उपराष्ट्रपति धनखड़ करेंगे नेशनल कॉन्फ्रेंस “प्रज्ञोत्सव" का उद्घाटन

० आशा पटेल ० 
जयपुर - सीए संस्थान की जयपुर शाखा द्वारा सीए सदस्यों के लिए दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस “प्रज्ञोत्सव - सिंथसाइजिंग दा प्रोफेशन”का आयोजन जयपुर में 15 व 16 अक्टूबर को किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया जायेगा। सीए प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष बोर्ड ऑफ इंटरनल ऑडिट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग ने बताया की यह कॉन्फ्रेंस “बोर्ड ऑफ़ इंटरनल ऑडिट एंड मैनेजमेंट एकाउंटिंग एवं डिजिटल एकाउंटिंग एंड अस्सूरेन्स बोर्ड, आईसीएआई के माध्यम से करवाई जा रही है। इस कांफ्रेंस में विख्यात वक्ताओ के साथ साथ प्रसिद्ध डॉक्टर नरेश त्रेहन स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे। 

उनका उद्देश्य उपस्थित सीए सदस्यों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक करना है, जिससे वे अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर संतुलन बना सकें, वही मोटिवेशनल सत्र में कवि कुमार विश्वास अपनी विचारधारा से उपस्थित लोगों को प्रेरित करेंगे। कांफ्रेंस के दौरान टैक्स की नई नीतियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर भी चर्चा करेंगे। 

इसमें टैक्सेशन के क्षेत्र में नए नियमों और नीतियों के प्रभावों के साथ-साथ AI द्वारा वित्तीय प्रक्रिया और अनुपालन में लाए गए बदलावों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए नवीन शर्मा और उपाध्यक्ष सीए विकास यादव ने बताया की इस कॉन्फ्रेंस में प्रसिद्ध गायक रविंद्र उपाध्याय भी अपनी संगीतमयी प्रस्तुति देंगे, जो इस कॉन्फ्रेंस को और भी खास बनाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में पुरे देश से लगभग 2500 सीए सदस्य भाग लेंगे ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास