डी2एल भारत के छात्रों, शिक्षकों और कंपनियों के लिए यूजीसी लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म प्रदान कर रही है

० योगेश भट्ट ० 
 नई दिल्ली: 
ब्राइटस्पेस पहले से ही दुनिया के अन्य देशों के एजुकेशन सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाले प्रीमियम लर्निंग प्लेटफॉर्म में से एक है। भारतीय ग्राहकों को बेहतर सपोर्ट देने के लिए ब्राइटस्पेस यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करता है। डी2एल के विस्तार से उन 40 से ज्यादा भारतीय कम्पनियों के लिए विकास के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी, जिन्होंने पहले ही इस अवार्ड विनिंग टेक्नोलॉजी को अपना लिया है।

ग्लोबल लर्निंग टेक्नोलॉजी कम्पनी ‘डी2एल’ ने भारत के प्रति अपने समर्पण को सुदृढ़ करते हुए डेवलपमेंट, सपोर्ट, ऑपरेशन, हायरिंग टैलेंट, और भारत में क्लाउड सॉल्यूशन की सुविधा को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की है। डी2एल भारत में डेवलपमेंट और सपोर्ट, लोकल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए निवेश करेगी। इसके अलावा कम्पनी भारत में अपनी एक यूनिट स्थापित करने की योजना में भी निवेश करेगी, जिससे एजुकेशन सेक्टर में डी2एल ब्राइटस्पेस का ज्यादा विस्तार करने में मदद मिलेगी। 

डी2एल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल) - इलियट गोवांस ने कहा, "हम भारतीय बाजार में प्रवेश करने को लेकर रोमांचित हैं क्योंकि हम बहुत समर्पित हैं हमारे मिशन की ओर जो मुख्य रूप से है शिक्षा के क्षेत्र में सीखने के अनुभव को बदलना ।उन्होंने आगे कहा, "हम लोकल ऑपरेशंस (स्थानीय संचालन) में अपने प्रत्यक्ष निवेश को बढ़ाकर भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहे हैं। हम भारत के छात्रों, शिक्षकों और भारत में अग्रणी कंपनियों को बेहतर बनाना चाहते हैं ताकि लर्निंग एक्सपीरियंस मोबाइल फ्रेंडली, पर्स्नालाइज्ड और आसान हो सके।"

डी2एल कम्पनी भारत में अपने लोकल ऑपरेशंस (स्थानीय परिचालन) को बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है। कम्पनी चाहती है कि क्षेत्रीय उपयोगकर्ताओं का विशेष ध्यान रखा जाए और उनकी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके ताकि प्रोडक्ट के विकास को गति दी जा सके और क्षेत्र में ब्राइटस्पेस के विकास और इसे अपनाने में मदद की जा सके। ब्राइटस्पेस यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 दिशानिर्देशों का पालन करता है। ब्राइटस्पेस में बहुत रिस्पॉन्सिव डिजाइन और साथ ही प्रमुख लर्निंग एक्टिवटी क्रिएशन और कोलैबोरेशन टूल्स, एडाप्टिव लर्निंग, आकलन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सवाल, वीडियो और ऑडियो फैसलिटी है। डी2एल का मानना है कि इससे सीखने की प्रक्रिया को ज्यादा सार्थक, सुलभ बनाया जा सकता है। इसके अलावा इससे भारत में लाखों लोगों के लिए सीखने की प्रक्रिया को आकर्षक बनाने में भी मदद मिल सकती है।

डी2एल के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश तलपड़े ने कहा, "भारत में कई संगठन हैं जिन्होंने पहले ही डी2एल ब्राइटस्पेस को अपनाया है, और वे यह अंतर देख रहे हैं कि कैसे ये प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट सीखने वालों के जीवन में क्या बदलाव ला रहा हैं। ब्राइटस्पेस में मोबाइल एक्सेसबिलिटी और कम्पेटिबिलिटी, आकर्षक कंटेंट, और शिक्षार्थियों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग के तरीके हैं। 

इन सब फैसिलिटी की मदद से सीखने वाले व्यक्ति को सीखने के स्थान और माध्यम के बारे में दोबारा नहीं सोचना पडता।  तलपड़े ने आगे बताया, "अपने वर्तमान और भविष्य के ग्राहकों और साझेदारों के साथ मिलकर हम भारत में सभी उम्र और क्षमता वाले लोगों के साथ मिलकर ज्यादा लर्नर्स (शिक्षार्थियों) को सशक्त बनाते हुए सर्वोत्तम लर्निंग अवसरों को प्रदान करेंगे।"

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