उत्तर प्रदेश में आंदोलनकारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए

नयी दिल्ली, आल इंडिया पीपुल्स फोरम उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लगातार जारी दमन और उत्पीड़न की कार्रवाईयों के क्रम में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोकतांत्रिक - प्रगतिशील ताकतों को बिना कारण रिकवरी नोटिस जारी किए जाने की कड़ी निन्दा करता है और मांग करता है कि इसे तत्काल वापस लिया जाए.



‌एआईपीएफ संयोजक गिरिजा पाठक ने कहा कि जब सीएए आंदोलन और उस संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंदोलनकारियों पर की गई कार्यवाही पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित है, तब कोर्ट द्वारा किसी निर्णय को दिए बगैर  इस तरह से रिकवरी नोटिस दिया जाना स्पष्टत: उत्पीड़न की कार्रवाई है और आंदोलनकारियों को इंसाफ से वंचित करने की कोशिश है. एआईपीएफ सचिवालय मांग करता है कि रिहाई मंच के अध्यक्ष और एआईपीएफ के उ.प्र.संयोजक मोहम्मद शोएब, स्वराज अभियान से जुड़े और पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी सहित विभिन्न आंदोलनकारियों को भेजे गए रिकवरी नोटिस वापस लिए जाए. 


यही नहीं कोविड-19 महामारी के दौर में भी जब आम जन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है योगी सरकार सीएए-एनसीआर विरोधी आंदोलनकारियों को लगातार निशाने पर लिया जा रहा है, यह लोकतंत्र के लिए चिंतनीय है जिसे सरकार को तत्काल रोका जाना चाहिए। एआईपीएफ ने मांग की है कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर यकीन करने वाले जन प्रतिनिधियों पर किसी तरह से राजकीय उत्पीड़न की पुनरावृत्ति न हो


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड