सूडान से जयपुर पहुंचे राजस्थानियों का एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

 
० आशा पटेल ० 
जयपुर -सूडान से रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत मुंबई होते हुए 6 नाॅन रेजिडेंट राजस्थानी जयपुर एयरपोर्ट पर उतरे। रेस्क्यू किए हुए इन सभी राजस्थानियों को इनके गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर राज्य सरकार के जिला प्रशासन एवं राजस्थान फाउंडेशन द्वारा ली गई है।  इंडिगो की फ्लाइट से दशरथ सिंह, ओंकार सिंह, सिंह दशरथ, उत्तम सिंह राठौड़, हबीब खान और शबनम खान का जयपुर में स्वागत हुआ। विस्तारा की फ्लाइट से एक और राजस्थानी ओंकार लाल गोपावत उदयपुर पहंुचे।
राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव, जो रेजिडेंट कमिश्नर भी हैं, ने बताया की, “मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिंसा प्रभावित सूडान में राजस्थानियों की सुरक्षा और निकासी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए है। उनके प्रयासों के कारण ही हम विदेश मंत्रालय को प्रवासी राजस्थानियों के बारे में प्रामाणिक जानकारी देने वाले सर्वप्रथम राज्य बने। इसके साथ ही सूडान से लौटे सभी राजस्थानियों को चाहे वे फ्लाइट, बस या किसी अन्य प्रकार के परिवहन से यात्रा कर रहे हों, राज्य सरकार उनको उनके गंतव्य स्थान तक निःशुल्क पहुंचायेगी। सूडान से राजस्थानियों को सुरक्षित निकालने में हमारा प्रवासी परिवार भी काफी मददगार रहा है।

उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार 36 नाॅन रेजिडेंट राजस्थानी दिल्ली पहुंचे थे और उन्हें उनकी मातृभूमि पहुंचाने की व्यवस्था राजस्थान फाउंडेशन द्वारा की गई थी। ज्ञात रहें कि गृहयुद्ध के कारण सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए केन्द्रीय सरकार की ओर से चलाये जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन ‘ऑपरेशन कावेरी‘ के तहत राजस्थानियों को सुरक्षित निकालने का कार्य किया जा रहा है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान