अगले दो दशकों में भारत बनेगा 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था : पीयूष गोयल
नई दिल्ली | टाइम्स ग्रुप ET नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2025 में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ;भारत अगले दो दशकों में 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत के दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण को समझाते हुए कहा कि नवाचार, उद्यमशीलता और समावेशी विकास पर हमारा ध्यान इस सपने को हकीकत में बदलेगा। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और यह अनुमान से पहले ही संभव हो सकता है।
स्टार्टअप क्रांति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम का केंद्र बन चुका है, जहां 115 से अधिक यूनिकॉर्न और 1,60,000 से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप हैं। हमारे युवा उद्यमी व्यापार और टेक्नोलॉजी के मायने बदल रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि भारत असीमित संभावनाओं की धरती है। भारत में हो रहे बुनियादी ढांचे के बदलाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दशक में इसमें जबरदस्त वृद्धि हुई है। आधुनिक राजमार्ग, विश्व स्तरीय हवाई अड्डे, रेलवे नेटवर्क का विस्तार और शहरी मेट्रो सिस्टम, ये सभी भारत की अर्थव्यवस्था को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति की कहानी में महिलाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। एक दशक पहले कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 11% थी, जो आज बढ़कर लगभग 45-50% हो गई है। नारी शक्ति भारत के भविष्य को नया आकार दे रही है।
उन्होंने देश की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को इसकी वजह बताया। उन्होंने कहा, आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इस अस्थिर माहौल में स्थिरता का प्रतीक बना हुआ है। हमारे मजबूत आर्थिक आधार, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार और संतुलित चालू खाता घाटा हमारी इस मजबूती के सबूत हैं। भारत की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
इसका कारण मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार को दिया गया प्रोत्साहन और सरकार की समावेशी, महिला-नेतृत्व वाले विकास के प्रति प्रतिबद्धता है। भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, आज भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ बन चुका है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व आर्थिक नीतियों को दिशा दे रहा है। हमारा मजबूत औद्योगिक तंत्र और आत्मनिर्भर भारत की ओर हमारा लगातार बढ़ता कदम, देश को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बना रहा है।
स्टार्टअप क्रांति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम का केंद्र बन चुका है, जहां 115 से अधिक यूनिकॉर्न और 1,60,000 से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप हैं। हमारे युवा उद्यमी व्यापार और टेक्नोलॉजी के मायने बदल रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि भारत असीमित संभावनाओं की धरती है। भारत में हो रहे बुनियादी ढांचे के बदलाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दशक में इसमें जबरदस्त वृद्धि हुई है। आधुनिक राजमार्ग, विश्व स्तरीय हवाई अड्डे, रेलवे नेटवर्क का विस्तार और शहरी मेट्रो सिस्टम, ये सभी भारत की अर्थव्यवस्था को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति की कहानी में महिलाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। एक दशक पहले कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 11% थी, जो आज बढ़कर लगभग 45-50% हो गई है। नारी शक्ति भारत के भविष्य को नया आकार दे रही है।
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