पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार
० आशा पटेल ०
जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष प्रो. राम निवास शर्मा के नेतृत्व में कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात कर बकाया पेंशन एवं पेन्शन भुगतान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुहार लगाईं। कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने समस्या के सम्बंध में सोसाइटी के प्रतिनिधियों से विस्तृत में चर्चा की। प्रोफेसर शर्मा ने कुलाधिपति को इस बात से अवगत कराया कि राज्य सरकार ही विश्व विद्यालय कर्मचारियों को वेतन देती है अतः राज्य सरकार को ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान करना चाहिए ।
पेंशनर्स की सारी समस्या को राज्यपाल ने धैर्य पूर्वक सुनी । उन्होंने समस्या सुन कर स्पष्ट रूप से यह आश्वासन दिया कि वे अपनी ओर से इस समस्या के पूर्णतः समाधान के लिए प्रयास करेंगे और इस संबंध में सरकार से चर्चा करेंगे। प्रतिनिधि मंडल में प्रो. सुखवीर सिंह बैस, अशोक व्यास एवं रामदत्त हर्ष सम्मिलित रहे।
जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष प्रो. राम निवास शर्मा के नेतृत्व में कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात कर बकाया पेंशन एवं पेन्शन भुगतान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुहार लगाईं। कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने समस्या के सम्बंध में सोसाइटी के प्रतिनिधियों से विस्तृत में चर्चा की। प्रोफेसर शर्मा ने कुलाधिपति को इस बात से अवगत कराया कि राज्य सरकार ही विश्व विद्यालय कर्मचारियों को वेतन देती है अतः राज्य सरकार को ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान करना चाहिए ।
गंभीर मुद्दे को सुनकर कुलाधिपति ने भी अपनी सहमति जताई । प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि पहले भी हम पेंशनर्स ने पांच महीने की पेंशन ना मिलने पर लगातार धरना/ प्रदर्शन कर चुके है। परिणाम स्वरूप सरकार ने विश्व विद्यालय को लोन दिलाया तब कहीं जाकर पेंशन का भुगतान हुआ था । यही नहीं अब फिर तीन महीने की पेंशन बकाया हो चुकी है और विश्व विद्यालय पेंशन देने में असमर्थ है।
पेंशनर्स की सारी समस्या को राज्यपाल ने धैर्य पूर्वक सुनी । उन्होंने समस्या सुन कर स्पष्ट रूप से यह आश्वासन दिया कि वे अपनी ओर से इस समस्या के पूर्णतः समाधान के लिए प्रयास करेंगे और इस संबंध में सरकार से चर्चा करेंगे। प्रतिनिधि मंडल में प्रो. सुखवीर सिंह बैस, अशोक व्यास एवं रामदत्त हर्ष सम्मिलित रहे।
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