बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का एक वर्ष पूर्ण
नई दिल्ली। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक साल पूरा होने के मौके पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की मौजूदगी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
एक लाख से भी ज्यादा बाल विवाह रोके गए जो यह दिखाता है कि जब समाज एकजुट होता है तो बदलाव अपरिहार्य है। हमने वादा किया है कि अगले एक साल में हम एक लाख गांवों को बाल विवाह मुक्त गांव बनाएंगे ताकि हर बच्चे को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर व एक सुरक्षित भविष्य मिले। विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य की प्राप्ति में इन प्रयासों की गति काफी अहमियत रखती है।
इस मौके पर बाल अधिकार कार्यकर्ता व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने बच्चों के खिलाफ अपराधों के खात्मे के लिए सभी हितधारकों से साथ आने व इस राष्ट्रीय अभियान में शामिल होने की अपील की। ऋभु ने कहा, “बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सामुदायिक समूहों, धार्मिक नेताओं, पंचायतों व नागरिकों की सबसे मुख्य भूमिका है। सरकार का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल बन चुका है। यह बच्चों के खिलाफ होने वाले इस अपराध के खात्मे के हमारे सामूहिक प्रयासों व सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
एक लाख से भी ज्यादा बाल विवाह रोके गए जो यह दिखाता है कि जब समाज एकजुट होता है तो बदलाव अपरिहार्य है। हमने वादा किया है कि अगले एक साल में हम एक लाख गांवों को बाल विवाह मुक्त गांव बनाएंगे ताकि हर बच्चे को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर व एक सुरक्षित भविष्य मिले। विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य की प्राप्ति में इन प्रयासों की गति काफी अहमियत रखती है।
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