ईवीएम स्ट्रांगरूम में पूरी तरह सुरक्षित

मीडिया के एक वर्ग में ऐसी शिकायतें आ रही हैं जिनमें कहा गया है कि स्ट्रांगरूम में रखी हुई मतदानयुक्त ईवीएम को कथित रूप से बदलने का प्रयास किया गया है। भारत के निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सभी खबरें और आरोप पूरी तरह झूठे सच्चाई से परे है। मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों का चुनाव के दौरान इस्तेमाल ईवीएम से कोई लेना-देना नहीं है।


=========================================


नयी दिल्ली - मतदान समाप्त होने के बाद मतदानयुक्त सभी ईवीएम और वीवीपैट को कड़ी सुरक्षा में निर्धारित स्ट्रांगरूम में लाया गया है, जिन्हें उम्मीदवारों और निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में दोहरे तालों से सील किया गया है। स्ट्रांगरूम के स्टोरेज और सीलिंग की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है। मतगणना पूरी होने तक लगातार सीसीटीवी कवरेज की जाएगी। प्रत्येक स्ट्रांगरूम की केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा 24 घंटे पहरेदारी की जा रही है। साथ ही उम्मीदवार अथवा उनके मनोनीत एजेंट 24 घंटे स्ट्रांगरूम में मौजूद हैं।


मतगणना के दिन उम्मीदवारों/एजेंटों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ स्ट्रांगरूमों को खोला जाएगा। ईवीएम की गणना करने से पहले मतगणना एजेंटों को पतों के टैग, सीलें और ईवीएम की क्रम संख्या दिखाई जाएगी ताकि उनके समक्ष वास्तविक मतदान में इस्तेमाल मशीन की सत्यता और प्रामाणिकता साबित की जा सके।


चुनाव की घोषणा होने के बाद से आयोग के साथ हुई 93 बैठकों में से अनेक में कई मौकों पर राजनीतिक दलों को प्रावधानों और प्रोटोकॉलों की जानकारी दे दी गई थी। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक बार फिर सलाह दी गई है कि वे मतगणना के विस्तृत प्रबंधों के बारे में उम्मीदवारों को जानकारी दें।


इस बात की सराहना की जा सकती है कि आयोग द्वारा जारी विस्तृत प्रशासनिक, सुरक्षा ढांचे और कार्यविधि संबंधी दिशानिर्देशों में सीएपीएफ के साथ-साथ 24 घंटे उम्मीदवारों की देखरेख में निर्धारित स्ट्रांगरूम में रखी गई मतदानयुक्त ईवीएम और वीवीपैट को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने अथवा उससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी।


मीडिया में इस्तेमाल किए गए क्लिप स्टोरेज अथवा इस्तेमाल नहीं की गई रिजर्व ईवीएम मशीनों को लाने ले जाने से संबंधित है। फिर भी रिजर्व ईवीएम को लाने ले जाने में किसी तरह की कोताही की पूरी तरह जांच की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मतगणना पूरी होने तक ईवीएम से जुड़ी किसी भी शिकायत से निपटने के लिए निर्वाचन सदन में एक ईवीएम नियंत्रण कक्ष 011- 23052123 काम करेगा। यह 22 मई सुबह 11 बजे से काम करने लगेगा।  


 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान