सरकार ने अपनी पीठ थपथपाई किन्तु प्रदेश की जनता निराश : कांग्रेस

० संवाददाता द्वारा ० 
जयपुर। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार द्वारा राज्यपाल से पढ़वाये गये अभिभाषण में वर्णित तथ्य सत्य से परे हैं, धरातल पर उनका अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी पीठ थपथपाई किन्तु यह प्रदेश की जनता को निराश करने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार के ही केबिनेट मंत्री ने प्रदेश की भाजपा सरकार की पोल खोल दी और बीसलपुर में अवैध बजरी खनन के आरोप लगाये गये है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप साबित करते हैं कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है,

 ठोस कार्यवाही नहीं हो रही, बजरी व खनन माफिया हावी है और सरकार के मंत्रियों में भी आपस में किसी प्रकार का सामंजस्य नहीं है जो साबित करता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गुड गवर्नेंस देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी-पीकेसी को लेकर बातें कही गई, बांध बनने के दावे किए गए किन्तु सच्चाई यह है कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान जो 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर इस योजना में कार्य करवाएं गए और बांध बने। इस सरकार के शासन में इस कार्य के लिए कोई वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हुई। 

उन्होंने कहा कि राज्यपाल से यमुना जल समझौते की बात कहलवाई गई किन्तु 14 माह बाद भी कार्य के लिए डीपीआर नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि किसान को दिन में बिजली देने के दावे किए गए किन्तु वास्तविकता यह है कि वर्तमान सरकार पहली सरकार है जिसके शासन में किसानों को आवश्यकता पड़ने पर 6 घण्टे बिजली नहीं दी गई और औसतन 4 घण्टे भी बिजली किसानों को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा भाजपा द्वारा उठाया जाता है किन्तु वर्तमान सरकार के एक वर्ष के शासन में छोटे-छोटे पेपर लीक हुए है। हाल ही में बीएससी नर्सिंग का पेपर लीक हुआ, नीट का पेपर भले ही केन्द्र सरकार ने करवाया लेकिन राजस्थान में लीक हुआ।

 उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी परीक्षाएं सरकार नहीं करवा पा रही है वह बड़ी परीक्षाएं कैसे करवाएगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रकरण में बड़े मगरमच्छ पकड़ने के दावे भाजपा सरकार कर रही है और सभी पक्ष चाहते है कि बड़े अपराधी जो पेपर लीक मामलें में शामिल है, गिरफ्तार हो किन्तु आरपीएससी को भंग करने का दावा करने वाले भाजपा नेता सत्ता में आने के बाद आरपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के चेयरमेन और सदस्य भी नहीं नियुक्त कर रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार पेपर लीक नहीं होने का दावा कर रही है किन्तु सच्चाई यह है कि भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित नहीं हो रही है। 

उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक भर्तियां करने का दावा किया गया किन्तु वास्तविकता यह है कि वर्तमान शासन में जितनी भर्तियां हुई है वे सभी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में निकाली गई थी और प्रक्रियाधीन थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो भर्तियां निकालने की घोषणा की है उनमें अधिकांश सफाई कर्मचारी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की है उनमें भी अधिकांशतः संविदा पर लेने की जानकारी सामने आयी है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज से किया गया वादा भाजपा सरकार ने पूरा नहीं किया जबकि हजारों रुपये खर्च करवा कर उनके सर्टिफिकेट बने और उसकी जांच भी दोषियों को दण्ड देने के लिए नहीं करवायी गयी। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी यूरिया नहीं मिला। गौ-माता की बात करते हैं किन्तु गौशालाओं के लिए जो अनुदान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने दिया उसके समकक्ष वर्तमान सरकार अनुदान नहीं दे पा रही है।

 उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए बने जिले और संभाग निरस्त कर दिए उसके संदर्भ में कोई बात नहीं कही गई। उन्होंने कहा कि सरकार भरतपुर और बीकानेर में विकास प्राधिकरण गठित करने की बात कह रही है किन्तु वास्तविकता यह है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में जिला प्रमुख का चुनाव सरकार नहीं करवा पा रही है। उन्होंने कहा कि भरतपुर में अकारण जिला प्रमुख का चुनाव सरकार ने अटकाया है और अब वन स्टेट-वन इलेक्शन का भी जिक्र नहीं कर रहे है क्योंकि दिल्ली से आयी पर्ची के आधार पर राजस्थान सरकार काम कर रही है, इनका स्वयं का कोई विवेक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया है कि 11688 पट्टे वितरित किए गए जबकि सच्चाई यह है कि यह सभी पट्टे 31 मार्च, 2024 तक वितरित हुए पट्टे हैं 

जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में योजनाबद्ध तरीके से आदेशानुसार बंटे किन्तु उसके बाद सरकार ने शुल्क में कोई छूट नहीं दी और 1000 पट्टे भी नहीं बंटे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में सरकार ने छूट दी थी और 10 लाख पट्टे वितरित किए थे। उन्होंने कहा कि आज पट्टा लेने के लिए 8 गुणा तक अधिक शुल्क चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में 5 रुपये की दर से पट्टा दिया जा रहा था और आज आमजनता पर लाखों रुपये का बोझ पट्टा लेने के लिए इस सरकार ने डाला है। उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल से नैतिक शिक्षा की बात करवायी गयी लेकिन वर्तमान शिक्षा मंत्री के रहते नैतिकता और शिक्षा दोनों की ही उम्मीद प्रदेशवासी नहीं कर रहे क्योंकि इनके द्वारा लगातार अर्नगल बयानबाजी की जा रही है जो मर्यादाहीन है। 

उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा की बात करते है किन्तु बालिकाओं की स्कूलों पर सरकार ने ताला जड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 450 से अधिक स्कूल बंद कर दिए, छात्र-छात्राएं जोधपुर, भरतपुर, कोटा सहित अनेक स्थानों पर स्कूल बंद किए जाने पर धरना देकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे है। उन्होंने कहा कि 34 महाविद्यालय खोलने पर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 334 महाविद्यालय खोले थे। उन्होंने कहा कि 90 लाख लोगों को पेंशन देने का दावा सरकार कर रही है जबकि वास्तविकता यह है कि सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में यह सभी कार्य पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किए थे और कानून बनाया था कि प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की दर से पेंशन बढ़ेगी किन्तु वर्तमान भाजपा सरकार के शासन में 4 से 6 माह तक जरूरतमंदों को पेंशन नहीं मिल रही है।

 उन्होंने कहा कि लू से लोग मर गए किन्तु सरकार ने बिना पोस्टमार्टम करवाये अन्य कारणों से मृत्यु होना बता दिया और आज लू के दौरान सम्बल देने की बात कह कर भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ सबकी आस्थाओं और गौरव का विषय है किन्तु कल हुए दुःखद हादसे के बाद किस मुंह से भाजपा नेता कुम्भ प्रशासन की तारीफ कर रहे है। उन्होंने कहा कि कुम्भ में जाने वालों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है और दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों को केवल एक पर्ची दी जा रही है, मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है क्योंकि सरकार मुआवजा देने के बचना चाहती है। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश से गए हुए धार्मिक श्रद्धालु माताएं और बहनें कुम्भ में परेशान हो रहे है लौट नहीं पा रहे है, असुविधा और तकलीफ का सामना कर रहे है किन्तु उनकी पीड़ा को दूर करने का कोई कार्य राजस्थान सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 730 किमी. सड़क बनाने का दावा किया गया किन्तु इससे ज्यादा सड़कें तो एक विधानसभा क्षेत्र में ही कांग्रेस सरकार के शासन में बनती थी। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत करवाने का दावा किया गया जबकि वास्तविकता यह है कि वित्तीय स्वीकृति भले ही जारी हो गई हो लेकिन मरम्मत नहीं हुई और ना ही एक रुपया इस हेतु खर्च हुआ।

 उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर दावे किए गए निर्लज्जता के साथ केबिनेट ने कानून व्यवस्था बहुत शानदान होने का दावा महामहिम जी से के अभिभाषण में शामिल करवा दिया। जबकि आये दिन नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहे है किन्तु सरकार का कोई ध्यान नहीं है। केबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा खुद कह रहे है कि प्रदेश में माफिया हावी है और बीसलपुर से अवैध खनन हो रहा है हजारों करोड़ रुपये की अवैध बजरी निकाल कर बेची जा रही है, इसका जवाब मुख्यमंत्री नहीं दे रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी मोर्चों पर पूर्णतया विफल रही है।

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