अमेज़न आधे ऑर्डर अब कम पैकेजिंग में भेजे जाते हैं या इनमें कोई पैकेजिंग नहीं जोड़ी जाती है

० आशा पटेल ० 
नयी दिल्ली । अमेज़न अब भारत में लगभग आधे ग्राहक ऑर्डर उसके फुलफिलमेंट नेटवर्क से उनकी मूल पैकेजिंग या कम पैकेजिंग के साथ में भेजे जाते हैं। मूल पैकेजिंग में अमेज़न की ओर से बस एक एड्रेस लेबल जोड़ा जाता है। पैकेजिंग को कम करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के अंग के रूप में, अमेज़न रियूज़ेबल क्रेट या कोर्यूगेटेड बॉक्स में एक से अधिक शिपमेंट की आपूर्ति कर, एकल शिपमेंट में अपनी पैकेजिंग जोड़ने से बचती है। अमेज़न अब ऐसी डिलीवरी भारत के 300 से अधिक शहरों में करती है, जिसकी शुरुआत 2019 में नौ शहरों से हुई थी। 
अमेज़न इंडिया के उपाध्यक्ष, परिचालन, अभिनव सिंह ने कहा,अमेज़न के भारतीय फुलफिलमेंट सेंटर से लगभग आधे ऑर्डर अब कम या बिना अतिरिक्त पैकेजिंग के ग्राहकों को भेजे जा रहे हैं। हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे और भारत में ग्राहकों के लिए पैकेजिंग की मात्रा को और कम करने का प्रयास करेंगे।'
अमेज़न भारत में ऑर्डर किए गए उत्पाद की श्रेणी, ग्राहक के स्थान और ऑर्डर द्वारा तय की गई दूरी के अनुसार ग्राहक के ऑर्डर का आकलन करने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करती है।
एल्गोरिदम तब यह निर्धारित करता है कि डिलीवरी को सुरक्षित रखने के लिए पैकेजिंग के जो उत्पाद अक्सर बिना किसी अतिरिक्त पैकेजिंग के भेजे जाते हैं उनमें तकनीकी सहायक उपकरण, होमवेयर, होम इम्प्रूवमेंट उत्पाद, जूते और लगेज आदि शामिल हैं। अपनी जलवायु प्रतिबद्धता के अंग के रूप में, अमेज़न का लक्ष्य है, 2040 तक नेट ज़ीरो कार्बन के स्तर तक पहुंचना। इस प्रतिज्ञा में 450 से अधिक संगठनों ने हस्ताक्षर किये, 

जिनमें नौ भारतीय कंपनियां - ब्लूपाइन एनर्जी, सीएसएम टेक्नोलॉजीज इंडिया, गोदी, ग्रीनको, एचसीएल, इंफोसिस , महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, टेक महिंद्रा, और यूपीएल शामिल हैं। अपने भागीदारों के साथ अपने भारतीय डिलीवरी फ्लीट में 6,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को तैनात करने का प्रयास किया है, जिनसे 400 से अधिक शहरों में डिलीवरी हो रही है।

अमेज़न एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र में समुदायों, जलवायु लचीलेपन और जैव विविधता का समर्थन करने के लिए प्रकृति-आधारित परियोजनाओं में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश भी कर रही है। इस फंड का पहला 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एपीएसी आवंटन, भारत में विभिन्न परियोजनाओं का समर्थन कर रहा है, जिनके ज़रिये कार्बन सिंक के निर्माण के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और आजीविका बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी घाट में इसकी पहली परियोजना के तहत 300,000 पेड़ लगाए जाएंगे।

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