मणिपाल यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग में लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर सेमिनार

० आशा पटेल ० 
जयपुर - मणिपाल यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग में लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर सेमिनार का आयोजन - राजस्थान विश्वविद्यालय महिला संस्था, रूवा जयपुर व मणिपाल यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में "लैंगिक संवेदनशीलता" विषय पर मणिपाल यूनिवर्सिटी में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें रूवा अध्यक्ष डॉ.शशीलता पुरी व उपाध्यक्ष प्रोफेसर बीना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को लैंगिक संवेदनशीलता एवं महिलाओं से जुड़े सामाजिक मानदंडों के संदर्भ में विचार व्यक्त किये। मणिपाल यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के निदेशक प्रोफेसर त्रिशु शर्मा ने सभी सदस्यों का स्वागत किया।
 रूवा अध्यक्ष डॉ. शशीलता पुरी ने उपस्थित सदस्यों को रूवा का परिचय देते हुए उसके द्वारा संचालित सभी प्रकोष्ठ के बारे में बताएं। रूवा उपाध्यक्ष प्रोफेसर बीना अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं के साथ भेदभाव प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हमारे समाज में व्याप्त है, जिसमें बदलाव की पहल युवाओं की ओर से होनी चाहिए। उनके द्वारा विद्यार्थियों को लैंगिक समझ से संबंधित प्रश्नावली भी दी गई। मनोविज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ विनीत कुमार और डॉ गीतिका द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया तथा लैंगिक भेदभाव पर अपने विचार व्यक्त किए।

 रूवा एकेडेमिक प्रकोस्ट की संयोजिका प्रोफेसर संगीता शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा महिलाओं से जुड़े लैंगिक मुद्दो पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी बात रखी। डॉक्टर गार्गी शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा अंत में रूवा द्वारा संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के पेम्पलेट वितरित किए गए

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास

नई जेनरेशन को मालूम ही नहीं,आज़ादी कैसे मिली