मिलेनियल्स ऐप से ट्रेडिंग करना क्यों पसंद कर रहे हैं

नयी दिल्ली - अचानक, पूरे भारत में मिलेनियल्स ने ट्रेडिंग शुरू कर दी है। इसके साथ ही सिक्योरिटी और कमोडिटी बाजार में हमारी मिलेनियल पीढ़ी की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। बाजार की अस्थिरता के समय भी इस ट्रेंड की वजह से हमारे बाजार रोज वॉल्युम के लिहाज से नई ऊंचाई छू रहे हैं। लेकिन मिलेनियल्स को अचानक ट्रेडिंग करने के लिए कौन प्रेरित कर रहा है? शायद, यह बदलाव अचानक नहीं है।



एम का जादूः मनी, मिलेनियल्स, और मोबाइल मिलेनियल्स का अपने पूर्वजों की तुलना में टेक्नोलॉजी की ओर झुकाव अधिक है। इस संबंध में उनकी निवेश की आदतें प्रतिबिंबित होना भी स्वाभाविक है। मोबाइल फोन शायद मुख्य कारण हैं कि बड़ी संख्या में मिलेनियल्स बाजार में शामिल हो रहे हैं। यह उन्हें लचीलेपन के साथ प्रासंगिक कॉल लेने के लिए रियल टाइम में स्टॉक टिप्स, रिसर्च और सलाह प्राप्त करने में सशक्त बना रहा है। अब भारत में एक्टिव वर्कफोर्स में 64% हिस्सेदारी मिलेनियल्स की है। वर्कफोर्स में उनकी धीरे-धीरे बढ़ती हिस्सेदारी शेयर बाजार में उनकी उच्च भागीदारी में और योगदान दे रही है।
स्मार्टफोनः प्रवेश की बाधाओं को हटाना और लचीलापन बढ़ाना  


आज स्मार्टफोन ने भारत में नियमित रिटेल निवेशकों के लिए प्रवेश की कई बाधाओं को समाप्त कर दिया है। उदाहरण के लिए, शेयर बाजारों के शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहने का एक प्रमुख कारण पहले पहुंच की चुनौती थी। एक आकांक्षी टियर -2/टियर -3 निवेशक को ट्रेडिंग फ्लोर पर दूसरों के साथ खड़े होने से पहले कई बाधाओं से गुजरना पड़ता था। दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन हासिल करने या घनचक्कर कर देने वाले कागजी कामकाज की पेचीदगियों का सामना भी करना पड़ता था। इस तरह की सभी चुनौतियों का समाधान स्मार्टफोन और टेक्नोलॉजी से संचालित प्रक्रियाओं से निकल आया है, जिससे अधिक निवेशक इक्विटी मार्केट का लाभ उठाने में सक्षम हुए है।


घटती लागत से फायदा भी बढ़ा  फुटफॉल बढ़ने से ब्रोकरेज फर्म भी इस लाभ को निवेशकों को देने में सक्षम हुई है। इस तरह के लाभ उनके ग्राहकों के लिए रियायती ब्रोकरेज चार्ज और फ्लैट चार्ज के रूप में आ रहे हैं। वे एक निवेशक को तुरंत निर्णय लेने और ब्रोकरेज चार्ज पर कम पैसे देने का अधिकार देते हैं। फ्लैट चार्ज के अलावा ब्रोकरेज चार्ज को काफी कम करके हाई वॉल्युम वाले ट्रेड्स में ओवरहेड्स को स्ट्रीमलाइन करता है।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स वर्तमान में इंडस्ट्री-लीडिंग कंपनियां मिलेनियल निवेशकों के लाभ को अधिकतम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। और, उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अल्ट्रा-मॉर्डन टेक्नोलॉजी तैनात की है। उदाहरण के लिए, आजकल, अग्रणी निवेश इंजन एक निवेश सलाह देने से पहले 1 बिलियन से अधिक डेटा बिंदुओं की गणना करते हैं। यह वरीयताओं सहित पर्सनलाइजेशन की हाई डिग्री को बनाए रखते हुए और व्यक्ति की जोखिम की भूख के अनुसार काम करता है। इस अप्रौच ने निवेशकों को बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में कई गुना रिटर्न का आनंद लेने में सक्षम बनाया है। पर्सनलाइजेशन और बेहतर कस्टमर सेटिस्फेक्शन का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रखा जाता है। 
ये मुख्य कारण हैं कि मिलेनियल्स अपने स्मार्टफोन के माध्यम से ट्रेड करना पसंद कर रहे हैं। ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म टियर 2 और 3 शहरों में अपने फुटप्रिंट का विस्तार कर रहे हैं। यह ट्रेंड शायद निकट भविष्य में बढ़ने ही वाला है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान