136वीं जयंती पर सीमांत गांधी को श्रद्धांजलि
जयपुर । दुर्गापुरा स्थित समग्र सेवा संघ के सभागार में खुदाई खिदमतगार स्वयंसेवकों की उपस्थिति में भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान की 136वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर खुदाई खिदमतगार के समन्वयक फैसल खान उपस्थित रहे। "नफरत के माहौल में सीमांत गांधी का प्रेम संदेश" विषय पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश से आए कृपाल ने किया। उन्होंने खान अब्दुल गफ्फार खान और उनकी अहिंसक क्रांति खुदाई खिदमतगार का परिचय देते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी साथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में भल्ला, अशद, मनीष तिवारी, ओवैस, परवेज, हर्ष, रिज़वान, चाँद, निहाल गांधी, आरिफ खान, समीरा, आरिफ और दीपक शामिल थे। सभी ने सीमांत गांधी के जीवन मूल्यों पर चर्चा की और वर्तमान समय में उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल खान अब्दुल गफ्फार खान को याद करना ही नहीं था, बल्कि उनके विचारों को समाज में प्रसारित करना भी था, ताकि प्रेम, अहिंसा और भाईचारे का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे।
राजस्थान के सर्वोदय नेता महिपाल ने शिक्षा प्रणाली में महान व्यक्तित्वों के परिचय की कमी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युवाओं को इन ऐतिहासिक हस्तियों के बारे में जानने की आवश्यकता है। इसके बाद रिज़वान ने मंच संभाला और साम्प्रदायिक सौहार्द्र पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सीमांत गांधी का जीवन प्रेम और अहिंसा का प्रतीक रहा। उनके बाद डॉ. मीनाक्षी ने भी खान साहब के योगदान पर विचार साझा किए।
इस अवसर पर समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी साथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में भल्ला, अशद, मनीष तिवारी, ओवैस, परवेज, हर्ष, रिज़वान, चाँद, निहाल गांधी, आरिफ खान, समीरा, आरिफ और दीपक शामिल थे। सभी ने सीमांत गांधी के जीवन मूल्यों पर चर्चा की और वर्तमान समय में उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल खान अब्दुल गफ्फार खान को याद करना ही नहीं था, बल्कि उनके विचारों को समाज में प्रसारित करना भी था, ताकि प्रेम, अहिंसा और भाईचारे का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे।


टिप्पणियाँ