पत्रकारों के हितों का संरक्षण हो, उन्हें योजनाओं का लाभ मिले : गोपाल शर्मा
० आशा पटेल ०
जयपुर। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि विधानसभा में आज पत्रकार हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान भीलवाड़ा से आने वाले सदस्य द्वारा पत्रकारों के अधिकारों, पत्रकारिता के विस्तार तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के सशक्तिकरण को लेकर व्यक्त किए गए विचारों का स्वागत एवं समर्थन करता हूं।उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि पत्रकारों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाए, जो पत्रकार हितों के विभिन्न पहलुओं को गंभीरता से सुनकर उनके त्वरित निराकरण की दिशा में कार्य करें। यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान समय में पत्रकार की परिभाषा केवल प्रिंट मीडिया तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल और अन्य उभरते माध्यमों से जुड़े पत्रकारों को भी समान रूप से मान्यता और संरक्षण मिलना चाहिए।
शर्मा ने यह चिंता भी व्यक्त की कि अधिस्वीकृत और गैर-अधिस्वीकृत पत्रकारों के बीच वर्षों से चली आ रही खाई कई वास्तविक पत्रकारों को योजनाओं के लाभ से वंचित कर देती है। उन्होंने कोविड-19 अवधि के दौरान पत्रकारों के निधन पर घोषित 50 लाख रुपये के मुआवजे में भी अधिस्वीकृति की शर्त बाधा बनने की बात सामने रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिस्वीकृत पत्रकार की परिभाषा को व्यावहारिक और कार्य-आधारित बनाया जाए,
ताकि वास्तविक फील्ड में कार्य करने वाले पत्रकारों को भी प्राथमिकता मिल सके।साथ ही यह भी निवेदन किया कि राज्य में पत्रकारों के लिए आवासीय व्यवस्था की परंपरा को पुनर्जीवित और सुदृढ़ किया जाए तथा आयुष्मान योजना सहित सभी सरकारी चिकित्सा सुविधाओं में पत्रकारों को सैनिकों के समान संवेदनशील दृष्टिकोण से देखा जाए।
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