देशज ज्ञान और आधुनिकता के समन्वय से आदिवासी युवा राष्ट्र विकास में दें योगदान : सांसद मंजू शर्मा
० आशा पटेल ०
जयपुर। माय भारत-नेहरू युवा केंद्र संगठन, जयपुर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 16 वा आदिवासी युवा आदान-प्रदान का उदघाटन विवेकानंद विश्वविद्यालय,जगतपुरा में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने माँ सरस्वती, भगवान बिरसा मुंडा एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंजू शर्मा,सांसद जयपुर शहर ने आदिवासी युवाओं की समृद्ध संस्कृति और आधुनिक सोच को एक साथ लेकर चलने पर जोर दिया।
जयपुर। माय भारत-नेहरू युवा केंद्र संगठन, जयपुर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 16 वा आदिवासी युवा आदान-प्रदान का उदघाटन विवेकानंद विश्वविद्यालय,जगतपुरा में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने माँ सरस्वती, भगवान बिरसा मुंडा एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंजू शर्मा,सांसद जयपुर शहर ने आदिवासी युवाओं की समृद्ध संस्कृति और आधुनिक सोच को एक साथ लेकर चलने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास में आदिवासी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है । उन्होंने युवाओं को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माय भारत पोर्टल द्वारा मिलने वाले अवसरों की सराहना की । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नेहरू युवा केंद्र संगठन, पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक, डॉ. भुवनेश जैन ने युवाओं को इस कार्यक्रम के महत्व के बारे में बताया। आदिवासी संस्कृति से सभी को जोड़ा और युवाओं को जयपुर में घर जैसा अनुभव मिलने का आश्वासन दिया ।
एस एस जोशी , सेवानिवृत्त , राज्यनिदेशक नेहरु युवा केंद्र ने युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया एवं राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में भाग लेने का आह्वाहन किया | विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित इंजिनियर ओंकार बगारिया ने युवाओं को शुभकामनाएं दीं। प्रोफेसर एन दी माथुर ने युवाओं को खेल , शिक्षा एवं नेतृतव कार्यों में समन्वय कर आगे बढने की प्रेरणा प्रदान की | कार्यक्रम के आयोजक कृष्ण लाल, राज्य निदेशक ,नेहरू युवा केंद्र ,राजस्थान ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बांसवाड़ा से वाग्धारा के जयेश जोशी ने आदिवासी युवाओं को जल, जंगल, जमीन के महत्व, जनजातीय क्षेत्र में कृषि की स्थिति, संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। जिज्ञासा मीणा , प्रोफेसर, राजस्थान विश्विद्यालय ने युवा सशक्तिकरण के अंतर्गत सांप्रदायिक संदर्भ में विभाजक बलों (क्षेत्रवाद, आतंकवाद, सांप्रदायिकता) द्वारा उत्पन्न खतरे और चुनौतियों एवं इन्हें रोकने में युवाओं की भूमिका पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया।कार्यक्रम में ओडिशा के कंधमाल से आई सांस्कृतिक टीम ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के अंत में एक युवा संसद का आयोजन किया गया, जिसका संचालन रामदयाल सेन ने किया। कार्यक्रम में चार जिलों के जिला युवा अधिकारी, जयपुर के कुमार मधुकर, गंगानगर के भूपेंद्र शेखावत, झुंझुनूं की मधु यादव एवं डूंगरपुर के प्रदीप कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम 31 जनवरी तक चलेगा जिसमें ओडिशा के कंधमाल, झारखंड के सिंहभूम पश्चिम, और छत्तीसगढ़ के कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर व सुकमा जिलों से आए 200 युवा भाग ले रहे हैं।
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