दुनिया में शांति,समानता और न्याय को बढ़ावा देने पर जोर

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्लीः यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी फार ग्लोबल पीस (यूएनयूजीपी, य़ूएसए) और द अमेरिकन यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में एम्पावर सोशल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस समारोह दिल्ली के कॉस्टीट्यूशन्स क्लब में आयोजित किया गया। इस समारोह में देश-विदेश से काफी संख्या में अतिथि एवं श्रोतागण मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूएनयूजीपी और एयूजीपी यूएसए के अध्यक्ष और मुख्य रेक्टर प्रोफेसर डॉ. मधु कृष्णन तथा सेशेल्स के सांस्कृतिक एंबेसडर दीपक सिंह मौंजूद थे। इन अतिथियों का स्वागत डॉ. सोमशेखर के, दीपक दे और डॉ. घनश्याम के ने किया।
 प्रो. डॉ. मधु कृष्णन ने आज की दुनिया में मानवाधिकारों के महत्व के बारे में विस्तार से बात की। सभी देशों में शांति, समानता और न्याय को बढ़ावा देने के लिए चल रहे वैश्विक प्रयासों पर प्रकाश डाला गया और इन मौलिक अधिकारों की रक्षा में वैश्विक शांति और सहयोग के महत्व पर जोर दिया। डॉ. कृष्णन ने वैश्विक शांति में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी फार ग्लोबल पीस की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि और शांति दूत का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान कई व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई और उन्हें शांति दूत नामित किया गया, जिनमें डॉ. शोनिथ भट्ट, डॉ. स्नेहा धोबले, डॉ. विजय कुमार पंडित, डॉ. राजेंद्र बोरकर, डॉ. विजय नायडू, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. दीपक कुमार और डॉ. रश्मि पांडे शामिल हैं।  कार्यक्रम के आयोजन में एम्पावर सोशल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट की महासचिव सोनाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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