस है। वाणिज्य मंत्री कहते है विदेश मंत्री को पता है, विदेश मंत्री कहते है, वाणिज्य मंत्री को पता है, किसी को पता ही नहीं है कि क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन के अंदर और बाहर लगातार इन मुद्दों को उठाया है, सरकार के पास उनके एक भी सवाल का जबाव नहीं है। इसलिए जनता को जागरूक और सचेत रहने की आवश्यकता है।-
जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश किसानों, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों तथा नौजवानों के लिए अहितकारी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस डील से भारत के किसानों, विशेषकर कपास और सोयाबीन उत्पादकों का भारी अहित होगा। सरकार ने जान-बूझकर छोटे व्यापारियों, नौजवानों और हमारे दुग्ध उत्पादकों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रदेश महिला कांग्रेस की मीटिंग में पायलट ने कहा कि भारत की टेªड डील यूरोपीय संघ के साथ भी हुई है, जो कि पूरी तरह से एक व्यापारिक समझौता है परन्तु अमेरिका जो करवा रहा है, वो दबाव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर पहले जो 3 से 5 प्रतिशत टैरिफ था, उसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया और अब उसे 18 प्रतिशत करने की खुशियां मनाई जा रही है। पायलट ने कहा कि लगभग 500 अरब डॉलर के व्यापार का समझौता हुआ है परन्तु क्या खरीदेंगे, किस दाम पर खरीदेंगे इसका कुछ पता नही है।
पायलट ने कहा कि देश में यह पहली बार हुआ है कि भारत की ऊर्जा-सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। कोई दूसरा देश भारत जैसे ताकतवर देश को कैसे डिक्टेट कर सकता है कि हमें कहां से तेल खरीदना है और कहां से नहीं। यह देश की ऊर्जा-सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर सरकार में असमंजस है। वाणिज्य मंत्री कहते है विदेश मंत्री को पता है, विदेश मंत्री कहते है, वाणिज्य मंत्री को पता है, किसी को पता ही नहीं है कि क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन के अंदर और बाहर लगातार इन मुद्दों को उठाया है, सरकार के पास उनके एक भी सवाल का जबाव नहीं है। इसलिए जनता को जागरूक और सचेत रहने की आवश्यकता है।-
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