जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस ने सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग 2026 को सपोर्ट करने के लिए सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन के साथ पार्टनरशिप की
गंगटोक: वैश्विक बीमा कंपनी जेनेराली और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त उपक्रम जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस ने सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन के साथ सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग 2026 के टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर अपनी पार्टनरशिप की घोषणा की। 24 फरवरी को शुरू होने वाली इस लीग में सिक्किम, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी के टॉप क्लब हिस्सा लेंगे।
जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस की चीफ मार्केटिंग, कस्टमर व इम्पैक्ट ऑफिसर, रुचिका वर्मा ने कहा, ’’जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस में, ’डीईआई’ महज़ औपचारिकता नहीं है बल्कि यह हमारे लिए प्रगति का फलसफा है। हमारे कार्यबल में 1 प्रतिशत दिव्यांग लोग हैं और पूरे संगठन में 20 प्रतिशत महिलाएं हैं, हम जीसीआई में पहुंचनीयता और समावेशी वृद्धि के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहे हैं। खेलों में महिलाओं को सपोर्ट करना हमारे इस विश्वास के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाता है कि अवसरों तक पहुंच बराबर होनी चाहिए।
गंगटोक हिमालयन स्पोर्टिंग क्लब (सिक्किम); सिंगलिंग स्पोर्टिंग क्लब (सोरेंग), सिक्किम; नॉर्दर्नर्स फुटबॉल (मंगन), सिक्किम; दार्जिलिंग XI; चिजाचेन स्पोर्ट्स एकेडमी (सिक्किम); और मिलन मोर फुटबॉल एकेडमी (सिलीगुड़ी) समेत छह क्लबों की महिला फुटबॉलर इस लीग में हिस्सा लेंगी, जिसका मकसद ग्रासरूट से लीग तक के रास्ते में एक पुल का काम करना है।
कंपनी का फलसफा है: डीईआई (डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन) यानी विविधता, समानता और समावेशन। कंपनी अपना हर कदम इसी फलसफे के मुताबिक आगे बढ़ाती है और इसी राह पर चलते हुए कंपनी की यह पहल इस इलाके में महिलाओं को पेशेवर खिलाड़ी बनाने में मददगार साबित होगी।
इस स्पॉन्सरशिप के ज़रिए ज़रूरी वित्तीय मदद देकर, कंपनी का उद्देश्य इस लीग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना और इस इलाके में महिला एथलीटों के लिए एक सस्टेनेबल ईकोसिस्टम बनाना है। महिलाओं के स्पोर्ट्स पर देश का ध्यान बढ़ने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी के साथ, टैलेंट पाइपलाइन में गहराई लाने के लिए राज्य स्तर की लीग बहुत ज़रूरी हैं।
सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मेनला एथेनपा ने कहा, ’’सिक्किम की पहाड़ियाँ फुटबॉल की आवाज़ से गूंजती रही हैं, लेकिन बदकिस्मती से राज्य की महिला एथलीटों के लिए यह काफी मुश्किल रहा है। सीनियर विमेंस लीग के टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस का आना इस इलाके में महिला फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण पल है। यह लीग सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है, यह महिला एथलीटों के लिए मौके, विश्वास और विज़िबिलिटी का एक प्लैटफॉर्म है।
जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ अनुप राउ ने कहा, ’’सिक्किम के लिए लीड इंश्योरर के तौर पर, हमारी प्रतिबद्धता वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराने से कहीं ज्यादा है। अपने ’लाइफटाइम पार्टनर’ दृष्टिकोण पर चलते हुए हम राज्य की सामाजिक और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। सिक्किम में सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग को सपोर्ट करना, समावेशन, प्रतिभा विकास एवं दीर्घकालिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाले प्लैटफॉर्म्स में निवेश करने की हमारी व्यापक रणनीति से मेल खाता है।
कंपनी का फलसफा है: डीईआई (डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन) यानी विविधता, समानता और समावेशन। कंपनी अपना हर कदम इसी फलसफे के मुताबिक आगे बढ़ाती है और इसी राह पर चलते हुए कंपनी की यह पहल इस इलाके में महिलाओं को पेशेवर खिलाड़ी बनाने में मददगार साबित होगी।
इस स्पॉन्सरशिप के ज़रिए ज़रूरी वित्तीय मदद देकर, कंपनी का उद्देश्य इस लीग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना और इस इलाके में महिला एथलीटों के लिए एक सस्टेनेबल ईकोसिस्टम बनाना है। महिलाओं के स्पोर्ट्स पर देश का ध्यान बढ़ने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी के साथ, टैलेंट पाइपलाइन में गहराई लाने के लिए राज्य स्तर की लीग बहुत ज़रूरी हैं।
सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मेनला एथेनपा ने कहा, ’’सिक्किम की पहाड़ियाँ फुटबॉल की आवाज़ से गूंजती रही हैं, लेकिन बदकिस्मती से राज्य की महिला एथलीटों के लिए यह काफी मुश्किल रहा है। सीनियर विमेंस लीग के टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस का आना इस इलाके में महिला फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण पल है। यह लीग सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है, यह महिला एथलीटों के लिए मौके, विश्वास और विज़िबिलिटी का एक प्लैटफॉर्म है।
जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ अनुप राउ ने कहा, ’’सिक्किम के लिए लीड इंश्योरर के तौर पर, हमारी प्रतिबद्धता वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराने से कहीं ज्यादा है। अपने ’लाइफटाइम पार्टनर’ दृष्टिकोण पर चलते हुए हम राज्य की सामाजिक और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। सिक्किम में सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग को सपोर्ट करना, समावेशन, प्रतिभा विकास एवं दीर्घकालिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाले प्लैटफॉर्म्स में निवेश करने की हमारी व्यापक रणनीति से मेल खाता है।
राज्य स्तर पर महिला फुटबॉल को मज़बूत करके, हम भारतीय खेलों के लिए ज्यादा विविधतापूर्ण और सस्टेनेबल भविष्य में योगदान कर रहे हैं। हम एक दीर्घकालिक ईकोसिस्टम में निवेश कर रहे हैं जो प्रतिभाओं को पोषित करता है, विश्वास निर्माण करता है और युवा महिलाओं के लिए द्वार खोलता है ताकी वे भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।
जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस की चीफ मार्केटिंग, कस्टमर व इम्पैक्ट ऑफिसर, रुचिका वर्मा ने कहा, ’’जेनेराली सेंट्रल इंश्योरेंस में, ’डीईआई’ महज़ औपचारिकता नहीं है बल्कि यह हमारे लिए प्रगति का फलसफा है। हमारे कार्यबल में 1 प्रतिशत दिव्यांग लोग हैं और पूरे संगठन में 20 प्रतिशत महिलाएं हैं, हम जीसीआई में पहुंचनीयता और समावेशी वृद्धि के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहे हैं। खेलों में महिलाओं को सपोर्ट करना हमारे इस विश्वास के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाता है कि अवसरों तक पहुंच बराबर होनी चाहिए।
डीईआई संबंधी अपनी विभिन्न पहलों के ज़रिए, हमने प्रतिनिधित्व बढ़ाने, नेतृत्व के मार्ग सक्षम बनाने और सभी क्षेत्रों में महिलाओं की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने पर ध्यान केन्द्रित किया है। सिक्किम में सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग के साथ पार्टनरशिप करने से यह प्रतिबद्धता जमीनी स्तर पर हकीकत में तब्दील हो रही है। इससे प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी, ग्रासरूट पर आकांक्षाएं पैदा होंगी और इससे हमारा यह विश्वास मज़बूत होता है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो समाज तरक्की करता है।’’


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