समाज की मुख्य धारा में लाने से अनेक ट्रांसजेंडर को लाभ पहुंचेगा


ट्रांसजेंडर समुदाय देश में सबसे अधिक सीमा पर खड़े समुदायों में से एक है क्योंकि यह समुदाय पुरूष और महिला जेंडर की घिसीपिटी श्रेणियों में कही फिट नही होता है। इन्हें सामाजिक बहिष्कार से लेकर भेदभाव, शिक्षा सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी, चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है


नयी दिल्ली -  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) विधेयक 2019 को प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह विधेयक संसद के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा। यह विधेयक इन व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए एक कार्य प्रणाली उपलब्ध कराता है।


इस विधेयक से हाशिए पर खड़े इस वर्ग के विरूद्ध लांछन, भेदभाव और दुर्व्यवहार कम होने और इन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने से अनेक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लाभ पहुंचेगा। इससे समग्रता को बढ़ावा मिलेगा और ट्रांसजेंडर व्यक्ति समाज के उपयोगी सदस्य बन जायेंगे।


ट्रांसजेंडर समुदाय देश में सबसे अधिक सीमा पर खड़े समुदायों में से एक है क्योंकि यह समुदाय पुरूष और महिला जेंडर की घिसीपिटी श्रेणियों में कही फिट नही होता है। इसके परिणामस्वरूप इन्हें सामाजिक बहिष्कार से लेकर भेदभाव, शिक्षा सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी, चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाएगा।


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