महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा)10 उत्कृष्ट नाटकों का चयन

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली: भारतीय रंगमंच के प्रतिष्ठित पुरस्कार और फ़ेस्टिवल माने जाने वाले महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा) का 21वाँ संस्करण 19 से 25 मार्च तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। महिंद्रा समूह द्वारा स्थापित और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा प्रतिवर्ष निर्मित मेटा ने 2026 के लिए 13 श्रेणियों में नामांकित शीर्ष 10 नाटकों की घोषणा कर दी है। इन नाटकों का मंचन नई दिल्ली में एक सप्ताह तक किया जाएगा।
पुरस्कार विजेताओं की घोषणा 25 मार्च को कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित की जाएगी। इससे पहले के दिनों में कमानी ऑडिटोरियम और श्रीराम सेंटर में प्रतिदिन दो नाटकों का मंचन होगा। इस वर्ष चयनित नाटक सामाजिक सरोकारों, नई कथा-शैली, पौराणिक आख्यानों के पुनर्पाठ, पहचान, लिंग और वर्ग से जुड़े रूढ़िगत ढाँचों को चुनौती देने तथा हाशिये की आवाज़ों को मंच देने जैसे विषयों पर केंद्रित हैं।
वर्ष 2026 के लिए मेटा को कुल 422 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जो इसके इतिहास में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। ये प्रविष्टियाँ देश भर के विभिन्न शहरों, रंगमंच परंपराओं और प्रस्तुति शैलियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। सूची में महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों की प्रस्तुतियाँ शामिल हैं, जिनमें हिंदी, मलयालम, बांग्ला, मराठी, हिंदुस्तानी, संस्कृत, बुंदेलखंडी, अंग्रेज़ी और जिब्रिश जैसी भाषाओं का प्रतिनिधित्व है।
मेटा चयन समिति ने सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया। इस वर्ष की चयन समिति में रंगमंच समीक्षक, संपादक और लेखिका दीपा गहलोत; निर्देशक और नाटककार जिनो जोसेफ; थिएटर मेंटर केवल अरोरा; प्रख्यात रंग निर्देशक और सीनोग्राफर प्रो. सत्यव्रत राउत; तथा क्यूरेटर और रंगकर्मी स्वरूपा घोष शामिल थे।
महिंद्रा समूह के वाइस प्रेसिडेंट एवं कल्चरल आउटरीच के हेड जय शाह ने कहा,मेटा के साथ हमारा जुड़ाव कला को सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक सहभागिता के एक सशक्त माध्यम के रूप में देखने के विश्वास से प्रेरित है। इस वर्ष के चयनित नाटक समकालीन भारतीय रंगमंच की समृद्धि को दर्शाते हैं। जिसमें व्यक्तिगत अनुभवों से लेकर जटिल सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों शामिल हैं।
हमें उन कलाकारों और टीमों का समर्थन करने पर गर्व है, जो इन कहानियों को मंच पर प्रस्तुत करते हैं। यह फ़ेस्टिवल भारतीय रंगमंच समुदाय के मेटा पर विश्वास और सम्मान का प्रतीक है, और हम एक और प्रेरणादायक सत्र की प्रतीक्षा कर रहे हैं। टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने कहा,
मेटा फ़ेस्टिवल हमेशा से उत्कृष्ट कहानियों का उत्सव रहा है, और इस वर्ष का चयन भारतीय रंगमंच की विविधता, गहराई और नये प्रयोगों का सशक्त उदाहरण है।
चयनित 10 नाटक अनेक भाषाओं, रूपों और दृष्टिकोणों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश भर के रंगकर्मियों की असाधारण रचनात्मकता को दर्शाते हैं। प्रत्येक प्रस्तुति उन कलाकारों के साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो निरंतर नए प्रयोग कर रहे हैं। हम कमानी और श्रीराम सेंटर में इन प्रस्तुतियों को दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हैं।

मेटा के फ़ेस्टिवल प्रोड्यूसर एवं टीमवर्क आर्ट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सूरज धींगरा ने कहा,
इस वर्ष मेटा को अब तक की सबसे अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। चयनित नाटक भाषाओं, सौंदर्यशास्त्र और प्रस्तुति शैलियों की असाधारण विविधता प्रस्तुत करते हैं।

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