दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही से लाखो लीटर पेय जल रोज नाले के हवाले

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली - दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों एवम ठेकेदारों की लापरवाही से काफी दिनों से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहे है। वही उपवोक्ताओं को पीने का पानी नसीब नही हो रहा है। मधु विहार के सातों ब्लॉकों का जहां दो साल पहले सीवर की लाइन डाली हुई थी जिसमे सरकार ने करोड़ों रुपए लगाए है लेकिन वे कारगर नहीं है लिहाजा जहां तहां सीवर ओवर फ्लो होता रहता है। इस बीच जल बोर्ड द्वारा पुरानी लाइनें हटाकर नई लाइनें लगाने का कार्य चल रहा है जिसके अंतर्गत ठेकेदारों द्वारा कही कही पुरानी लाइनें हटाने के बाद उन्हें बंद नही किया गया है जिससे लाखों लीटर पीने का पानी रोज बरबाद हो रहा है।

 ए ब्लॉक गली न ६ व ७ ,सी वन ब्लॉक, सी ब्लॉक गली न एक जो अभी तक बदली नहीं गई है। ऐसे और कई जगह लाइन जोड़ने और काटने में गड़बड़ी की गई है जिससे लोग परेशान है क्योंकि पीने का पानी और सीवर के पानी निकलने से जहां लोगो के घरों में पानी भर जाता है वही दो फीट गढ्ढा खोदने पर जमीन से पानी निकल आता है।लोगों की शिकायत पर आरडब्ल्यूए मधु विहार के प्रधान रणबीर सिंह सोलंकी ने जल बोर्ड के अधिकारियों , 

सीइओ से लेकर मुख्य मंत्री एवम उपराज्यपाल से भी याचना कर चुके है लेकिन अभी भी मामला जस का तस बना हुआ है और इधर पानी की बरबादी जारी है। उन्होंने कहा कि काफी दिनों से लिखित रूप में कई बार वे अधिकारियों से इस मामले में निवेदन करते रहते है लेकिन संज्ञान लेने वाला कोई नही है। अब तो लोगों को घर से बाहर आना जाना भी मुश्किल हो रहा है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार के विरोध में IFWJ का ‘हल्ला बोल’ धरना

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा